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2.16 लाख करोड़ निवेश, 14 लाख से ज्यादा रोजगार, PLI स्कीम ने बदली औद्योगिक तस्वीर
PLI Scheme: अब तक 836 आवेदनों को विभिन्न सेक्टर्स से मंजूरी मिली है. इस बड़े निवेश के परिणामस्वरूप 14.39 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिससे यह योजना रोजगार सृजन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है.
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PLI Scheme: भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने देश के विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी है. 31 दिसंबर 2025 तक 14 प्रमुख क्षेत्रों में इस योजना के तहत कुल 2.16 लाख करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, अब तक 836 आवेदनों को विभिन्न सेक्टर्स से मंजूरी मिली है. इस बड़े निवेश के परिणामस्वरूप 14.39 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिससे यह योजना रोजगार सृजन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है.
उत्पादन और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि
PLI योजना के तहत स्थापित इकाइयों की कुल बिक्री 20.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही है. इसमें से 8.3 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया गया है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है. सरकार ने अब तक 28,748 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की है. यह योजना प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन पर आधारित है, जिसके चलते कंपनियां अधिक उत्पादन और निर्यात के लिए प्रेरित हुई हैं.
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इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में बड़ी सफलता
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PLI योजना का सबसे बड़ा प्रभाव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में देखने को मिला है. भारत अब मोबाइल फोन और आईटी हार्डवेयर उत्पादों जैसे लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर और ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा है। वित्त वर्ष 2020-21 के बाद से मोबाइल फोन के आयात में लगभग 77 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि घरेलू मांग का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब स्थानीय उत्पादन से पूरा किया जा रहा है.
औषधि और दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
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इस योजना के अंतर्गत 191 थोक औषधियों का पहली बार देश में उत्पादन शुरू हुआ है, जिससे करीब 1,785 करोड़ रुपये के आयात की भरपाई संभव हुई है. घरेलू मूल्यवर्धन बढ़कर 83.7 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि है. वहीं, दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों की बिक्री आधार वर्ष 2019-20 की तुलना में छह गुना से अधिक बढ़ी है और निर्यात 21,033 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
स्वदेशी तकनीक और नए सेक्टर्स में विस्तार
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा स्वदेशी एंड-टू-एंड 4जी तकनीक का सफल कार्यान्वयन है, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह क्षमता है. इसके अलावा, PLI योजना को ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र और उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल जैसे क्षेत्रों में भी लागू किया गया है.
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विनिर्माण आधार को मजबूत करने की दिशा में कदम
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सरकार ने 2020 में इस योजना को एक सुधारात्मक पहल के रूप में शुरू किया था, जिसका उद्देश्य भारत के विनिर्माण आधार को सशक्त बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना, वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना था। प्रदर्शन आधारित वित्तीय प्रोत्साहनों के जरिए यह योजना उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में प्रभावी साबित हो रही है।