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ट्रेन भगदड़ में हुई मौत पर कितना मिलेगा मुआवजा? जानें IRCTC के नियम!

Indian Railway For Death Compensation: भारतीय रेलवे में सफर को लेकर बहुत से नियम बनाए गए। अगर ट्रेन में चढ़ते वक्त किसी के साथ हादसा हो जाता हैं , और उस हादसे में उसकी मौत हो जाती हैं। तो ऐसे में आईआरटीसी की और से मुआवजा भी दिया जाता हैं।

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Indian Railway For Death Compensation: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हादसे की स्थिति उत्पन्न होने से कई लोगों की मौत हो गई। वहीं आकड़ो के अनुसार, इस भयानक हादसे में 18 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवा दी , तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।  महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए प्रयागराज जाने वालों लोगों की भारी भीड़ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 14 और 16 पर इक्कठी हुई थी । तभी अचानक से अफरा तफरी मच गई।  जिस वजह से हादसे से दर्दनाक हादसा हो गया।  भारत सरकार की और से मुआवजा दिए जाने का भी एलान कर दिया हैं।  तो वहीं घायलों को भी सरकार मुआवजा देगी।अब कई लोगों के मन में सवाल आ रहा हैं ट्रेन में चढ़ते वक्त अगर किसी के साथ कोई हादसा हो जाता हैं। जिसमे उसकी मौत हो जाती हैं। तो कितना मिलेगा मुआवजा। आइए जानते हैं इस खबर को विस्तार से  ....

सिर्फ इन लोगों को मिलता है IRCTC की तरफ से मुआवजा 

भारतीय रेलवे में सफर को लेकर बहुत से नियम बनाए गए। अगर ट्रेन में चढ़ते वक्त किसी के साथ हादसा हो जाता हैं , और उस हादसे में उसकी मौत हो जाती हैं।  तो ऐसे में आईआरटीसी की और से मुआवजा भी दिया जाता हैं। वहीं आपको बता दें , सभी लोगों को मुआवजा नहीं दिया जाता हैं।जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक करते वक्त इन्शुरन्स का ऑप्शन चुना होता हैं।  

35 पैसे के प्रीमियम पर मिलते हैं 10 लाख 

बता दें , आईआरटीसी की और से 35 पैसे के प्रीमियम पर 10  लाख रूपये तक बिमा कवर दिया जाता हैं।  जो हादसे की स्थिति में लागू होता हैं। अगर ट्रेन में चढ़ते वक्त किसी यात्री की हादसे के चलते मौत हो जाती हैं। और उसमे ऑनलाइन टिकट बुक करते वक्त IRCTC के बिमा ऑप्शन को चुना होता हैं।तो फिर आईआरटीसी की और से मुआवजा दिया जाता हैं।  यानी जिन लोगों ने इन्शुरन्स नहीं लिया होता तो उन्हें भी लाभ मिलता हैं।  

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सिर्फ ऑनलाइन टिकट पर मिलती है ये फैसिलिटी 

इतना ही नहीं आईआरटीसी की और से बीमा का प्रावधान सिर्फ ऑनलाइन टिकट बुकिंग को लेकर ही यानी अगर किसी ने रेलवे के टिकट काउंटर से यानी ऑफलाइन टिकट कार्यवाई हैं।  तो वहां बीमा लेने का ऑप्शन नहीं मिलता यानी हादसे की स्थिति में फिर IRCTC ऐसे यात्रियों को किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं देती। हालांकि सरकार की और से हादसों में मृत यात्रियों को मुआवजा जरूर दिया जाता हैं। 

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IRCTC के मुआवजे के नियम

मुआवजा राशि:

अगर किसी ट्रेन में भगदड़, दुर्घटना या हादसे के कारण किसी यात्री की मौत हो जाती है, तो रेलवे मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये तक की राशि देने का प्रावधान करता है। यह राशि मृतक के परिवार को दी जाती है।

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इसके अतिरिक्त, अन्य प्रकार के चोटों या गंभीर घायलों के लिए भी मुआवजा दिया जाता है, जो अस्पताल में भर्ती होने पर तय होता है।

मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया

मुआवजा प्राप्त करने के लिए पीड़ित परिवार को रेलवे अधिकारियों से संपर्क करना होता है और सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे ट्रेन टिकट, मृत्यु प्रमाण पत्र, और अन्य मेडिकल रिपोर्ट्स को प्रस्तुत करना होता है।

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रेलवे मंत्रालय या संबंधित विभाग के पास एक समिति होती है, जो हादसे के कारणों का मूल्यांकन करती है और मुआवजे की राशि तय करती है।

अधिकार और पात्रता

यह मुआवजा मुख्य रूप से यात्री की मृत्यु या गंभीर चोटों के मामलों में प्रदान किया जाता है।

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यदि किसी हादसे में यात्री की जान जाती है या वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो मृतक के परिवार के सदस्य या घायल व्यक्ति मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मुआवजे की राशि की अन्य श्रेणियां

ट्रेन के हादसों में केवल यात्री की मृत्यु पर ही मुआवजा नहीं मिलता, बल्कि अगर किसी यात्री को गंभीर चोटें आईं या वो आंशिक रूप से घायल हो गया, तो मुआवजा राशि कम भी हो सकती है, जो चिकित्सा खर्चों और अस्पताल के इलाज पर निर्भर करता है।

 

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