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सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ हैं रूम फ्रेशनर के जहरीले केमिकल्स… WHO ने चेताया, कैंसर का कारक माना
घर और दफ्तरों को महकाने वाले रूम फ्रेशनर में मौजूद कैमिकल को कैंसर का कारण माना गया है. WHO ने इसे लेकर चेताया है और गंभीर बीमारियों का कारण माना है.
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घर और ऑफिस को महकाने वाले रूम फ्रेशनर बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. रूम की फ्रेशनेस बढ़ाने वाली खुशबू साइलेंट किलर भी बन सकती है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने खुशबुदार प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले फॉर्मेल्डिहाइड केमिकल से कैंसर की आशंका जताई है.
IARC के मुताबिक, सुगंधित प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल इनडोर एयर पॉल्यूशन बढ़ा देता है. यह बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों के लिए ज्यादा घातक माना गया है. रूम फ्रेशनर या सुगंधित कैंडल के ज्यादा इस्तेमाल से सांस संबंधी बीमारियां के बढ़ने की भी आशंका जताई गई है.
रूम फ्रेशनर से कैसे बढ़ता है इनडोर पॉल्यूशन?
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एयर फ्रेशनर या रूम फ्रेशनर घरों की सजावट का हिस्सा बन चुका है. दफ्तरों को महकाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. इन्ही सुगंधित प्रोडक्ट के चलते अंदर की हवा बाहर से भी ज्यादा प्रदूषित हो जाती है. वहीं, परफ्यूम, अगरबत्ती, रूम फ्रेशनर और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स में मौजूद तत्वों में खतरनाक केमिकल्स होते हैं. जो हवा में घुलकर ऑक्सीजन को जहरीला बना देते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं. WHO की IARC संस्था ने इस महकने वाले फॉर्मेल्डिहाइड केमिकल को कैंसर के कारक के रूप में लिस्टेड किया है.
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एक्सपर्ट का मानना है कि इन प्रोडक्ट के संपर्क में ज्यादा समय तक रहने से कई घातक बीमारियां जन्म ले सकती हैं. जैसे, एलर्जी, अस्थमा, हॉर्मोनल इम्बैलेंस और कैंसर का खतरा हो सकता है. इसका असर किडनी और नर्वस सिस्टम पर भी हो सकता है. वहीं, आंख, गले और फेफड़ों में जलन जैसी समस्या भी हो सकती है. एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि जितना हो सकें इन सुगंधित प्रोडक्ट के इस्तेमाल से बचना चाहिए. जितना हो सके नेचुरल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना चाहिए. हालांकि घर या ऑफिस में अगर वेंटिलेशन के पर्याप्त इंतजाम हैं तो इनडोर पॉल्यूशन को कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. इनडोर प्लांट भी इसमें मददगार हो सकते हैं और बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.