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न आयुष्मान कार्ड, न सरकारी दवाखाना—फिर भी मिल रहा है मुफ्त इलाज, कैसे?
भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना देशभर के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है. हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को अपने राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया है.
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Ayushman Yojana: पश्चिम बंगाल उन कुछ राज्यों में शामिल है, जहां आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) पूरी तरह से लागू नहीं है. भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना देशभर के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है. हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को अपने राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया है. इसके पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक कारण हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि राज्य सरकार ने अपनी खुद की स्वास्थ्य योजना चला रखी है, जिसके जरिए लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है.
क्यों नहीं मिलता आयुष्मान भारत योजना का लाभ पश्चिम बंगाल में?
2019 में पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से हाथ खींच लिया था. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना था कि राज्य की अपनी योजना – 'स्वास्थ्य साथी' – पहले से बेहतर ढंग से काम कर रही है और केंद्र इस योजना में राज्य सरकार को पर्याप्त श्रेय नहीं देता है.
तो फिर कैसे होता है मुफ्त इलाज पश्चिम बंगाल में?
हालांकि आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं है, लेकिन राज्य सरकार ने अपनी योजना – ‘स्वास्थ्य साथी’ (Swasthya Sathi) – के तहत सभी परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी है. इस योजना का दायरा भी बहुत बड़ा है और यह लगभग उसी तरह से काम करती है जैसे आयुष्मान भारत योजना.
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स्वास्थ्य साथी योजना – क्या है और कैसे काम करती है?
1. सभी के लिए – कोई आर्थिक या सामाजिक वर्गीकरण नहीं
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स्वास्थ्य साथी योजना राज्य के सभी परिवारों के लिए उपलब्ध है, चाहे वे बीपीएल हों या एपीएल. योजना का लाभ पाने के लिए सिर्फ राज्य का निवासी होना जरूरी है.
2. प्रति परिवार ₹5 लाख तक का हेल्थ कवरेज
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इस योजना के तहत हर परिवार को ₹5 लाख तक का सालाना कैशलेस इलाज मिलता है. इलाज की सुविधा राज्य और निजी अस्पतालों में दी जाती है जो इस योजना के पैनल में शामिल हैं.
3. स्मार्ट कार्ड के जरिए कैशलेस इलाज
हर लाभार्थी परिवार को एक स्वास्थ्य साथी स्मार्ट कार्ड दिया जाता है. इस कार्ड से कोई भी अस्पताल में भर्ती होकर बिना पैसे दिए इलाज करवा सकता है.
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4. महिला को प्रमुख लाभार्थी बनाया गया
इस योजना के तहत परिवार की महिला सदस्य को कार्ड होल्डर बनाया जाता है ताकि महिलाओं को घर में निर्णय लेने का अधिकार और सम्मान मिले.
किन अस्पतालों में होता है इलाज?
1. पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों में तो यह योजना स्वाभाविक रूप से लागू है.
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2. इसके अलावा सैकड़ों प्राइवेट अस्पताल भी इस योजना से जुड़े हुए हैं, जहां स्मार्ट कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज संभव है.
3. लाभार्थी अस्पताल में एडमिशन के समय कार्ड दिखाकर सीधा इलाज करवा सकते हैं.
योजना में क्या-क्या इलाज शामिल है?
स्वास्थ्य साथी योजना में लगभग हर प्रमुख बीमारी और इलाज कवर होता है:
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दिल की सर्जरी
कैंसर का इलाज
किडनी डायलिसिस
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प्रसव और ऑपरेशन
एक्सिडेंट केस
न्यूरो सर्जरी
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ऑर्थोपेडिक और आंखों की सर्जरी आदि
स्वास्थ्य साथी कार्ड कैसे बनवाएं?
1. नजदीकी सरकारी अस्पताल या BDO कार्यालय में संपर्क करें
2. आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ आवेदन करें
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3. योजना में नाम आने के बाद स्मार्ट कार्ड बनता है
4. कार्ड मिलने के बाद आप योजना के अंतर्गत अस्पतालों में इलाज करवा सकते हैं
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हालांकि पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं है, लेकिन राज्य सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना ने इस कमी को भरने का काम किया है. यह योजना भी व्यापक है और लोगों को बिना खर्च के बेहतर इलाज उपलब्ध कराती है. यह कहना गलत नहीं होगा कि पश्चिम बंगाल ने अपनी नीतियों के अनुसार एक मजबूत और स्वतंत्र हेल्थकेयर सिस्टम खड़ा किया है.