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Kanwar Yatra 2025: बस बटन दबाओ… अफसर दौड़े चले आएंगे! कांवड़ियों के लिए लॉन्च हुआ दमदार फूड सेफ्टी ऐप!
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य को लेकर इस बार खास ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर तकनीक और निगरानी दोनों का प्रयोग किया जा रहा है ताकि यात्रा न केवल सुरक्षित हो बल्कि स्वस्थ और सुसंगठित भी रहे. "फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप" एक ऐसा कदम है जो कांवड़ियों को सशक्त बनाएगा और उन्हें स्वच्छ भोजन दिलाने की दिशा में प्रभावी साबित होगा.
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Kanwar Yatra 2025: सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर से लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं. इस वर्ष 11 जुलाई 2025 से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो रही है और इस बार यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां पहले से कहीं ज्यादा व्यापक और सख्त हैं. खासतौर पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर इस बार अलग स्तर की सतर्कता बरती जा रही है.
कांवड़ियों के भोजन पर रहेगी कड़ी नजर
हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान ढाबों, होटलों और शिविरों में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इस बार खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने इन व्यवस्थाओं को लेकर काफी सख्ती दिखाई है. अब हर ढाबे, होटल और रेस्टोरेंट को खुद की पहचान और लाइसेंस की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी.
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हर खाने-पीने की जगह पर रेट लिस्ट और लाइसेंस रजिस्ट्रेशन नंबर लगाना अनिवार्य किया गया है. यदि कोई व्यापारी अपनी पहचान छुपाता है या बिना लाइसेंस के कार्य करता पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, जहां ज़रूरत पड़ी, वहां फूड सैंपल की टेस्टिंग और निरीक्षण भी किया जाएगा.
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पहली बार लॉन्च हुआ "फूड सेफ्टी कनेक्ट" ऐप
इस बार की सबसे बड़ी पहल है खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया "Food Safety Connect" मोबाइल ऐप. यह ऐप खासतौर पर कांवड़ियों की मदद के लिए तैयार किया गया है ताकि वे यात्रा के दौरान अगर कहीं खराब भोजन, गंदगी या गुणवत्ता में कमी पाते हैं, तो तुरंत अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकें.
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ऐप की खास बात यह है कि शिकायत सीधे विभाग की टीम तक सेकेंड्स में पहुंच जाएगी, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी. इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है और हर होटल/ढाबे पर इसका QR कोड डिस्प्ले किया जाएगा ताकि स्कैन कर शिकायत दर्ज की जा सके.
केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन की अनुमति
इस बार यात्रा मार्ग में स्थित होटलों, ढाबों और शिविरों में केवल शाकाहारी (Vegan/Vegetarian) भोजन ही परोसे जाने की अनुमति दी गई है. नॉन-वेज खाने की पूरी तरह से मनाही होगी. फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी स्वच्छता और शुद्धता की जांच के लिए नियमित तौर पर निरीक्षण करेंगे.
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ताजे फल, सब्जियों और साफ पानी का प्रयोग करने की सलाह दी गई है. साथ ही, शिविरों को भी निर्देशित किया गया है कि वे भोजन बनाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें.
आम लोग भी कर सकेंगे शिकायत
खास बात यह है कि "फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप" सिर्फ कांवड़ियों के लिए नहीं, बल्कि कोई भी आम नागरिक इसका उपयोग कर सकता है. अगर किसी को यात्रा मार्ग में खाने की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत होती है, तो वह भी तुरंत शिकायत दर्ज करा सकता है.
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मेरठ मंडल के असिस्टेंट कमिश्नर विष्णुकांत वर्मा और Designated Officer दीपक सिंह ने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य को लेकर इस बार खास ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर तकनीक और निगरानी दोनों का प्रयोग किया जा रहा है ताकि यात्रा न केवल सुरक्षित हो बल्कि स्वस्थ और सुसंगठित भी रहे. "फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप" एक ऐसा कदम है जो कांवड़ियों को सशक्त बनाएगा और उन्हें स्वच्छ भोजन दिलाने की दिशा में प्रभावी साबित होगा.