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ITR भरने से बनेगा क्रेडिट स्कोर, लोन और वीज़ा में मिलेगी आसानी
संक्षेप में कहें तो ITR सिर्फ टैक्स भरने का एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत और विश्वसनीय बनाने का एक माध्यम है. इसलिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपये से कम भी है, तब भी ITR फाइल जरूर करें. आज नहीं तो कल, ये फाइलिंग आपके बहुत काम आएगी , चाहे वो लोन हो, वीज़ा हो या फिर कोई फाइनेंशियल प्लान.
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ITR File: अक्सर लोग सोचते हैं कि ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) सिर्फ उन्हीं को भरना चाहिए जिनकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा हो. लेकिन सच तो ये है कि ITR सिर्फ टैक्स देने तक ही सीमित नहीं है. यह आपके पूरे वित्तीय इतिहास और प्रोफाइल को मजबूत करने का एक बेहद अहम जरिया है. भले ही आपकी कमाई टैक्स देने की सीमा से नीचे हो, ITR फाइल करना कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है.
सरकारी योजनाओं, वीज़ा, और बड़ी लेन-देन में मददगार
आज के समय में कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए, विदेश यात्रा या वीज़ा के लिए आवेदन करते समय, या फिर किसी बड़ी रकम के लेन-देन में ITR की कॉपी मांगी जाती है. ऐसे में अगर आपने पहले से ITR फाइल किया हुआ है, तो आपको कोई अड़चन नहीं आती. इससे यह साबित होता है कि आपकी इनकम का एक रिकॉर्ड है, जो पूरी तरह से वैध और ट्रेस योग्य है.
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लोन, क्रेडिट कार्ड और इनवेस्टमेंट में विश्वास दिलाता है
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ITR फाइल करने का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को आपके प्रति एक भरोसेमंद संकेत देता है. मान लीजिए आप भविष्य में होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन के लिए अप्लाई करते हैं, या फिर क्रेडिट कार्ड लेना चाहते हैं. ऐसे में बैंक सबसे पहले आपका ITR देखता है. अगर आपने पिछले कुछ सालों से ITR फाइल किया है, तो आपके लोन या कार्ड के अप्रूवल के चांस काफी बढ़ जाते हैं.
टैक्स सिस्टम को समझने का मौका
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अगर आप अभी भले ही टैक्स स्लैब में नहीं आते, लेकिन ITR फाइल करते हैं, तो यह आपके लिए एक तरह की तैयारी है. जैसे ही आपकी इनकम बढ़ेगी और टैक्स के दायरे में आएगी, आप पहले से तैयार रहेंगे. ITR भरते हुए आप धीरे-धीरे टैक्स के सिस्टम, रूल्स और फॉर्मेट को समझने लगते हैं। इससे भविष्य में आपको कोई परेशानी नहीं होती.
TDS रिफंड का मौका
बहुत बार ऐसा होता है कि किसी बैंक या इन्वेस्टमेंट में आपकी इनकम पर पहले ही TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) कट जाता है. अगर आपकी कुल इनकम टैक्सेबल नहीं है, तो आप उस TDS की रकम को ITR के जरिए वापस यानी रिफंड के रूप में पा सकते हैं. यह सीधे तौर पर आपके पैसे को वापस लाने का जरिया बन जाता है.
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ITR फाइल करने के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप ITR फाइल करना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी दस्तावेज है पैन कार्ड. इसके बिना ITR फाइल नहीं किया जा सकता. इसलिए अगर अब तक आपने पैन कार्ड नहीं बनवाया है, तो सबसे पहले उसका आवेदन करें.
कम इनकम में भी ITR फाइल करना समझदारी है
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संक्षेप में कहें तो ITR सिर्फ टैक्स भरने का एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत और विश्वसनीय बनाने का एक माध्यम है. इसलिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपये से कम भी है, तब भी ITR फाइल जरूर करें. आज नहीं तो कल, ये फाइलिंग आपके बहुत काम आएगी , चाहे वो लोन हो, वीज़ा हो या फिर कोई फाइनेंशियल प्लान.