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FASTag Annual Pass: टोल टैक्स पर बड़ा धमाका! ₹15 में टोल पार, Fastag Pass से होगी बंपर बचत
एनुअल फास्टैग पास एक ऐसा कदम है जो न केवल लोगों की जेब पर भार कम करेगा, बल्कि सड़क यात्रा को भी अधिक सहज और स्मार्ट बनाएगा. इस पहल के ज़रिए सरकार ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि उसका फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं, बल्कि आम आदमी की सुविधा पर भी है.
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Toll Tax: भारत में सफर करना अब और भी आसान और किफायती होने जा रहा है. 18 जून को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए देशवासियों को राहत देने वाला एक नया प्लान पेश किया एनुअल फास्टैग पास. इस योजना का उद्देश्य देश के निजी वाहन चालकों को टोल टैक्स पर भारी बचत और तेज़ ट्रैवल सुविधा मुहैया कराना है.
क्या है एनुअल फास्टैग पास और कैसे करेगा यह काम?
एनुअल फास्टैग पास एक तरह का सालाना सब्सक्रिप्शन है, जिसकी कीमत 3000 रुपये तय की गई है. इस पास के माध्यम से वाहन चालक पूरे वर्ष में 200 यात्राएं (टोल क्रॉसिंग) कर सकते हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो एक टोल प्लाजा क्रॉस करने पर केवल 15 रुपये खर्च होंगे.
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मौजूदा समय में एक औसत टोल शुल्क लगभग 50 रुपये होता है. अगर कोई व्यक्ति 200 बार टोल प्लाजा पार करता है, तो सामान्य तौर पर उसे 10,000 रुपये तक का खर्च करना पड़ता है. वहीं, एनुअल फास्टैग पास से यह खर्च सिर्फ 3000 रुपये में सिमट जाएगा, जिससे वाहन चालक सालभर में करीब 7000 रुपये की बचत कर पाएंगे.
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साल में सिर्फ एक बार रिचार्ज, बिना रुकावट सफर
अब तक वाहन मालिकों को अपने फास्टैग को बार-बार रिचार्ज कराना पड़ता था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि कई बार परेशानी भी होती थी। लेकिन एनुअल फास्टैग पास एक वन-टाइम पेमेंट सिस्टम है, जिसे साल में केवल एक बार रिचार्ज करना होगा. यह सुविधा यात्रियों के लिए न केवल फायदेमंद होगी, बल्कि टोल प्लाजा पर होने वाली लंबी लाइनों से भी मुक्ति दिलाएगी.इस योजना से डिजिटल ट्रांजेक्शन को भी बढ़ावा मिलेगा और टोल कलेक्शन प्रणाली और अधिक सुगम और पारदर्शी बन पाएगी .
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कहां और कब से होगा लागू?
नितिन गडकरी ने यह स्पष्ट किया है कि यह योजना 15 अगस्त 2025 से पूरे देश में लागू कर दी जाएगी. हालांकि इसकी सुविधा केवल राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर ही उपलब्ध होगी. इसका मतलब यह है कि यह स्कीम राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्य राजमार्गों (State Highways) पर मान्य नहीं होगी.
कौन उठा सकेगा इसका लाभ?
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फिलहाल इस स्कीम का लाभ केवल निजी वाहन मालिकों को मिलेगा. व्यावसायिक वाहनों के लिए ऐसी कोई घोषणा अभी नहीं की गई है. ऐसे में यह योजना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी जो रोज़ाना या नियमित अंतराल पर हाईवे से यात्रा करते हैं, जैसे ऑफिस जाने वाले, इंटरसिटी ट्रैवलर्स, या फिर लॉन्ग ड्राइव पसंद करने वाले परिवार.
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एनुअल फास्टैग पास एक ऐसा कदम है जो न केवल लोगों की जेब पर भार कम करेगा, बल्कि सड़क यात्रा को भी अधिक सहज और स्मार्ट बनाएगा. इस पहल के ज़रिए सरकार ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि उसका फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं, बल्कि आम आदमी की सुविधा पर भी है. अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह योजना कितनी सफल होती है और कितनी जल्दी इसे अन्य रूट्स और वाहनों पर भी लागू किया जाता है.