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115 महीनों में मिलेगा दोगुना पैसा, जानें किसान विकास पत्र में निवेश की प्रक्रिया

अगर आप इस योजना में ₹5 लाख का निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको ₹10 लाख मिलेंगे. यानी लगभग ₹5 लाख ब्याज के रूप में कमाई होगी वो भी 100% सरकारी गारंटी के साथ. इस स्कीम में पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं होता क्योंकि इसे सीधे सरकार द्वारा संचालित किया जाता है.

Image Credit: Money
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Kisan Vikas Patra Yojana: अगर आप ऐसा निवेश विकल्प ढूंढ रहे हैं जिसमें पैसा सुरक्षित भी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले, तो किसान विकास पत्र (KVP) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह योजना सरकार द्वारा चलाई जाती है और इसका उद्देश्य लोगों को जोखिममुक्त और स्थिर निवेश का मौका देना है. इसमें आप जितना भी पैसा लगाएं, वो एक तय समय के बाद दोगुना हो जाता है फिलहाल इस योजना में निवेश की मैच्योरिटी अवधि 115 महीने यानी करीब 9 साल 7 महीने है. इसका मतलब है कि अगर आप आज ₹1 लाख लगाते हैं, तो यह राशि करीब साढ़े 9 साल में ₹2 लाख हो जाएगी वो भी बिना किसी बाजार जोखिम के.....

पैसा डबल करने वाली स्कीम, वो भी पूरी सुरक्षा के साथ

बहुत से लोग चाहते हैं कि उन्हें ऐसा विकल्प मिले, जहां उनका पैसा दोगुना हो जाए लेकिन जोखिम के बिना. किसान विकास पत्र इसी सोच पर काम करता है. यह स्कीम पिछले 37 सालों से निवेशकों की पसंद बनी हुई है. खासतौर पर छोटे निवेशक, सीनियर सिटीजन और फिक्स्ड रिटर्न चाहने वाले लोग इसमें दिलचस्पी दिखाते हैं. इस स्कीम पर अभी 7.5% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कंपाउंडिंग के साथ हर साल आपके निवेश को तेजी से बढ़ाता है. यानी हर साल मिलने वाला ब्याज अगले साल के मूलधन में जुड़ जाता है और फिर उस पूरे अमाउंट पर ब्याज बनता है. यही वजह है कि पैसा तेज़ी से बढ़ता है.

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ये स्कीम सिर्फ किसानों के लिए नहीं, हर भारतीय निवेश कर सकता है

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नाम भले ही "किसान विकास पत्र" है, लेकिन यह योजना सिर्फ किसानों के लिए नहीं है. कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना में निवेश कर सकता है. इसमें निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, आप जितना चाहें उतना पैसा लगा सकते हैं. हालांकि कम से कम ₹1,000 का निवेश जरूरी है, जिससे ये स्कीम आम आदमी के लिए भी सुलभ और किफायती बन जाती है. सिंगल और जॉइंट दोनों तरह के अकाउंट इसमें खोले जा सकते हैं, और नाबालिग के नाम से भी निवेश किया जा सकता है, बशर्ते उसकी देखभाल कोई अभिभावक करे.

लॉक-इन पीरियड और मैच्योरिटी से जुड़ी जरूरी बातें

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इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 115 महीने यानी 9 साल 7 महीने होती है, लेकिन इसमें एक लॉक-इन पीरियड भी होता है. यानी शुरू में आपने जो पैसा लगाया है, उसे कम से कम ढाई साल (2 साल 6 महीने) तक नहीं निकाल सकते. उसके बाद जरूरत पड़ने पर पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन बेहतर होगा कि आप इसे पूरे समय के लिए चलने दें ताकि दोगुना रिटर्न मिल सके.

कैसे होता है पैसा डबल? 

मान लीजिए आपने ₹1 लाख इस योजना में निवेश किया. अब मौजूदा ब्याज दर के अनुसार (7.5% प्रति वर्ष), आपकी रकम 9 साल 5 महीने में दोगुनी होकर ₹2 लाख हो जाएगी. इसमें कंपाउंडिंग इंटरेस्ट का फायदा मिलता है यानी हर साल मिलने वाला ब्याज अगले साल के मूलधन में जुड़ जाता है.पहले साल के अंत में आपको ₹7,500 ब्याज मिलेगा, जिससे कुल रकम ₹1,07,500 हो जाएगी. अगले साल इसी बढ़ी हुई रकम पर ब्याज लगेगा, जिससे वह और बढ़ेगी. इसी तरह हर साल आपका पैसा बढ़ता जाएगा और मैच्योरिटी पर पूरे ₹2 लाख मिलेंगे.

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क्या इसमें टैक्स छूट मिलती है?

ध्यान रखें, किसान विकास पत्र में इनकम टैक्स की कोई छूट नहीं मिलती. यानी अगर आप टैक्स बचाने के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए नहीं है. लेकिन अगर आप सिर्फ एक सेफ और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो यह एक मजबूत विकल्प है.

बड़े निवेश पर भी डबल रिटर्न 

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अगर आप इस योजना में ₹5 लाख का निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको ₹10 लाख मिलेंगे. यानी लगभग ₹5 लाख ब्याज के रूप में कमाई होगी वो भी 100% सरकारी गारंटी के साथ. इस स्कीम में पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं होता क्योंकि इसे सीधे सरकार द्वारा संचालित किया जाता है.

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