×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दूध के दाम में उबाल! आज से अमूल का हर घूंट पड़ेगा महंगा...जानें कितनी बढ़ी कीमत

मदर डेयरी के बाद अब अमूल ने भी दूध पीने वालों को झटका दे दिया है। 1 मई से अमूल के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई क्षेत्रों में यह नई दरें लागू होंगी। अमूल की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पहले ही रोजमर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ रहे हैं और आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।

दूध के दाम में उबाल! आज से अमूल का हर घूंट पड़ेगा महंगा...जानें कितनी बढ़ी कीमत
Google
Advertisement

Amul Milk Price: मदर डेयरी के बाद अब अमूल ने भी दूध पीने वालों को झटका दे दिया है. 1 मई से अमूल के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली-एनसीआर समेत कई क्षेत्रों में यह नई दरें लागू होंगी. अमूल की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पहले ही रोजमर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ रहे हैं और आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है. अब घर का बजट और ज्यादा खिंच जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना दूध का उपयोग करते हैं.

कौन-सा दूध कितना महंगा हुआ?

इस बार अमूल ने अपने लगभग सभी दूध के प्रकारों की कीमतों में इजाफा किया है. नीचे एक-एक करके बताया गया है कि अब आपको कौन-सा दूध कितने रुपये में मिलेगा:

टनड दूध (थोक):

Advertisement

पहले मिल रहा था 54 रुपये प्रति लीटर, अब मिलेगा 56 रुपये प्रति लीटर में.

फुल क्रीम दूध (पाउच):

इसकी कीमत 68 रुपये से बढ़ाकर 69 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.

टनड दूध (पाउच):

पहले 56 रुपये में मिलता था, अब इसकी कीमत 57 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

Advertisement

डबल टोंड दूध:

पहले 49 रुपये में मिलता था, अब बढ़कर 51 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

गाय का दूध:

जो पहले 57 रुपये प्रति लीटर था, अब उसकी कीमत 59 रुपये हो गई है.

दाम बढ़ने की वजह क्या है?

अमूल ने कीमतें बढ़ाने की वजह बताई है कि दूध उत्पादन की लागत में इजाफा हुआ है. पशुओं के चारे की लागत, ट्रांसपोर्ट, बिजली, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग जैसे खर्चे बढ़े हैं. साथ ही, कंपनी किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम देने के लिए भी यह फैसला ले रही है. अमूल के अनुसार, वह किसानों को बिक्री मूल्य का 80-83% हिस्सा सीधे देती है

Advertisement

ग्राहकों की जेब पर सीधा असर

दूध एक ऐसी चीज है जो हर घर में रोजाना इस्तेमाल होती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और चाय पीने वालों के लिए. ऐसे में दूध के दामों में 1-2 रुपये की भी बढ़ोतरी महीने के अंत में 50 से 200 रुपये तक का फर्क डाल सकती है. यानी अब बजट को दोबारा देखने की जरूरत है.

महंगाई की मार से आम आदमी बेहाल

पहले पेट्रोल, सब्ज़ियां और दालें महंगी हुईं, अब दूध भी जेब हल्की कर रहा है. "महंगाई डायन खायी जात है" अब केवल एक कहावत नहीं, बल्कि आम जनता की सच्चाई बनती जा रही है. ऐसे में ज़रूरत है कि सरकार और कंपनियां आम जनता के हित में संतुलन बनाए रखें ताकि जरूरी चीज़ों की कीमतें काबू में रहें.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें