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टैक्सपेयर्स ध्यान दें! ITR के बाद रिफंड तभी मिलेगा जब होगा ई-वेरिफिकेशन

रिफंड मिलने की प्रक्रिया ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) से शुरू होती है. यानी आपने जब ITR फाइल किया, उसके बाद जब तक आप उसे ई-वेरिफाई नहीं करेंगे, तब तक रिफंड प्रोसेस आगे नहीं बढ़ेगी. इसलिए यह जरूरी है कि आप ITR फाइल करने के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन जरूर कर लें.

टैक्सपेयर्स ध्यान दें! ITR के बाद रिफंड तभी मिलेगा जब होगा ई-वेरिफिकेशन
Source: ITR
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ITR: जब भी कोई टैक्सपेयर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करता है, तो उसके बाद सबसे बड़ा सवाल उसके मन में यही होता है  "रिफंड कब आएगा?" दरअसल, रिफंड मिलने की प्रक्रिया ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) से शुरू होती है. यानी आपने जब ITR फाइल किया, उसके बाद जब तक आप उसे ई-वेरिफाई नहीं करेंगे, तब तक रिफंड प्रोसेस आगे नहीं बढ़ेगी. इसलिए यह जरूरी है कि आप ITR फाइल करने के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन जरूर कर लें.

 रिफंड आने में कितना वक्त लगता है?

आम तौर पर देखा गया है कि ई-वेरिफिकेशन हो जाने के बाद रिफंड आने में करीब 2 हफ्ते से लेकर 2 महीने तक का समय लग सकता है. यह समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने कौन-सा ITR फॉर्म भरा है:

ITR-1 भरने वालों को आमतौर पर 10 से 15 दिन में रिफंड मिल जाता है.
ITR-2 भरने वालों को रिफंड आने में 20 से 45 दिन लग सकते हैं.
ITR-3 वालों को थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है, लगभग 2 महीने तक.
अगर सब कुछ ठीक से भरा गया है और दस्तावेज़ों में कोई गड़बड़ी नहीं है, तो रिफंड समय पर आ जाता है.

रिफंड में देरी क्यों होती है?

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रिफंड लेट होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जिनमें सबसे आम हैं:

ई-वेरिफिकेशन समय पर न करना: अगर आपने ITR भरने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन नहीं किया है, तो रिटर्न मान्य नहीं माना जाता और रिफंड की प्रक्रिया रुक जाती है.
बैंक डिटेल्स में गलती: अगर आपने गलत अकाउंट नंबर, IFSC कोड या बैंक का नाम लिखा है, तो भी रिफंड फंस सकता है.
गलत जानकारी या दस्तावेज: अगर कोई जानकारी गलत भरी गई है, तो आपको रिवाइज्ड रिटर्न (दुबारा सही करके रिटर्न भरना) फाइल करना पड़ सकता है.
आईटीआर प्रोसेसिंग में देरी: कभी-कभी आयकर विभाग की तरफ से प्रोसेसिंग में भी थोड़ा वक्त लग सकता है, खासकर जब टैक्सपेयर्स की संख्या ज्यादा हो.
इसलिए सबसे जरूरी बात यह है कि ITR सही तरीके से और ध्यान से भरें, और तुरंत ई-वेरिफाई करें ताकि रिफंड में कोई देरी न हो.

रिफंड न मिले तो क्या करें?

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अगर आपने ई-वेरिफिकेशन कर लिया है और काफी समय बीतने के बाद भी रिफंड नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप नीचे दिए गए तरीकों से संपर्क कर सकते हैं:

इनकम टैक्स हेल्पलाइन नंबर: 1800-103-4455 पर कॉल करें. यह टोल फ्री नंबर है, जहां आप अपनी समस्या बता सकते हैं.

ईमेल से संपर्क: आप अपना पैन नंबर और बाकी डिटेल्स के साथ मेल करें -  ask@incometax.gov.in
इन दोनों तरीकों से आप अपने रिफंड की स्थिति के बारे में जानकारी ले सकते हैं.

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ITR फाइल करने के 30 दिनों के अंदर ई-वेरिफिकेशन जरूर करें.
  • बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड और नाम सही-सही भरें.
  • अगर गलती हो गई हो तो रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करें.
  • रिफंड में देरी हो तो कॉल या ईमेल करके जानकारी लें.

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