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मार्च में ईपीएफओ से जुड़े 14.58 लाख नए सदस्य, युवाओं का रहा दबदबा

PFO के मार्च 2025 के आंकड़े ये दिखाते हैं कि संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. खासकर युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में संगठित वर्कफोर्स का हिस्सा बन रहे हैं. साथ ही, लोग अब PF अकाउंट को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं और पैसा निकालने की बजाय सेविंग को बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं.

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EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मार्च 2025 के लिए अपना ताज़ा पेरोल डेटा जारी किया है, जिसमें कुल 14.58 लाख नए सदस्यों की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है. यह पिछले साल मार्च 2024 की तुलना में 1.5% अधिक है. यह डेटा दिखाता है कि भारत में संगठित क्षेत्र में नौकरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग भविष्य निधि जैसे कर्मचारी लाभों के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहे हैं.

7.54 लाख नए लोग जुड़े, युवाओं का दिखा दबदबा

मार्च 2025 में करीब 7.54 लाख नए सदस्य EPFO से जुड़े, जो फरवरी 2025 की तुलना में 2.03% अधिक है. वहीं, पिछले साल मार्च 2024 की तुलना में यह 0.98% की बढ़त दिखाता है.इन नए सदस्यों में सबसे ज़्यादा योगदान 18 से 25 साल की उम्र वाले युवाओं का है.इस आयु वर्ग के 4.45 लाख लोग पहली बार EPFO से जुड़े, जो मार्च में जुड़ने वाले सभी नए सदस्यों का करीब 59% है. यह आंकड़ा फरवरी की तुलना में 4.21% और मार्च 2024 की तुलना में 4.73% ज़्यादा है.इससे साफ होता है कि बड़ी संख्या में युवा अब संगठित क्षेत्र की नौकरियों में आ रहे हैं, यानी ये अधिकतर लोग पहली बार नौकरी पाने वाले हैं.

पुराने सदस्य फिर से लौटे, भरोसे में दिखा इज़ाफा

मार्च 2025 में लगभग 13.23 लाख सदस्य, जो पहले EPFO से बाहर हो चुके थे, उन्होंने फिर से इसमें वापसी की. ये वे लोग हैं जिन्होंने अपनी नौकरी बदली और नई कंपनी में EPFO की सुविधा मिलने पर फिर से जुड़ गए. यह आंकड़ा फरवरी 2025 की तुलना में 0.39% अधिक और पिछले साल मार्च की तुलना में 12.17% ज़्यादा है. खास बात ये रही कि इन लोगों ने EPFO से पैसा निकालने की बजाय, अपना जमा पैसा एक खाते से दूसरे में ट्रांसफर करवाया, जो लंबे समय तक बचत और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है.

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महिला कर्मचारियों की भागीदारी भी बढ़ी

इस बार महिला सदस्यों की संख्या में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है. मार्च 2025 में करीब 2.08 लाख नई महिलाएं EPFO से जुड़ीं. यह फरवरी 2025 के मुकाबले 0.18% और मार्च 2024 की तुलना में 4.18% अधिक है.इसके साथ ही, मार्च 2025 में कुल 2.92 लाख महिला सदस्य EPFO में नए जुड़ाव या दोबारा जुड़ने के रूप में शामिल हुईं, जो साल दर साल 0.78% की बढ़त दिखाता है. यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि भारत का वर्कफोर्स अब और ज्यादा विविध और समावेशी हो रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी तेज़ी से बढ़ रही है.

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पांच राज्यों का प्रदर्शन सबसे अच्छा

पेरोल डेटा के राज्यवार विश्लेषण से पता चला है कि पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने मिलकर मार्च 2025 में शुद्ध रूप से करीब 8.70 लाख सदस्य EPFO में जोड़े. यह देशभर में हुई कुल वृद्धि का करीब 59.67% हिस्सा है. यह दिखाता है कि कुछ राज्य संगठित रोजगार के मामले में देश के बाकी हिस्सों से काफी आगे हैं.

संगठित क्षेत्र में बढ़ रही है नौकरियों की संख्या और कर्मचारियों का भरोसा

EPFO के मार्च 2025 के आंकड़े ये दिखाते हैं कि संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. खासकर युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में संगठित वर्कफोर्स का हिस्सा बन रहे हैं. साथ ही, लोग अब PF अकाउंट को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं और पैसा निकालने की बजाय सेविंग को बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं. यह एक मजबूत और सुरक्षित कर्मचारी भविष्य की दिशा में अहम कदम है.

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