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UPI यूज़र्स के लिए खुशखबरी: गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर की गलती होगी खत्म, जानें कैसे ?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक नया नियम लागू किया है. इसके तहत UPI के ज़रिए किए जाने वाले सभी P2P (Peer to Peer) और P2PM (Peer to Peer Merchant) ट्रांजैक्शंस में अब जिस व्यक्ति या व्यापारी को पैसे भेजे जा रहे हैं, उसका नाम वही दिखेगा जो कि उसके CBS (Core Banking System) में दर्ज है.

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UPI Payment Rules: डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में एक बड़ी राहत – अब UPI के ज़रिए पैसे भेजते वक्त अगर कोई गलती हो भी जाती है, तो आपका पैसा गलत खाते में नहीं जाएगा. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक नया नियम लागू किया है. इसके तहत UPI के ज़रिए किए जाने वाले सभी P2P (Peer to Peer) और P2PM (Peer to Peer Merchant) ट्रांजैक्शंस में अब जिस व्यक्ति या व्यापारी को पैसे भेजे जा रहे हैं, उसका नाम वही दिखेगा जो कि उसके CBS (Core Banking System) में दर्ज है. इस नियम से अब यह सुनिश्चित हो सकेगा कि यूज़र पैसे भेजने से पहले रिसीवर की सही पहचान कर सके और किसी भी तरह की त्रुटि से बचा जा सके. 

क्या है नया नियम और यह कैसे काम करता है

CBS से जुड़े नाम की पुष्टि होगी

जब कोई व्यक्ति किसी अन्य को UPI के जरिए पैसा भेजने जाता है, तो अब वह जिस खाता नंबर या UPI ID पर ट्रांजैक्शन कर रहा है, उस खाते का नाम कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) से मैच करके दिखाया जाएगा. इससे पहले केवल आंशिक नाम दिखाई देता था, लेकिन अब पूरा और सत्यापित नाम सामने आएगा.

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P2P और P2PM दोनों पर लागू

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यह नियम सिर्फ P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) ट्रांजैक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि P2PM यानी Peer to Peer Merchant – जैसे छोटे दुकानदार, व्यापारी या सेवा प्रदाता, जिनका UPI ID है – उन पर भी लागू होगा. यानी अब व्यापारी को पेमेंट करने से पहले भी आप नाम की पुष्टि कर सकेंगे.

यह नियम क्यों है महत्वपूर्ण

गलतियों से बचाव

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बहुत से मामलों में यूज़र्स ने गलती से गलत मोबाइल नंबर, UPI ID या QR कोड स्कैन कर लिया और पैसे गलत व्यक्ति को चले गए . अब ऐसा होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी क्योंकि नाम स्क्रीन पर साफ तौर पर सामने आएगा. 

भरोसेमंद ट्रांजैक्शन

नाम दिखने के कारण यूज़र को यह संतुष्टि होगी कि वह जिस व्यक्ति को पैसे भेज रहा है, वह वही है, जिससे उसका लेनदेन होना है. इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी

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धोखाधड़ी पर लगाम

कई साइबर धोखेबाज़ नकली UPI ID बनाकर लोगों से पैसे ऐंठते थे. अब चूंकि नाम CBS से मैच करके दिखाया जाएगा, ऐसे फर्जी ID के ज़रिए धोखा देना मुश्किल हो जाएगा.

यह सुविधा किसे और कैसे मिलेगी?

1. यह सुविधा सभी प्रमुख UPI ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि पर लागू की जा रही है.

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2. यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से सभी बैंकों और ऐप्स पर लागू किया जा रहा है.

3. आने वाले समय में NPCI इसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अनिवार्य बनाने की योजना में है.

यूज़र को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

1. ट्रांजैक्शन करते समय रिसीवर का नाम ध्यान से पढ़ें और जांचें कि वह वही व्यक्ति है जिसे आप पैसे भेजना चाहते हैं.

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2. अनजान या संदिग्ध UPI ID पर पैसे न भेजें, चाहे वो किसी QR कोड के ज़रिए क्यों न हो.

3. किसी भी गलत ट्रांजैक्शन की स्थिति में तुरंत अपने बैंक और UPI ऐप में शिकायत दर्ज करें.

NPCI द्वारा लाया गया यह नया नियम न केवल UPI ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि यह भारत के डिजिटल लेनदेन सिस्टम में एक क्रांतिकारी सुधार भी साबित होगा. CBS आधारित नाम सत्यापन से अब आप हर बार पैसे भेजने से पहले सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका पैसा सही व्यक्ति के पास ही जा रहा है/. इससे न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि UPI के ज़रिए धोखाधड़ी की घटनाएं भी काफी हद तक कम होंगी.

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