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टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में अंबानी नंबर-1, जानिए बाकी 9 नाम
Hurun की यह लिस्ट खासतौर पर पारिवारिक स्वामित्व वाले व्यवसायों के लिए तैयार की जाती है. इसमें उन्हीं कंपनियों को शामिल किया जाता है, जहां संस्थापक परिवार के सदस्य अब भी बिजनेस के संचालन में सक्रिय हैं या बोर्ड में शामिल हैं रैंकिंग इन कंपनियों की कुल वैल्यू के आधार पर होती है, और यह दिखाता है कि कौन से परिवार भारतीय अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं.
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Ambani Top Richest List: भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी और उनका परिवार एक बार फिर चर्चा में हैं. 2025 की Hurun India Most Valuable Family Businesses की रिपोर्ट में अंबानी परिवार का बिजनेस एक बार फिर नंबर-1 पर रहा है. ये लगातार दूसरा साल है जब रिलायंस ग्रुप इस लिस्ट में टॉप पर बना हुआ है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल वैल्यू अब 28.2 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो देश की GDP का करीब 12वां हिस्सा है.
रिलायंस एनर्जी से लेकर रिटेल और डिजिटल तक, हर सेक्टर में ताकत
मुकेश अंबानी की अगुवाई में रिलायंस इंडस्ट्रीज सिर्फ एक एनर्जी कंपनी नहीं रह गई है. आज ये रिटेल, टेलीकॉम, डिजिटल सर्विसेज और नई तकनीकों में भी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन चुकी है. इसकी शुरुआत 1957 में धीरूभाई अंबानी ने की थी, और आज उनकी दूसरी पीढ़ी इसे और आगे ले जा रही है.
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बिरला और जिंदल फैमिली ने भी बनाई मजबूत पकड़
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Hurun रिपोर्ट के अनुसार, बिरला परिवार इस बार दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. उनके बिजनेस की कुल वैल्यू 6.5 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले साल से 1.1 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है. वहीं जिंदल परिवार 5.7 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ तीसरे नंबर पर रहा है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि इन टॉप-3 फैमिली बिजनेस की कुल वैल्यू 40.4 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है, जो कि एक पूरे देश, यानी फिलीपींस की GDP के बराबर है.
अनिल अग्रवाल की वेदांता ने लगाई बड़ी छलांग
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इस साल लिस्ट में जो सबसे बड़ा सरप्राइज रहा, वो था अनिल अग्रवाल और उनकी वेदांता कंपनी की जबरदस्त छलांग. उनकी फैमिली अब 2.6 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ सीधे टॉप-10 में पहुंच गई है. ये ग्रुप अब 6 पायदान ऊपर चढ़कर नौवें स्थान पर आ गया है.
ये हैं टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस
अंबानी फैमिली (Reliance) – ₹28.2 लाख करोड़
बिरला फैमिली (Aditya Birla Group) – ₹6.5 लाख करोड़
जिंदल फैमिली (JSW Group) – ₹5.7 लाख करोड़
बजाज फैमिली – ₹5.6 लाख करोड़
महिंद्रा फैमिली – ₹5.4 लाख करोड़
नादर फैमिली (HCL Technologies) – ₹4.7 लाख करोड़
मुरुगप्पा फैमिली – ₹2.9 लाख करोड़
प्रेमजी फैमिली (Wipro) – ₹2.8 लाख करोड़
अनिल अग्रवाल फैमिली (Vedanta) – ₹2.6 लाख करोड़
एशियन पेंट्स के फाउंडर्स – दानी, चोकसी, वकील फैमिली – ₹2.2 लाख करोड़
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किस आधार पर होती है रैंकिंग?
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Hurun की यह लिस्ट खासतौर पर पारिवारिक स्वामित्व वाले व्यवसायों के लिए तैयार की जाती है. इसमें उन्हीं कंपनियों को शामिल किया जाता है, जहां संस्थापक परिवार के सदस्य अब भी बिजनेस के संचालन में सक्रिय हैं या बोर्ड में शामिल हैं रैंकिंग इन कंपनियों की कुल वैल्यू के आधार पर होती है, और यह दिखाता है कि कौन से परिवार भारतीय अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं.