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Indian Railway: जर्नल टिकट को लेकर बदले नियम, अब इतने किलोमीटर सफर के लिए पहले ही बुक करनी पड़ेगी टिकट
Indian Railway: यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर को अलग अलग केटेगरी में टिकट देता है। जिनमे ऐसी, स्लीपर और जर्नल तीनो ही शामिल है।
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Indian Railway: भारतीय रेलवे को भारत की लाइफलाइन भी कहा जाता है।रेलवे में रोजाना करोड़ो यात्री यात्रा करते है। जिनके लिए हजारो ट्रेन संचालित की जाती है।यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर को अलग अलग केटेगरी में टिकट देता है। जिनमे ऐसी, स्लीपर और जर्नल तीनो ही शामिल है।वही आपको पता है जर्नल टिकट के भी कई सारे नियम है , जिन्हे न मानने पर आप भारी मुसीबत में पद सकते है।आपके पास टिकट होने के बावजूद भी टीटी आपको ट्रेन से बाहर निकल सकता है। आइये जाने
इन यात्रियों को माना जाएगा बेटिकट
रेलवे ने साल 2016 में जर्नल टिकट का समय सीमा निर्धारित किया था। वही अगर कोई यात्री 199 किलोमीटर के लिए टिकट बुक करता है और उसी टिकट पर 3 घंटे तक सफर करते पाया जाता है तो उस बेटिकट कहा जाता है। इस नियम उलंघन के लिए उस पैसेंजर को तगड़ा जुर्माना देना पड़ता है।
सिर्फ 3 घंटे वैलिड होता है जर्नल टिकेट
भरते रेलवे के नियम के अनुसार , अगर कोई 199 किलोमीटर का सफर करना है तो आपको 3 घंटे पहले ही जर्नल टिकट बुक करनी होगी। वही अगर 200 किलोमीटर दूर का सफर करना है तो आपको 3 दिन पहले ही टिकट बुक करनी होगी।
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यहां से ले सकते है टिकट
जर्नल टिकट पहले सिर्फ रेलवे के काउंटर से ही मिलती थी लेकिन अब समय के साथ लोगो की सुविधाओं को देखते हुए रेलवे ने अलग से UTS ऐप बनाया है। UTS ऐप पर आसानी से जर्नल टिकट और प्लेटफार्म टिकट खरीद सकते है। वही आपको इसे लेते वक्त दुरी का खास ख्याल रखना होता है।
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इस वजह से उठाया गया ये नियम
रेलवे ने पैसेंजर से परेशान होकर ये नियम , कानून बनाया है। पैसेंजर बिना टिकट लिए या फिर काम दुरी के टिकट में ज्यादा दुरी सफर कर लेते थे। इससे रेलवे को बहुत ही ज्यादा घाटा होता जा रहा था। वही हाल के दिनों में ट्रेन की टिकट में भी बढ़ोतरी की गई है। प्लेटफार्म की भी टिकट को बढ़ा दिया गया, प्लेटफार्म की टिकट को बढाकर 10 रूपये कर दिया है।