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अर्थव्यवस्था में दिखा सुधार, RBI ने GDP ग्रोथ बढ़ाकर 6.8% किया
RBI को भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छे संकेत मिल रहे हैं. ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया गया है और महंगाई घटने की उम्मीद है. हालांकि, वैश्विक हालात अभी भी अस्थिर हैं, इसलिए भारत को सोच-समझकर कदम उठाने होंगे.
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RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अगले वित्त वर्ष यानी 2025–26 (FY26) के लिए देश की आर्थिक विकास दर (GDP ग्रोथ) का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है. इसका मतलब है कि RBI को उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था पहले के मुकाबले थोड़ा तेज़ी से आगे बढ़ेगी। इसके अलावा, RBI ने बताया कि साल की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की ग्रोथ 6.4% रहने की संभावना है.
दुनिया की अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं. कुछ जगहों पर आर्थिक सुधार हो रहे हैं, तो कहीं हालत खराब भी है. इस अनिश्चित माहौल में भारत को समझदारी से कदम उठाने होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि भारत में GST (वस्तु एवं सेवा कर) की दरों में कटौती से सामान सस्ता हो सकता है, जिससे महंगाई कम होने में मदद मिलेगी. साथ ही, खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी गिरावट आ रही है, जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है.
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महंगाई में राहत के संकेत
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RBI का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई घट सकती है. अभी FY26 के लिए महंगाई दर का अनुमान पहले 3.1% था, जिसे अब घटाकर 2.6% कर दिया गया है. इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी नहीं होगी. RBI गवर्नर ने यह भी बताया कि कोर इन्फ्लेशन यानी ज़रूरी चीज़ों को छोड़कर बाकी चीज़ों की कीमतों में बदलाव अब 4.2% पर आ गया है. इससे यह साफ होता है कि अब अर्थव्यवस्था में कीमतों को लेकर ज़्यादा दबाव नहीं है.
रुपये और बाजार पर RBI की नज़र
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RBI गवर्नर ने कहा कि बैंक लगातार इस बात पर नज़र रख रहा है कि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कैसे चल रहा है. बाज़ार में जब भी बड़ा उतार-चढ़ाव होता है, तो इसका असर रुपये की कीमत पर भी पड़ता है. RBI इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है ताकि रुपये की स्थिति स्थिर बनी रहे. इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि हाल ही में CRR (Cash Reserve Ratio) में कटौती की गई है, जिससे बैंकों के पास ज़्यादा पैसा रहेगा. इससे बैंक आसानी से लोगों और कारोबारियों को लोन दे सकेंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
एशियन डेवलपमेंट बैंक ने क्यों घटाया अनुमान?
हाल ही में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने भारत की FY26 और FY27 की ग्रोथ दर का अनुमान थोड़ा कम कर दिया था. उन्होंने FY26 के लिए 0.1% और FY27 के लिए 0.2% की कटौती की। ADB का कहना है कि अमेरिका द्वारा टैरिफ (आयात कर) बढ़ाने और वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. इसीलिए, उन्होंने सलाह दी है कि भारत को अपनी आर्थिक नीतियों में सतर्क रहना चाहिए और निवेश को बढ़ावा देना चाहिए. उनका मानना है कि भारत की मज़बूत घरेलू मांग और निवेश की वजह से ही देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ सकती है.
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कुल मिलाकर, RBI को भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छे संकेत मिल रहे हैं. ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया गया है और महंगाई घटने की उम्मीद है. हालांकि, वैश्विक हालात अभी भी अस्थिर हैं, इसलिए भारत को सोच-समझकर कदम उठाने होंगे. निवेश, रोज़गार और घरेलू मांग को मज़बूत बनाए रखना ज़रूरी होगा ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनी रहे.