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अब इतने हजार की चोरी पर नहीं होगी FIR दर्ज! जानिए पुलिस का नया नियम
चोरी से जुड़े मामलों में एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब सिर्फ एक तय रकम से ज्यादा की चोरी होने पर ही पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी.
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Bharatiya Nyaya Sanhita: अगर आपके घर या दुकान से कोई छोटी चोरी हो जाए, और आप पुलिस के पास शिकायत लेकर जाएं, तो अब जरूरी नहीं कि पुलिस उस पर तुरंत FIR दर्ज करे या कार्रवाई शुरू करे. हाल ही में चोरी से जुड़े मामलों में एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब सिर्फ एक तय रकम से ज्यादा की चोरी होने पर ही पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी. यह बदलाव न्यायिक प्रक्रिया को हल्का करने और पुलिस को गंभीर अपराधों पर ज्यादा फोकस देने के मकसद से किया गया है.
कितने रुपये की चोरी पर नहीं होगी कार्रवाई?
नए नियम के अनुसार अगर चोरी की रकम 5,000 रुपये से कम है, तो उस पर पुलिस की ओर से तुरंत FIR दर्ज नहीं की जाएगी और न ही उस पर जांच शुरू की जाएगी. यानी अगर किसी का मोबाइल, कपड़े, छोटा इलेक्ट्रॉनिक सामान या कुछ नकदी चोरी हो जाती है और उसकी कीमत 5,000 से कम है, तो पुलिस इसे "गैर-संज्ञेय अपराध" (Non-Cognizable Offence) मानेगी. ऐसे मामलों में पुलिस सिर्फ एक जनरल डायरी में एंट्री करेगी, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और न ही बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के जांच की जाएगी.
क्यों लाया गया ये नियम?
इस नियम के पीछे सरकार और कानून व्यवस्था से जुड़े विभागों का तर्क है कि पुलिस का बोझ कम किया जाए और छोटी-मोटी शिकायतों में समय और संसाधनों की बर्बादी रोकी जाए. देशभर में रोजाना हजारों की संख्या में ऐसे मामूली चोरी के मामले सामने आते हैं, जिनमें ज्यादा जांच की जरूरत नहीं होती. पुलिस इन मामलों में उलझकर गंभीर अपराधों की जांच में पिछड़ जाती है. इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
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लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली
जहां एक ओर कुछ लोग इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे पुलिस गंभीर मामलों पर बेहतर काम कर पाएगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता की चिंता भी सामने आ रही है. उनका कहना है कि अगर 4-5 हजार की चीज चोरी हो जाती है और पुलिस कुछ नहीं करती, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे। इससे चोरी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि चोरों को पता रहेगा कि छोटे मामलों में सज़ा नहीं मिलेग.
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कानून का मकसद प्रक्रिया में सुधार, लेकिन लोगों की सुरक्षा भी जरूरी
यह नया नियम कानून व्यवस्था को आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक कदम हो सकता है, लेकिन यह भी जरूरी है कि आम आदमी का भरोसा पुलिस व्यवस्था पर बना रहे. छोटे मामलों में भी शिकायत को गंभीरता से लेना और कम से कम साक्ष्य सुरक्षित रखना पुलिस की ज़िम्मेदारी बनी रहनी चाहिए. सरकार को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि इस नियम का दुरुपयोग न हो और हर व्यक्ति को न्याय मिलने की उम्मीद बनी रहे.