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ग्रेटर नोएडा के 554 परिवारों के हाथ लगी खुशियों की चाबी, 10 साल बाद मिला घर का मालिकाना हक

कार्यक्रम के दौरान 35 फ्लैट खरीदारों को उनके घरों की रजिस्ट्री दस्तावेज दिए गए. विधायक तेजपाल नागर और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने उन्हें ये कागजात सौंपे.

Image Source: Social Media
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Migsun Green Mansion Society: करीब 10 साल के लंबे इंतजार के बाद मिगसन ग्रीन मेंशन सोसायटी के निवासियों के चेहरे पर आखिरकार मुस्कान लौट आई. सूरजपुर साइट-सी स्थित इस सोसायटी में रहने वाले 554 परिवारों को अब अपने घरों का कानूनी मालिकाना हक मिल गया है. रविवार को सोसायटी में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसमें खरीदारों को उनके घरों की रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंपे गए. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के सीईओ मयूर माहेश्वरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

35 खरीदारों को सौंपे गए रजिस्ट्री दस्तावेज

कार्यक्रम के दौरान 35 फ्लैट खरीदारों को उनके घरों की रजिस्ट्री दस्तावेज दिए गए. विधायक तेजपाल नागर और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने उन्हें ये कागजात सौंपे. अधिकारियों ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में लगभग 200 और रजिस्ट्रियां पूरी कर ली जाएंगी. विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि, “जो लोग सालों से अपने घर के मालिक बनने का सपना देख रहे थे, आज उनका सपना सच हो गया. यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और मजबूत नेतृत्व का नतीजा है.”

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कब शुरू हुआ था प्रोजेक्ट और क्यों अटका?

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मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि यह परियोजना वर्ष 2011 में शुरू हुई थी और 2016 में इसका निर्माण पूरा हो गया था. लेकिन उस समय एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) 3.50 होने की वजह से नक्शा पास नहीं हो पाया था.  इसी वजह से रजिस्ट्री की प्रक्रिया अटक गई थी. अब बिल्डर ने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं, लंबित बकाया जमा कर दिया गया है, और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) भी जारी हो चुका है. इसके बाद खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू की गई.

यूपीसीडा और बिल्डर की भूमिका

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यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने कहा कि अन्य सोसायटियों में भी इसी तरह से रजिस्ट्री प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि सभी खरीदारों को मालिकाना हक मिल सके. वहीं, मिगसन ग्रुप के चेयरमैन सुनील मिगलानी ने कहा कि, “554 परिवारों को आखिरकार उनका हक मिल गया है. हमने प्राधिकरण के साथ मिलकर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कीं, ताकि रजिस्ट्री जल्द हो सके.” कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ एस.के. सिंह, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस., एसीईओ प्रेरणा सिंह, ओएसडी अभिषेक पाठक और जीएम एके सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

क्या बोले खुश निवासी?

रजिस्ट्री समारोह के दौरान खरीदारों की खुशी देखते ही बन रही थी. राम प्रवेश प्रसाद, निवासी ने कहा  “हम सालों से अपने घर के कागजात का इंतजार कर रहे थे. अब रजिस्ट्री मिलते ही हमें असली मालिक होने का अहसास हो रहा है.” हरनाम सिंह, निवासी बोले “पहले तो यकीन ही नहीं हुआ कि अब घर पूरी तरह हमारे नाम हो गया है. हम सरकार और प्राधिकरण के आभारी हैं.”

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उत्तर प्रदेश की तेजी से बढ़ती प्रगति

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस मौके पर राज्य की प्रगति पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. प्रदेश में कानून व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में बड़े सुधार हुए हैं. उन्होंने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 45% हिस्सा आज उत्तर प्रदेश में है, और गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह आंकड़ा 55% तक पहुंच जाएगा.

सरकार को मिला 70 लाख रुपये का राजस्व

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मिगसन ग्रीन मेंशन सोसायटी में हुई रजिस्ट्री प्रक्रिया के जरिए स्टांप विभाग को लगभग 70 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. यह दिखाता है कि जब लंबे समय से अटकी परियोजनाएं पूरी होती हैं, तो न सिर्फ खरीदारों को राहत मिलती है बल्कि सरकार को भी राजस्व का लाभ होता है.

खरीदारों की उम्मीदों को मिला हक

लगभग एक दशक से जिन परिवारों का सपना अधूरा था, वह अब पूरा हो गया है. यह सिर्फ एक रजिस्ट्री समारोह नहीं बल्कि सैकड़ों परिवारों के लिए नए जीवन की शुरुआत है. सरकार और प्राधिकरण के संयुक्त प्रयासों से अब इन घरों के मालिक सचमुच अपने घर में चैन की सांस ले सकते हैं.

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