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रेपो रेट में कटौती के बाद PNB, BOI और UCO Bank ने घटाईं लोन ब्याज दरें
RBI की इस बड़ी कटौती का मकसद है देश की आर्थिक रफ्तार को बनाए रखना और आम लोगों के खर्च की क्षमता को बढ़ाना. बैंकों द्वारा तुरंत की गई ब्याज दरों में कटौती इस बात का संकेत है कि लोन अब सस्ता हो रहा है. अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं या अपने मौजूदा लोन की शर्तें सुधारना चाहते हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.
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RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए रेपो रेट में 50 आधार अंकों (0.50%) की कटौती की है. इस कटौती के बाद रेपो रेट अब 6 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत हो गई है. इस कदम का उद्देश्य बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाना और लोगों को सस्ते दर पर ऋण (लोन) उपलब्ध कराना है.इसके अलावा, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कैश रिज़र्व रेश्यो (CRR) में भी 100 आधार अंकों की कटौती का ऐलान किया है. यह कटौती चार बराबर किस्तों में लागू होगी:
6 सितंबर
4 अक्टूबर
1 नवंबर
29 नवंबर
हर किस्त में 25 आधार अंकों की कटौती की जाएगी.
बैंकों ने भी लोन दरों में की कटौती
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आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती के तुरंत बाद देश के कई प्रमुख बैंकों ने अपने ग्राहकों को इसका लाभ देना शुरू कर दिया है. इससे होम लोन, पर्सनल लोन, और अन्य तरह के लोन लेना पहले की तुलना में सस्ता हो गया है. नीचे कुछ प्रमुख बैंकों द्वारा की गई कटौतियों का विवरण दिया गया है:
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पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
PNB ने अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.85% से घटाकर 8.35% कर दिया है.
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इस कटौती से PNB के ग्राहक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे.
हालांकि, बैंक ने अपनी बेस रेट और एमसीएलआर (MCLR) में कोई बदलाव नहीं किया है.
बैंक ऑफ इंडिया (BOI)
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बैंक ऑफ इंडिया ने भी रेपो-आधारित लेंडिंग रेट को 8.85% से घटाकर 8.35% कर दिया है
यह कटौती भी रेपो रेट से जुड़े लोन ग्राहकों को तुरंत राहत देगी.
MCLR में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.
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यूको बैंक (UCO Bank)
यूको बैंक ने रेपो आधारित रेट में बदलाव करने की बजाय अपने MCLR में 10 आधार अंकों की कटौती की है.
यह कटौती सभी लोन अवधियों के लिए लागू की गई है और 10 जून 2025 से प्रभावी होगी.
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बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB)
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी चुनिंदा लोन अवधियों के लिए अपनी रेपो-लिंक्ड ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की है.
इससे जुड़े विवरण बैंक अलग से घोषित करेगा, लेकिन यह कदम भी ग्राहकों के लिए राहतदायक साबित होगा.
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क्या होगा इसका सीधा असर?
इन सभी बदलावों का असर सीधे तौर पर होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन और एजुकेशन लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा. जिन ग्राहकों के लोन रेपो रेट या MCLR से जुड़े हैं, उन्हें आने वाले दिनों में EMI में राहत मिल सकती है. नए लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए यह समय बेहद अनुकूल हो सकता है क्योंकि उन्हें अब कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है.
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RBI की इस बड़ी कटौती का मकसद है देश की आर्थिक रफ्तार को बनाए रखना और आम लोगों के खर्च की क्षमता को बढ़ाना. बैंकों द्वारा तुरंत की गई ब्याज दरों में कटौती इस बात का संकेत है कि लोन अब सस्ता हो रहा है. अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं या अपने मौजूदा लोन की शर्तें सुधारना चाहते हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.