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11 जुलाई से बदले नियम, FASTag का गलत इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, NHAI ने उठाया बड़ा कदम

फास्टैग ने भारत में टोल भुगतान को डिजिटल और आसान बना दिया है. लेकिन कुछ गलत आदतें जैसे ‘लूज फास्टैग’ सिस्टम को धीमा कर रही थीं. NHAI का ये कदम टोल चोरी रोकने, ट्रैफिक कम करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक अहम कदम है. आने वाले समय में मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम और डिजिटल टोलिंग को सफल बनाने के लिए यह नियम बेहद ज़रूरी है.

11 जुलाई से बदले नियम, FASTag का गलत इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, NHAI ने उठाया बड़ा कदम
Image Credit: FasTag
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FASTag New Rules: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल प्लाजा पर हो रहे फास्टैग के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए नया नियम लागू कर दिया है. अब अगर कोई वाहन चालक फास्टैग को गाड़ी की विंडशील्ड पर ठीक से नहीं चिपकाता और हाथ में पकड़कर या डैशबोर्ड पर रखकर स्कैन कराता है, तो उसका फास्टैग सीधा ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. यह नियम 11 जुलाई 2025 से पूरे देश में लागू हो चुका है और इसका मकसद टोल सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी और तेज़ बनाना है.

क्यों लिया गया यह फैसला?

NHAI के अनुसार, बहुत से लोग जानबूझकर फास्टैग को गाड़ी पर नहीं लगाते ताकि एक ही टैग को कई गाड़ियों में इस्तेमाल कर सकें। इससे टोल कलेक्शन में कई तरह की समस्याएं आती हैं:

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1. स्कैनिंग में देरी होती है
2. गलत तरीके से टोल वसूली होती है या चार्जबैक की शिकायतें आती हैं
3. ट्रैफिक जाम बढ़ता है
4. टोल सिस्टम धोखा खाने लगता है
5. इसलिए अब फास्टैग को सही जगह पर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है.

क्या है नया नियम?

विंडशील्ड पर न लगे टैग = ब्लैकलिस्ट, अगर आपका फास्टैग ठीक से चिपका नहीं है, तो टोल कर्मचारी उसे रिपोर्ट करेंगे और वह टैग तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा.

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एक गाड़ी के लिए सिर्फ एक फास्टैग - अब एक ही टैग को कई गाड़ियों में इस्तेमाल करना गैरकानूनी है.

KYC जरूरी - सभी टैग यूज़र्स को बैंक या वॉलेट में केवाईसी (KYC) पूरी करनी होगी.

लंबे समय तक निष्क्रिय टैग पर कार्रवाई - 30 दिन से ज्यादा निष्क्रिय रहने वाले टैग को भी ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है.

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अगर टैग ब्लैकलिस्ट हो गया तो क्या होगा?

टोल प्लाजा पर रोक: ब्लैकलिस्ट टैग के साथ फास्टैग एक्सक्लूसिव लेन में एंट्री नहीं मिलेगी.

नकद भुगतान करना पड़ेगा: आपको टोल कैश में चुकाना होगा (जहां यह सुविधा हो).

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नया टैग लेना या दोबारा एक्टिवेशन: इसके लिए बैंक या वॉलेट सेवा प्रदाता से संपर्क करना पड़ेगा.

कानूनी कार्रवाई: बार-बार गलती करने पर आगे चलकर कानूनन सज़ा मिल सकती है.

वाहन चालकों को क्या करना चाहिए?

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1. फास्टैग को हमेशा अपनी गाड़ी की विंडशील्ड पर ठीक से चिपकाएं
2. हाथ में लेकर स्कैन कराना बंद करें
3. बैलेंस और टैग की वैधता समय-समय पर चेक करें
4. ऑटो रिचार्ज सेट करें ताकि सफर के समय टैग एक्टिव रहे

क्यों है यह कदम ज़रूरी?

फास्टैग ने भारत में टोल भुगतान को डिजिटल और आसान बना दिया है. लेकिन कुछ गलत आदतें जैसे ‘लूज फास्टैग’ सिस्टम को धीमा कर रही थीं. NHAI का ये कदम टोल चोरी रोकने, ट्रैफिक कम करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक अहम कदम है. आने वाले समय में मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम और डिजिटल टोलिंग को सफल बनाने के लिए यह नियम बेहद ज़रूरी है.

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