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अनिल अंबानी पर ED का बड़ा एक्शन, रिलायंस ग्रुप की 3,000 करोड़ की संपत्ति जब्त, जानिए क्या है मामला?
Reliance Group property Seized: यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने अनिल अंबानी पर कार्रवाई की हो. जुलाई से एजेंसी अंबानी, उनके करीबी सहयोगियों और ग्रुप की कंपनियों पर लगातार छापेमारी कर रही है.
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Anil Ambani: रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत ईडी ने अनिल अंबानी और उनके समूह की करीब 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर ली है. इन संपत्तियों में उनका मुंबई के पाली हिल स्थित घर, और रिलायंस कम्युनिकेशन व रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी कई संपत्तियां शामिल हैं. जब्त की गई संपत्तियों में दिल्ली, नोएडा, मुंबई, गोवा, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में स्थित फ्लैट, प्लॉट और ऑफिस शामिल हैं.
दिल्ली के होटल रणजीत वाला रिलायंस सेंटर भी जब्त
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में होटल रणजीत के पास स्थित रिलायंस सेंटर भी उन संपत्तियों में शामिल है जिन्हें ईडी ने सीज़ किया है. यह जगह करीब तीन एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैली है और इसे अनिल अंबानी का ऑफिस माना जाता है. ईडी की यह कार्रवाई 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैंक फंड की हेराफेरी से जुड़े एक बड़े मामले के तहत की गई है.
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क्या है पूरा मामला?
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- ईडी की जांच में यह आरोप लगाया गया है कि अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कुछ कंपनियों ने बैंकों से मिले फंड का गलत इस्तेमाल किया.
- इन पैसों को शेल कंपनियों और ग्रुप की अन्य कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, ताकि पैसों को अलग-अलग रास्तों से घुमाया जा सके.
- एजेंसी का कहना है कि यह फंड बाद में रिलायंस ग्रुप की अपनी कंपनियों के खातों में वापस पहुंच गया, जिससे यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है.
- सूत्रों के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में ईडी और भी संपत्तियों को जब्त कर सकती है.
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने अनिल अंबानी पर कार्रवाई की हो. जुलाई से एजेंसी अंबानी, उनके करीबी सहयोगियों और ग्रुप की कंपनियों पर लगातार छापेमारी कर रही है. ईडी ने मुंबई स्थित उनके घर पर भी रेड मारी थी. इसके बाद 5 अगस्त को उन्हें दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां उनसे कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए.
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जांच एजेंसी का कहना है कि फिलहाल मामला जांच के अधीन है. अगर ईडी को और सबूत मिलते हैं, तो आने वाले समय में रिलायंस ग्रुप की और संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक फंड की हेराफेरी जैसे गंभीर आर्थिक अपराधों पर सख्ती का संकेत देती है.