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किसानों को मिलेगा फसल का सही दाम, जानें कैसे काम करती है E-Warehouse Receipt सुविधा

सरकार की यह योजना किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है. अब उन्हें फसल की बिक्री के लिए मंडी के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे सही वक्त का इंतज़ार कर सकते हैं और तब तक अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी गारंटी के बैंक से लोन भी ले सकते हैं.

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Electronic Warehouse Receipt Facility: अब तक किसान अपनी फसल मंडी में एक साथ ले जाकर बेचते थे. लेकिन जब मंडी में बहुत सारे किसान एक ही समय पर फसल बेचते हैं, तो वहां एकाएक सप्लाई बढ़ जाती है और फसल के दाम गिर जाते है.ऐसे में किसानों को अपनी मेहनत की कमाई का सही मूल्य नहीं मिल पाता और उन्हें मजबूरी में कम दामों पर अपनी फसल बेचनी पड़ती है, जिससे सीधा नुकसान होता है.

अब फसल को रखा जा सकता है सरकारी वेयरहाउस में

सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए किसानों के लिए सरकारी वेयरहाउस की सुविधा दी है. अब किसान अगर चाहें तो फसल को मंडी में तुरंत बेचने की बजाय उसे सरकारी वेयरहाउस में जमा कर सकते हैं, जैसे आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है. इससे फसल खराब भी नहीं होगी और किसान तब तक इंतज़ार कर सकते हैं जब तक उन्हें अच्छा भाव न मिले.

फसल बेचने से पहले भी मिल सकता है लोन

अक्सर किसानों को जरूरत पड़ती है तुरंत पैसों की. लेकिन अगर फसल उन्होंने वेयरहाउस में रख दी है और उसे बेचा नहीं है, तो पैसा कहां से आएगा? इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक नई सुविधा शुरू की है, जिसके तहत किसान वेयरहाउस में रखी गई फसल के बदले बिना किसी गारंटर के लोन ले सकते हैं. यह लोन किसान की फसल के मूल्य का लगभग 70% तक होता है, जो उन्हें तुरंत आर्थिक मदद देता है.

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क्या होती है इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR)?

जब किसान वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (WDRA) से मान्यता प्राप्त सरकारी वेयरहाउस में अपनी फसल जमा करते हैं, तो उन्हें एक इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR) दी जाती है. यह एक डिजिटल दस्तावेज होता है जिसमें यह प्रमाणित होता है कि किसान ने कितनी मात्रा में, कौन सी फसल वेयरहाउस में जमा की है. यही रसीद किसान बैंक में दिखाकर बिना गारंटी लोन ले सकते हैं.

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 कैसे मिलेगा बैंक से लोन?

किसान को अपनी फसल किसी मान्यता प्राप्त वेयरहाउस में ले जाकर जमा करनी होगी. जमा करने के बाद उन्हें वेयरहाउस की तरफ से e-NWR जारी किया जाएगा. इसके बाद किसान इस रसीद को बैंक में प्रस्तुत कर सकते हैं, और बैंक उस फसल की अनुमानित कीमत का 70% तक का लोन तुरंत दे सकता है. इस प्रक्रिया में कोई गारंटर या ज्यादा कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती, जिससे किसान को समय पर आर्थिक सहायता मिलती है.

किसानों को क्या फायदा होगा?

इस योजना से किसानों को दो बड़े फायदे होते हैं. पहला, वे अपनी फसल को अच्छे दाम मिलने तक सुरक्षित रख सकते हैं और जल्दीबाज़ी में कम दाम पर बेचने से बच सकते हैं. दूसरा, फसल बेचने से पहले ही उन्हें अपनी जरूरतों के लिए लोन मिल सकता है, जिससे उनकी आर्थिक हालत बेहतर बनी रहती है.इसके अलावा, वेयरहाउस में फसल सुरक्षित रहती है और खराब होने का खतरा भी नहीं होता.

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सरकार की यह योजना किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बन सकती है. अब उन्हें फसल की बिक्री के लिए मंडी के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे सही वक्त का इंतज़ार कर सकते हैं और तब तक अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी गारंटी के बैंक से लोन भी ले सकते हैं. यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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