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सरकारी ज़मीन पर तो नहीं है आपका मकान? घर बैठे ऐसे करें पता

आजकल कई जगहों पर ज़मीनों की धोखाधड़ी या अवैध कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसलिए ज़रूरी है कि आप खुद यह जांच लें कि आपकी ज़मीन सरकारी तो नहीं. इससे आप भविष्य में होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं और कानूनी कार्यवाही से सुरक्षित रह सकते हैं.

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House On Government Land Checking Process: बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि उनका घर या प्लॉट कहीं सरकारी ज़मीन (सरकारी जमीन, वक्फ बोर्ड, ग्रामसभा, वन विभाग आदि की जमीन) पर तो नहीं बना है. ऐसा होने पर भविष्य में कानूनी परेशानी, मकान गिराने का आदेश, या ज़मीन पर दावा खारिज होने जैसी समस्याएं आ सकती हैं.बाटला हाउस जैसे मामलों में जब सरकारी ज़मीन पर अवैध निर्माण होता है, तो सरकार उसे कभी भी खाली करा सकती है. इसलिए ज़रूरी है कि आप जानें कि आपकी ज़मीन वैध है या नहीं.

सरकारी ज़मीन क्या होती है?

सरकारी ज़मीन वह होती है जो किसी सरकारी विभाग (जैसे नगर निगम, वन विभाग, रेलवे, वक्फ बोर्ड, ग्राम पंचायत आदि) की संपत्ति होती है. आम तौर पर ये ज़मीनें जनता के हित के लिए रखी जाती हैं – जैसे पार्क, सड़क, स्कूल, अस्पताल, खेती या सार्वजनिक उपयोग.अगर कोई व्यक्ति बिना अधिकार के ऐसी जमीन पर कब्जा करके मकान बना लेता है, तो वह अवैध कब्जा माना जाता है.

कैसे जानें कि आपका घर सरकारी ज़मीन पर है या नहीं?

1. भूलेख पोर्टल (Land Records) पर जाएं

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हर राज्य की सरकार ने अपनी ज़मीन से जुड़ी जानकारी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बना रखा है, जिसे “भूलेख” या “Land Records Portal” कहते हैं.

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उदाहरण:

उत्तर प्रदेश: http://upbhulekh.gov.in

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दिल्ली: https://dlrc.delhigovt.nic.in

बिहार: http://biharbhumi.bihar.gov.in

महाराष्ट्र: https://mahabhulekh.maharashtra.gov.in

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क्या करें:

वेबसाइट खोलें

ज़िला, तहसील और गाँव चुनें

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 खसरा/खाता नंबर या मालिक का नाम डालें

जमीन की पूरी डिटेल स्क्रीन पर दिखाई देगी

अगर जमीन का मालिक “सरकार”, “ग्राम सभा”, “वन विभाग” या “वक्फ बोर्ड” लिखा है, तो वह सरकारी ज़मीन है.

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2. Registry (पंजीकरण दस्तावेज़) की जांच करें

1.जब आप किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाते हैं, तो उसमें ज़मीन का स्रोत (जहाँ से यह खरीदी गई है) स्पष्ट लिखा होता है.

2.अगर आपकी रजिस्ट्री नहीं है या General Power of Attorney (GPA) के आधार पर है, तो खतरा हो सकता है.

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3. नगर निगम या विकास प्राधिकरण से पता करें

आप जिस इलाके में रहते हैं, वहां के नगर निगम, नगर पालिका या विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, GDA, LDA) में जाकर पूछ सकते हैं कि आपकी कॉलोनी या प्लॉट की वैधता क्या है.अगर कॉलोनी अनधिकृत (Unauthorized) है, तो ये जानकारी वहां की वेबसाइट या सूचना पट पर मिल सकती है.

4. रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) से जानकारी लें

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1.यदि आपने कोई फ्लैट या प्लॉट बिल्डर से लिया है, तो RERA की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट की जानकारी जरूर चेक करें.
 https://rera.gov.in 

2. यहाँ से आपको पता चलेगा कि बिल्डर ने ज़मीन के कागज़ रजिस्टर्ड करवाए हैं या नहीं.

अगर पता चले कि ज़मीन सरकारी है तो क्या करें?

1.तुरंत कानूनी सलाह लें – किसी वकील या लीगल एक्सपर्ट से बात करें.

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2.सम्बंधित विभाग से संपर्क करें – माफी, पट्टा, या ज़मीन के नियमितीकरण के लिए अप्लाई करें.

3.भविष्य में निर्माण न करें – यदि ज़मीन विवादित है तो नया निर्माण रुकवा दें.

पुख्ता कागज़ तैयार रखें – अपने दस्तावेज़ों को अप टू डेट रखें, और ज़रूरत पड़ने पर RTI भी फाइल करें.

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किन दस्तावेज़ों से ज़मीन की स्थिति साफ होती है?

रजिस्ट्री/सेल डीड

खतौनी / खसरा नंबर

भू नक्शा

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नगर निगम से नक्शा पास होना

बिजली/पानी का कनेक्शन किस नाम पर है

स्टांप पेपर व पंजीकरण रसीद

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पहले जांचें, फिर ही भरोसा करें

आजकल कई जगहों पर ज़मीनों की धोखाधड़ी या अवैध कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसलिए ज़रूरी है कि आप खुद यह जांच लें कि आपकी ज़मीन सरकारी तो नहीं. इससे आप भविष्य में होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं और कानूनी कार्यवाही से सुरक्षित रह सकते हैं.

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