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ट्रंप की धमकी को एप्पल ने दिखाया ठेंगा तो हुआ बंपर फायदा, रॉकेट बना भारत से iPhone का निर्यात, 63% की बढ़ोतरी; जल्द चीन छूट जाएगा पीछे
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ लगाने की धमकियों और अमेरिका की संरक्षणवादी नीतियों का भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ा. इसके उलट, Apple और Foxconn जैसी कंपनियां भारत में निवेश और उत्पादन तेजी से बढ़ा रही हैं.भारत अब iPhone और दूसरे स्मार्टफोन्स के ग्लोबल उत्पादन और निर्यात का एक अहम केंद्र बन गया है.
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iphone: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की चेतावनी और अमेरिका-भारत के व्यापारिक संबंधों में उठे तनाव का भारत से एप्पल (Apple) के iPhone निर्यात पर कोई असर नहीं पड़ा. उल्टा, इस साल अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच भारत से iPhone का निर्यात 63% बढ़कर 7.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.6 अरब डॉलर था. यह दिखाता है कि Apple की सप्लाई चेन रणनीति पर ट्रंप की धमकियों का कोई असर नहीं पड़ा है. Apple अब भारत को सिर्फ एक उत्पादन केंद्र के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि इसे अपनी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का अहम हिस्सा बना चुका है. कंपनी चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत में लगातार निवेश बढ़ा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने और “मेड इन USA” एजेंडे के बावजूद, Apple भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग योजना को पूरी ताकत से आगे बढ़ा रहा है.
सिर्फ iPhone ही नहीं, स्मार्टफोन निर्यात में भी जबरदस्त बढ़ोतरी
iPhone के साथ-साथ भारत से कुल स्मार्टफोन निर्यात में भी ज़बरदस्त बढ़त देखने को मिली है. अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच स्मार्टफोन का कुल निर्यात 52% बढ़कर 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 6.4 अरब डॉलर था. वहीं, वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत से स्मार्टफोन निर्यात और भी ऊंचाई पर पहुंच गया. इस दौरान कुल निर्यात 58% बढ़कर 7.72 अरब डॉलर हो गया. इसमें से लगभग 6 अरब डॉलर के iPhone Apple ने अपने पार्टनर कंपनियों Foxconn, Pegatron और Wistron के ज़रिए निर्यात किए, जो पिछले साल की तुलना में 82% ज़्यादा है.यह साफ संकेत है कि भारत अब सिर्फ एक घरेलू बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए स्मार्टफोन का बड़ा उत्पादन और निर्यात केंद्र बन गया है और इस क्षेत्र में Apple सबसे आगे है.
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बेंगलुरु में Foxconn ने शुरू किया iPhone 17 का उत्पादन
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Apple की सबसे बड़ी सप्लाई पार्टनर कंपनी Foxconn ने भारत में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बेंगलुरु में बनी Foxconn की नई फैक्ट्री में iPhone 17 का उत्पादन शुरू हो चुका है. यह यूनिट चीन के बाहर Foxconn की दूसरी सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सुविधा है, जिसे लगभग 2.8 अरब डॉलर (करीब ₹25,000 करोड़) के निवेश से तैयार किया गया है. यह कदम केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें Apple चीन पर निर्भरता घटा रहा है. इस साल कंपनी को उम्मीद है कि वह भारत में 60 मिलियन यूनिट iPhone बनाएगी, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 35-40 मिलियन यूनिट था. 2024-25 में भारत में iPhone निर्माण में 60% की बढ़त देखी गई, जिसकी कुल कीमत करीब 22 अरब डॉलर आंकी गई है.
"भारत में बने iPhone अमेरिका में बिक रहे हैं" - टिम कुक
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Apple के CEO टिम कुक ने भी भारत की भूमिका को खुलकर सराहा है. जून 2025 में कंपनी के वित्तीय नतीजे घोषित करते हुए उन्होंने कहा कि "इस समय अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhone भारत में बने हैं." यह बयान भारत के लिए बहुत बड़ी बात है, क्योंकि अब अमेरिका जैसे बड़े बाज़ारों में भी “Made in India” प्रोडक्ट्स की धाक जम चुकी है.
'मेक इन इंडिया' को मिली नई रफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 133 अरब डॉलर पर
Apple की भारत में मैन्युफैक्चरिंग विस्तार ने सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल को भी मजबूत किया है. इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में देश की तरक्की का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2014-15 में जहां कुल उत्पादन 31 अरब डॉलर था, वो अब बढ़कर 2024-25 में 133 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
इतना ही नहीं, 2025-26 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी 47% बढ़ा है. यह भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की तेजी से बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
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भारत बना iPhone मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब
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