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ITR Refund नहीं आया? जानिए कैसे करें Refund Reissue की ऑनलाइन रिक्वेस्ट
ITR: अगर आपका ITR रिफंड नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. पहले स्टेटस चेक करें, अगर रिफंड फेल हुआ है तो ऑनलाइन ही Refund Reissue Request डालें.
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ITR Refund: हर साल जब लोग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं, तो उन्हें सबसे ज्यादा जिस चीज का इंतजार होता है, वो है रिफंड यानी टैक्स के पैसे वापस मिलना. कुछ लोगों को यह पैसा बहुत जल्दी मिल जाता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि रिफंड अटक जाता है या फेल हो जाता है. इससे लोग परेशान हो जाते हैं और समझ नहीं पाते कि अब क्या करें. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब आप ऑनलाइन ही रिफंड को दोबारा मंगवाने (Reissue) की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं. इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है.
सबसे पहले रिफंड स्टेटस चेक करें
अगर आपके खाते में अब तक रिफंड की रकम नहीं आई है, तो सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपना रिफंड स्टेटस चेक करें. वहां आपको यह पता चल जाएगा कि रिफंड भेजा गया है या फेल हो गया है. अगर वहां लिखा हो कि रिफंड फेल हो गया है, तो आप आगे बढ़कर Refund Reissue Request डाल सकते हैं, यानी फिर से रिफंड भेजने की ऑनलाइन रिक्वेस्ट.
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रिफंड रीइश्यू की रिक्वेस्ट कैसे डालें? (Step-by-Step Process)
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अगर आपका रिफंड किसी वजह से अटक गया है, तो आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके उसे दोबारा मंगवा सकते हैं:
- सबसे पहले इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं - www.incometax.gov.in
- लॉगिन करने के बाद ऊपर मेन्यू में “Services” पर क्लिक करें और उसमें से Refund Reissue को चुनें.
अब “Create Refund Reissue Request” पर क्लिक करें.
इसके बाद उस रिटर्न को चुनें, जिसके लिए आप रिफंड चाहते हैं.
फिर वह बैंक अकाउंट चुनें जिसमें आप रिफंड पाना चाहते हैं.
अगर वह बैंक अकाउंट अभी तक वैलिडेट (सत्यापित) नहीं है, तो पहले उसे वैलिडेट करना जरूरी है.
अब “Proceed to Verification” पर क्लिक करें और अपना ई-वेरिफिकेशन करें. ई-वेरिफिकेशन आप आधार OTP, नेटबैंकिंग, ईवीसी या DSC से कर सकते हैं.
अंत में Continue पर क्लिक करें. आपकी रिक्वेस्ट सबमिट हो जाएगी.
कितने दिन में आता है रिफंड?
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आयकर विभाग के अनुसार, रिफंड आने में आमतौर पर 4 से 5 हफ्ते का समय लगता है. लेकिन ध्यान रहे, सिर्फ ITR फाइल करने से कुछ नहीं होगा, उसे ई-वेरिफाई (E-Verify) करना भी जरूरी है. बिना ई-वेरिफिकेशन के रिफंड जारी नहीं किया जाता. इसलिए अगर आपने अभी तक ई-वेरिफाई नहीं किया है, तो पहले उसे पूरा करें.
रिफंड क्यों फेल हो सकता है?
कई बार टैक्सपेयर्स की कोई गलती नहीं होती, फिर भी रिफंड फेल हो जाता है. इसके पीछे कुछ आम कारण होते हैं, जैसे:
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- बैंक अकाउंट नंबर गलत दर्ज होना
- IFSC कोड में गलती
- बैंक अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर वैलिडेट न होना
- PAN और बैंक अकाउंट में नाम का मेल न होना
- PAN और आधार लिंक न होना
- इनमें से कोई भी गलती रिफंड अटका सकती है. इसलिए इन सभी बातों को ठीक से जांच लें.
PAN-आधार लिंक क्यों है जरूरी?
अगर आपका पैन कार्ड और आधार कार्ड लिंक नहीं है, तो भी आपका रिफंड रुक सकता है. आज के समय में पैन-आधार लिंकिंग बहुत जरूरी है. इसलिए अगर आपने अभी तक ये काम नहीं किया है, तो पहले उसे पूरा करें और फिर रिफंड की रीइश्यू रिक्वेस्ट डालें.
ई-वेरिफिकेशन क्यों है जरूरी?
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ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) ITR प्रक्रिया का बहुत जरूरी हिस्सा है. जब तक आप अपना ITR ई-वेरिफाई नहीं करते, उसे अधूरा माना जाता है और रिफंड भी नहीं भेजा जाता. आप ई-वेरिफिकेशन कई तरीकों से कर सकते हैं. आधार OTP, नेटबैंकिंग, ईवीसी या डिजिटल सिग्नेचर (DSC) के जरिए.
बैंक अकाउंट वैलिडेशन क्यों जरूरी है?
आपका जिस बैंक अकाउंट में रिफंड आना है, वह ई-फाइलिंग पोर्टल पर वैलिडेटेड होना चाहिए. यानी सिस्टम को यह कन्फर्म होना चाहिए कि वह अकाउंट आपके ही नाम का है और एक्टिव है. अगर अकाउंट वैलिडेट नहीं होगा, तो रिफंड नहीं आएगा. आप पोर्टल पर लॉगिन करके अपने बैंक अकाउंट को वैलिडेट कर सकते हैं.
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अगर आपका ITR रिफंड नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. पहले स्टेटस चेक करें, अगर रिफंड फेल हुआ है तो ऑनलाइन ही Refund Reissue Request डालें. साथ ही, यह पक्का करें कि आपका पैन-आधार लिंक है, बैंक अकाउंट सही और वैलिडेटेड है, और आपने ITR को ई-वेरिफाई किया है. इन सब बातों का ध्यान रखने से आपका रिफंड बिना किसी परेशानी के आपके खाते में आ जाएगा.