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जलती चिताओं के बीच काशी में निभाई गई 382 साल पुरानी परंपरा, मणिकर्णिका घाट के नगरवधुओं ने दी नृत्यांजलि
धर्म नगरी काशी में चैत्र नवरात्र के सप्तमी की रात महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर लगभग पौने चार सौ साल पुरानी परंपरा बखूबी निभाई गई. यहां जलती चिताओं के बीच नगर वधुएं घुंघरुओं की झंकार के साथ बाबा मसान नाथ को नृत्यांजलि अर्पित की.
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