Advertisement
3000 से ज्यादा शिकायतें, आम आदमी को नहीं मिल रहा GST का फायदा
GST रिफॉर्म से लोगों को राहत जरूर मिलनी चाहिए थी, लेकिन कुछ दुकानदारों की वजह से लोग फायदा नहीं उठा पा रहे हैं. सरकार अब एक्टिव हो गई है और टेक्नोलॉजी की मदद से पूरे सिस्टम को ट्रैक कर रही है.
Advertisement
GST Reforms: भारत सरकार ने हाल ही में GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है, जिसे GST रिफॉर्म कहा जा रहा है. इसके तहत अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब रह गए हैं, 5% और 18%. पहले की तरह 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब को हटा दिया गया है. इसके अलावा, रोजमर्रा की जरूरी चीजों को टैक्स फ्री कर दिया गया है और लग्जरी सामानों पर 40% टैक्स लगाया गया है. इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन आदि पर भी अब 28% की बजाय सिर्फ 18% टैक्स लिया जा रहा है. इससे ये सामान पहले से सस्ते हो गए हैं, जो आम लोगों के लिए राहत की बात है.
जनता को नहीं मिल रहा टैक्स कटौती का सीधा फायदा
हालांकि सरकार ने टैक्स घटा दिए हैं, लेकिन ग्राहकों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है. बहुत से रिटेल दुकानदार या विक्रेता टैक्स में हुई कटौती का फायदा खुद रख रहे हैं और उतना ही पैसा वसूल रहे हैं जितना पहले लेते थे. यानी सामान पर टैक्स कम हो गया है, लेकिन दुकानदार उसका रेट नहीं घटा रहे. इससे लोगों को ठगा हुआ महसूस हो रहा है.
Advertisement
3000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज
Advertisement
सरकार की नेशनल कंज़्यूमर हेल्पलाइन (NCH) को GST से जुड़ी अब तक करीब 3000 शिकायतें मिल चुकी हैं. इन शिकायतों में साफ कहा गया है कि दुकानदार टैक्स में कटौती का फायदा लोगों को नहीं दे रहे. इस जानकारी की पुष्टि उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने खुद की है.
सरकार की सख्ती और निगरानी
Advertisement
सरकार ने अब इस पूरे मामले पर कड़ी निगरानी रखना शुरू कर दिया है. जिन दुकानदारों के खिलाफ शिकायत मिल रही है, उनकी जानकारी CBIC (केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड) को भेजी जा रही है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके. इसके अलावा सरकार AI और चैटबॉट्स का भी सहारा ले रही है ताकि पता लगाया जा सके कि किस सेक्टर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी हो रही है।.
AI और तकनीक से शिकायतों की जांच
निधि खरे ने बताया कि सरकार अब तकनीक का इस्तेमाल करके यह जानने की कोशिश कर रही है कि कौन से दुकानदार या कंपनी टैक्स दरों को लेकर ग्राहकों को भ्रमित कर रही है या ज्यादा पैसा वसूल रही है. AI और चैटबॉट की मदद से तेजी से और सही जानकारी मिल रही है. इसके जरिए सरकार को यह समझने में मदद मिल रही है कि कहां-कहां सबसे ज्यादा गड़बड़ हो रही है.
Advertisement
क्या-क्या हुआ सस्ता?
अब 18% टैक्स स्लैब में आने वाले सामानों में शामिल हैं:
एयर कंडीशनर (AC)
रेफ्रिजरेटर
वॉशिंग मशीन
डिशवॉशर
बड़ी स्क्रीन वाली टीवी
पहले इन पर 28% टैक्स लगता था, लेकिन अब 18% हो गया है. इसलिए ये चीजें अब सस्ती हो चुकी हैं और मिडिल क्लास परिवार भी आसानी से इन्हें खरीद सकेंगे. वहीं मोबाइल और लैपटॉप पर अभी भी 18% टैक्स ही है.
Advertisement
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
यह भी पढ़ें
अगर आपको लगता है कि कोई दुकानदार टैक्स कटौती का फायदा नहीं दे रहा, तो आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सरकार अब इन शिकायतों को गंभीरता से ले रही है और दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
GST रिफॉर्म से लोगों को राहत जरूर मिलनी चाहिए थी, लेकिन कुछ दुकानदारों की वजह से लोग फायदा नहीं उठा पा रहे हैं. सरकार अब एक्टिव हो गई है और टेक्नोलॉजी की मदद से पूरे सिस्टम को ट्रैक कर रही है. अगर आप भी किसी तरह की गड़बड़ी देखते हैं, तो बेझिझक शिकायत करें ताकि आपको आपका हक मिल सके.