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मसूरी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, प्रशासन ने भीड़ और ट्रैफिक से निपटने के लिए उठाया कदम
भीड़भाड़ और ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जो 30 जुलाई 2025 से प्रभावी हो चुका है.
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Registration is Mandatory for Mussoorie Trip: उत्तराखंड की खूबसूरत हिल स्टेशन मसूरी, जिसे प्यार से "क्वीन ऑफ हिल्स" कहा जाता है, अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बनने जा रही है. भीड़भाड़ और ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जो 30 जुलाई 2025 से प्रभावी हो चुका है.
क्यों लागू किया गया यह नियम?
मसूरी में गर्मियों की छुट्टियों, सर्दियों की छुट्टियों और लंबे वीकेंड्स के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे मौकों पर शहर में भारी ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था देखने को मिलती है.उत्तराखंड सरकार के पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल ने बताया कि सरकार अब मसूरी की वहन क्षमता (carrying capacity) का अध्ययन कर रही है. इसके लिए जरूरी है कि यह पता लगाया जाए कि एक समय पर शहर में कितने पर्यटक मौजूद हैं. इसलिए सरकार ने अब पर्यटकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे वास्तविक डेटा मिल सके और भीड़ नियंत्रण में रहे.
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क्या-क्या किए गए हैं इंतजाम?
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1. शहर के तीन एंट्री पॉइंट्स किमाड़ी, केंप्टी फॉल और कुठाल गेट पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं.
2. इन कैमरों के ज़रिए हर वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन और रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक कंट्रोल में मदद मिलेगी.
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3. इस सिस्टम से यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि रजिस्ट्रेशन किसने कराया है और कौन बिना रजिस्ट्रेशन के आया है.
रजिस्ट्रेशन कैसे और कहां करें?
पर्यटकों को अब मसूरी आने से पहले एक आसान ऑनलाइन प्रक्रिया के ज़रिए खुद को रजिस्टर करना होगा। इसके लिए बनाया गया है खास पोर्टल: registrationtouristcare.uk.gov.in
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इस पोर्टल पर जाकर आपको ये जानकारियाँ देनी होंगी:
1. अपना आधार कार्ड नंबर
2. आपका वाहन नंबर (टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर)
3. किस शहर से आ रहे हैं, यह विवरण
4. हालांकि शुरुआत में यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह अनिवार्य (compulsory) नहीं है, लेकिन भविष्य में यह सख्ती से लागू किया जा सकता है.
होटल और होमस्टे को क्या करना होगा?
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1. जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पांडे ने बताया कि मसूरी में चल रहे सभी होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस और अन्य पर्यटन सुविधाओं को अब खुद को पहले पोर्टल पर पंजीकृत (register) करना होगा.
2. इसके बाद, जब भी कोई पर्यटक उनके यहां चेक-इन करेगा, उन्हें उसकी जानकारी भी पोर्टल पर भरनी होगी.
3. इससे प्रशासन को रियल टाइम में पर्यटकों की संख्या का डेटा मिलेगा और शहर में अचानक भीड़ से बचा जा सकेगा.
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NGT का आदेश बना इस कदम की वजह
दरअसल, मई 2025 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने उत्तराखंड सरकार को निर्देश दिया था कि पर्यटकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाए और इसके आंकड़े नियमित रूप से जमा किए जाएं. NGT ने मसूरी जैसे हिल स्टेशनों पर बढ़ते पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए यह सख्त कदम उठाने के लिए कहा था.
क्यों जरूरी था ये फैसला?
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1. रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो चुकी है.
2. इस तेज़ी से बढ़ती भीड़ को संभालना स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था.
3. इसलिए यह निर्णय लिया गया कि तकनीक की मदद से भीड़ को मैनेज किया जाए और पर्यावरणीय संतुलन को बचाया जाए.
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अब क्या करना चाहिए पर्यटकों को?
अगर आप मसूरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा शुरू करने से पहले:
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1. पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन जरूर करें.
2. अपनी यात्रा की जानकारी और दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें.
3. अगर आप किसी होटल में रुक रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि होटल ने आपका रजिस्ट्रेशन कराया है.
4. नया सिस्टम शुरुआत में लचीला (Flexible) है, लेकिन आने वाले समय में यह अनिवार्य हो सकता है. अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचते हैं, तो आपको एंट्री में दिक्कत हो सकती है.