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GST कट के इंतज़ार में ठप पड़ा ऑटो बाजार! मारुति से टाटा तक सब परेशान, गाड़ियों की बिक्री पर लगा ब्रेक

Car Sales in August: इस मंदी का सबसे बड़ा कारण है जीएसटी स्लैब में बदलाव को लेकर लोगों की उम्मीद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के दिन ये ऐलान किया था कि आने वाले समय में जीएसटी को सरल बनाकर दो स्लैब में कर दिया जाएगा.

Source: Car Sale
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Car Sales in August: अगस्त 2025 में भारत में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है. देश की सबसे बड़ी कार कंपनियों जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हुंडई से लेकर महिंद्रा तक की बिक्री पर इसका साफ असर पड़ा है. यहां तक कि कुछ दिग्गज टू-व्हीलर कंपनियों की बिक्री भी या तो रुकी हुई दिखी या मामूली बढ़ी. इस मंदी का सबसे बड़ा कारण है जीएसटी स्लैब में बदलाव को लेकर लोगों की उम्मीद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के दिन ये ऐलान किया था कि आने वाले समय में जीएसटी को सरल बनाकर दो स्लैब में कर दिया जाएगा. इसके बाद से ही आम ग्राहकों ने अपनी खरीदारी को रोक दिया है, और दिवाली तक कीमतों में गिरावट की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

FADA की चेतावनी सच साबित होती दिख रही है

वाहनों के डीलर्स की संस्था FADA (Federation of Automobile Dealers Association) पहले ही सरकार को आगाह कर चुकी थी कि अगर जीएसटी सुधारों में देरी हुई तो त्योहारी सीजन की बिक्री बुरी तरह प्रभावित होगी. अब वही हो रहा है. ग्राहक सोच रहे हैं कि अगर थोड़ी देर रुकने पर उन्हें नई कार सस्ती मिल सकती है, तो क्यों न दिवाली तक इंतज़ार कर लिया जाए. FADA के मुताबिक, अगर सरकार जीएसटी रेट घटाती है, तो छोटी कारों पर कीमत में 7% से 8% तक की गिरावट आ सकती है, जो ग्राहकों के लिए बहुत फायदेमंद होगी.

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बिक्री के आंकड़े: चार महीने से लगातार गिर रही है गाड़ियों की डिमांड

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बिक्री के आंकड़े भी यही कहानी बयां कर रहे हैं. अगस्त 2025 में पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट में सालाना 7.3% की गिरावट दर्ज की गई. पिछले साल अगस्त में कुल 3,56,000 यूनिट वाहन बिके थे, जबकि इस साल ये घटकर 3,30,000 यूनिट पर आ गई है. ये लगातार चौथा महीना है जब गाड़ियों की बिक्री नीचे आई है. बाजार में अनिश्चितता साफ नजर आ रही है, और लोग सिर्फ इंतज़ार कर रहे हैं कि कब सरकार नई कीमतों का ऐलान करेगी.

कार कंपनियों की हालत: किसने कितना झेला नुकसान?

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मारुति सुजुकी
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने अगस्त 2025 में कुल 1,80,683 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल से कम हैं। खासकर घरेलू पैसेंजर वाहनों की बिक्री में 8% की गिरावट रही।

मिनी सेगमेंट (ऑल्टो, एस-प्रेसो): 6,853 यूनिट्स (पिछले साल 10,648 यूनिट्स से गिरावट)
कंपैक्ट कार (बलेनो, डिजायर आदि): 59,597 यूनिट्स (थोड़ी बढ़त)
SUV सेगमेंट (ब्रेज़ा, अर्टिगा आदि): 14% की गिरावट

हुंडई 

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हुंडई इंडिया की बिक्री भी प्रभावित हुई. अगस्त में कंपनी ने 60,501 यूनिट बेचीं, जो कि 4.23% की गिरावट दर्शाती है. घरेलू बिक्री में गिरावट तो रही लेकिन निर्यात थोड़ा बेहतर रहा.

महिंद्रा 

महिंद्रा की SUV बिक्री घरेलू स्तर पर 9% घटी और ये 39,399 यूनिट्स पर आ गई. हालांकि कमर्शियल और पैसेंजर व्हीकल को मिलाकर कंपनी ने 75,901 यूनिट्स बेचीं.

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टाटा मोटर्स: थोड़ी राहत, लेकिन चिंता कायम
टाटा मोटर्स ने अगस्त में 43,315 यूनिट पैसेंजर वाहन बेचे, जो पिछले साल से 3% कम है. घरेलू बिक्री में 7% गिरावट रही, लेकिन एक्सपोर्ट में जबरदस्त 573% की बढ़त ने थोड़ी राहत दी.

दोपहिया वाहनों: कुछ कंपनियों ने दिखाया दम

पैसेंजर कार सेगमेंट भले ही मंदा रहा हो, लेकिन टू-व्हीलर सेगमेंट ने थोड़ा राहत दी है.

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बजाज ऑटो: 12% की गिरावट (1,84,109 यूनिट्स)
TVS मोटर: 28% की ज़बरदस्त बढ़त (3,68,862 यूनिट्स)
रॉयल एनफील्ड: 57% की जबरदस्त छलांग (1,02,876 यूनिट्स)
हीरो मोटोकॉर्प: 8% की वृद्धि (5,53,727 यूनिट्स)
सुजुकी: 5% की बढ़त (91,629 यूनिट्स)

इन आंकड़ों से साफ है कि टू-व्हीलर सेगमेंट में ग्राहकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है, और आने वाले त्योहारी सीज़न में ये ट्रेंड और मज़बूत हो सकता है.

जीएसटी सुधारों ने थाम दी बाजार की रफ्तार

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अभी हालात यह हैं कि पूरा पैसेंजर कार मार्केट "इंतजार मोड" में है. ग्राहक चाहते हैं कि पहले सरकार जीएसटी स्लैब को सरल करे, फिर वे गाड़ी खरीदें. यदि वाकई सरकार छोटी कारों पर GST को 28% से घटाकर 18% करती है, तो कारों की कीमत में 50,000 रुपये तक की कटौती संभव है. यही वजह है कि लोग सोच-समझकर पैसा खर्च कर रहे हैं. वहीं, टू-व्हीलर कंपनियां थोड़ा राहत जरूर महसूस कर रही हैं, लेकिन त्योहारी सीजन की असली तस्वीर अक्टूबर-नवंबर में ही साफ होगी.

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