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लू से गई जान तो सरकार देगी सहायता राशि, जानिए कब और कैसे करें आवेदन

अगर किसी व्यक्ति की मौत लू लगने की वजह से हो जाए, तो उसके परिवार को सरकार की ओर से मुआवजा मिल सकता है. हालांकि यह मुआवजा पाने के लिए कुछ शर्तें और प्रक्रिया होती है, जिसे पूरा करना जरूरी होता है.

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Heat Stroke Compensation: हर साल देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है. इस दौरान लू लगना एक आम समस्या बन जाती है, लेकिन कई बार ये लू जानलेवा भी साबित होती है. अगर किसी व्यक्ति की मौत लू लगने की वजह से हो जाए, तो उसके परिवार को सरकार की ओर से मुआवजा मिल सकता है. हालांकि यह मुआवजा पाने के लिए कुछ शर्तें और प्रक्रिया होती है, जिसे पूरा करना जरूरी होता है. आइए विस्तार से समझते हैं कि मुआवजा कैसे, कितना और किसे मिल सकता है.

लू से मौत पर सरकार देती है मुआवजा

भारत सरकार की आपदा प्रबंधन नीति (Disaster Management Policy) के तहत लू को भी एक “प्राकृतिक आपदा” माना गया है. इस नीति के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु लू लगने से होती है, तो उसके परिजनों को राहत राशि दी जा सकती है. यह राहत राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाती है और इसकी राशि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकती है.

कई राज्यों में यह मुआवजा ₹2 लाख से लेकर ₹4 लाख तक तय किया गया है. कुछ मामलों में यह ₹3 लाख तक भी होता है. उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लू से होने वाली मौतों पर सरकार मुआवजा देती है.

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मुआवजा पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?

मुआवजे की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें और दस्तावेज होते हैं:

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मृत्यु का कारण लू होना चाहिए – इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट या चिकित्सकीय प्रमाणपत्र जरूरी होता है, जिसमें साफ लिखा हो कि मृत्यु का कारण 'हीट स्ट्रोक' या 'लू' है।

स्थानीय प्रशासन को जानकारी दें – जैसे ही घटना होती है, तुरंत लेखपाल, तहसीलदार या एसडीएम को सूचना दें.

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राशन कार्ड, पहचान पत्र, मृतक का आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज तैयार रखें.

कई बार प्रशासन मृतक के घर का दौरा भी करता है और स्थानीय रिपोर्ट तैयार की जाती है.

आवेदन कैसे करें?

1. स्थानीय राजस्व कार्यालय (तहसील) में जाकर आवेदन करें.

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2. संबंधित फॉर्म भरें और दस्तावेज संलग्न करें.

3. सभी दस्तावेज जांच के बाद जिलाधिकारी (DM) की मंजूरी के बाद राशि स्वीकृत होती है.

4. स्वीकृत राशि सीधे मृतक के परिवार के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.

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किन राज्यों में मिल रहा है मुआवजा?

उत्तर प्रदेश: ₹4 लाख तक का मुआवजा

बिहार: ₹2 से ₹3 लाख तक की राशि

राजस्थान, एमपी, झारखंड, हरियाणा: भी देते हैं मुआवजा, लेकिन राशि और प्रक्रिया राज्य विशेष है

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कई बार स्थानीय नगर निगम या पंचायत स्तर पर भी सहायता मिलती है

जरूरी सावधानियां (Prevention is better than cure)

1. तेज गर्मी में दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें

2. भरपूर पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें

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3. ढीले और सूती कपड़े पहनें

4. अगर सिर दर्द, चक्कर, उल्टी जैसा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

अगर किसी की मौत लू लगने से हो जाती है, तो सरकार की ओर से परिवार को मुआवजा देने की व्यवस्था है. इसके लिए जरूरी है कि घटना की सही सूचना समय पर अधिकारियों को दी जाए और सभी कागज़ात पूरे हों. मुआवजा पाने की प्रक्रिया थोड़ी औपचारिक हो सकती है, लेकिन यह सरकार की एक कोशिश है कि पीड़ित परिवार को थोड़ी आर्थिक मदद दी जा सके.

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