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Punishment For Selling Banned Manjha: चाइनीज मांझा बेचने पर 5 साल की जेल और लाखों का जुर्माना!
चाइनीज मांझा केवल कानून के हिसाब से गलत नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी खतरनाक है. हर साल इसके कारण कई निर्दोष लोग और पशु-पक्षी जान गंवाते हैं। जरूरी है कि हम खुद भी जागरूक रहें और दूसरों को भी इसके खिलाफ सतर्क करें. पतंगबाजी का आनंद लें, लेकिन बिना किसी की जान जोखिम में डाले. क्योंकि एक डोर अगर हथियार बन जाए, तो खेल की जगह मातम छा सकता है.
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Chinese Manjha: पतंगबाजी एक मनोरंजक खेल है, लेकिन जब इसमें चाइनीस मांझे का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह खेल जानलेवा साबित हो सकता है। चाइनीज मांझा बेहद धारदार और मजबूत होता है, जो साधारण सूती मांझे की तुलना में कई गुना ज्यादा खतरनाक होता है। यह मांझा प्लास्टिक, नायलॉन और कांच के पाउडर की कोटिंग से तैयार किया जाता है, जो इसे धारदार बना देती है। यही वजह है कि यह डोर अब सिर्फ पतंग उड़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक खतरनाक हथियार बन चुकी है.
कैसे चाइनीज मांझा बनता है हादसों का कारण?
चाइनीज मांझा इतनी तेज धार वाला होता है कि यह किसी के गले या शरीर से टकराने पर गहरे कट लगा सकता है. कई बार यह घाव इतने गंभीर होते हैं कि लोगों की जान तक चली जाती है। खासकर बाइक सवारों के लिए यह मांझा बेहद खतरनाक साबित हुआ है. चलती बाइक के सामने अचानक यह मांझा आ जाए तो गले पर तेज कट लगने से जानलेवा चोट हो सकती है.
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सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, यह मांझा पक्षियों के लिए भी जान का खतरा बन चुका है. उड़ते पक्षी जब इस मांझे की चपेट में आ जाते हैं, तो उनके पंख कट जाते हैं या वे सीधे जमीन पर गिर जाते हैं. इसके अलावा, यह मांझा बिजली की तारों से उलझकर शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी घटनाओं को भी जन्म देता है।
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सरकार का सख्त रुख और चाइनीज मांझे पर बैन
इन तमाम खतरों को देखते हुए सरकार ने चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम 1986 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत इसे गैरकानूनी घोषित किया गया है. यह मांझा न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है.
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इसके बावजूद जारी है अवैध बिक्री
सरकार और प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ दुकानदार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अब भी चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है. कुछ लोग इसे छुपाकर बेचते हैं तो कुछ इसे देसी मांझे में मिक्स करके ग्राहकों को गुमराह करते हैं. हालांकि प्रशासन इस पर लगातार नजर रख रहा है और समय-समय पर छापेमारी करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी कर रहा है.
पकड़े जाने पर क्या होती है सजा?
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अगर कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज होता है। इस जुर्म के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है और उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाता है. कई मामलों में तो आरोपी को जमानत भी नहीं मिलती.
कुछ गंभीर मामलों में जहां मांझे के कारण किसी की जान गई हो या गंभीर चोट आई हो, वहां दोषी को गैर इरादतन हत्या (IPC 304A) या लापरवाही से जान जोखिम में डालने (IPC 336/337/338) जैसे संगीन आरोपों का सामना करना पड़ सकता है. दुकानों को सील करना, भारी जुर्माना लगाना और जेल भेजना. ये सभी कानूनी प्रावधान ऐसे मामलों में लागू किए जाते हैं.
क्या है सजा और जुर्माना?
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चाइनीज मांझा बेचने या उपयोग करने पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 5 साल तक की जेल हो सकती है. लेकिन अगर इस मांझे से किसी की मौत होती है या कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है. ऐसी स्थिति में सजा और भी लंबी हो सकती है और कोर्ट आरोपी को कठोर सजा देने का अधिकार रखता है.
जागरूक बनें, दूसरों को भी सतर्क करें
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चाइनीज मांझा केवल कानून के हिसाब से गलत नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी खतरनाक है. हर साल इसके कारण कई निर्दोष लोग और पशु-पक्षी जान गंवाते हैं। जरूरी है कि हम खुद भी जागरूक रहें और दूसरों को भी इसके खिलाफ सतर्क करें. पतंगबाजी का आनंद लें, लेकिन बिना किसी की जान जोखिम में डाले. क्योंकि एक डोर अगर हथियार बन जाए, तो खेल की जगह मातम छा सकता है.