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बजट से पहले अर्थव्यवस्था को मिला मजबूत संकेत, ऑल टाइम हाई पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

आम बजट से पहले भारत को बड़ी आर्थिक राहत मिली है. आरबीआई के अनुसार 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 8.05 अरब डॉलर बढ़कर 709.41 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है.

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Budget 2026: देश का आम बजट एक फरवरी को पेश होने जा रहा है और इससे पहले आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 8.05 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 709.41 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर दर्ज किया गया है. यह खबर ऐसे समय में आई है, जब सरकार और आम जनता दोनों की निगाहें बजट से जुड़ी उम्मीदों पर टिकी हैं.

पिछले सप्ताह कितना था कुल भंडार?

अगर पिछले सप्ताह की बात करें, तो उस दौरान भी विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला था. तब कुल भंडार 14.16 अरब डॉलर बढ़कर 701.36 अरब डॉलर हो गया था. इससे पहले सितंबर 2024 में भारत का मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा था. हालांकि, बाद के महीनों में रुपये में तेज उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए आरबीआई को मुद्रा भंडार का उपयोग करना पड़ा, जिससे इस पर दबाव देखा गया. अब एक बार फिर भंडार का ऑल टाइम हाई पर पहुंचना अर्थव्यवस्था की मजबूती को बताता है.

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क्या है विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा 

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केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां होती हैं. 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में ये परिसंपत्तियां 2.36 अरब डॉलर बढ़कर 562.88 अरब डॉलर हो गईं. इन परिसंपत्तियों में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इन मुद्राओं के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी कुल विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों पर पड़ता है.

गोल्ड रिजर्व में भी हुई बढ़ोत्तरी

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इस दौरान गोल्ड रिजर्व में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. आरबीआई के अनुसार सप्ताह के दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य 5.63 अरब डॉलर बढ़कर 123.08 अरब डॉलर हो गया. यह साफ संकेत देता है कि भारत अपनी संपत्तियों में विविधता बनाए रखने पर लगातार जोर दे रहा है. इसके अलावा विशेष आहरण अधिकार यानी एसडीआर में 3.3 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह 18.73 अरब डॉलर पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 1.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.70 अरब डॉलर हो गई है. हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बीच रुपये की चाल ने चिंता भी बढ़ाई है. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया. कारोबार के अंत में इसमें हल्की मजबूती देखने को मिली और यह 91.97 पर बंद हुआ. दिन की शुरुआत में रुपया 91.89 पर खुला था और कारोबार के दौरान 91.82 तक मजबूत हुआ, लेकिन बाद में दबाव में आ गया.

बताते चलें कि बजट से पहले विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल टाइम हाई पर पहुंचना सरकार के लिए राहत भरी खबर है. यह न केवल वैश्विक निवेशकों में भरोसा बढ़ाता है, बल्कि आने वाले आर्थिक फैसलों के लिए भी मजबूत आधार तैयार करता है.

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