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बाजारों में घूम रही नकली दवाइयों से हो सकती है मौत, सही पहचान और शिकायत करने के जानें तरीके
आज के समय में जहां मेडिकल साइंस इतनी तरक्की कर चुका है, वहीं बाजार में नकली दवाइयों (Fake Medicines) की समस्या भी बढ़ती जा रही है. ये नकली दवाइयां सिर्फ बीमारी को ठीक नहीं करतीं, बल्कि उल्टा शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
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Fake medicine Identification: आज के समय में जहां मेडिकल साइंस इतनी तरक्की कर चुका है, वहीं बाजार में नकली दवाइयों (Fake Medicines) की समस्या भी बढ़ती जा रही है. ये नकली दवाइयां सिर्फ बीमारी को ठीक नहीं करतीं, बल्कि उल्टा शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं. कई बार तो इनके सेवन से जानलेवा स्थिति भी बन सकती है. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि नकली दवाइयों की पहचान कैसे करें और अगर आपको किसी दवा पर शक हो, तो उसकी शिकायत कहां और कैसे की जा सकती है.
नकली दवाइयों से होने वाले खतरे
नकली दवाइयों में अक्सर सक्रिय दवा-सामग्री या तो नहीं होती या बहुत कम मात्रा में होती है. इससे न सिर्फ रोगी को राहत नहीं मिलती, बल्कि उसका स्वास्थ्य और ज्यादा बिगड़ सकता है. कई मामलों में नकली दवाइयों में हानिकारक केमिकल्स भी पाए जाते हैं जो किडनी, लिवर, हार्ट और इम्यून सिस्टम पर बुरा असर डालते हैं.इन दवाओं का सेवन गंभीर बीमारियों जैसे डायबिटीज, कैंसर, टीबी, हाई ब्लड प्रेशर या एंटीबायोटिक्स के इलाज में बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
कैसे करें नकली दवाइयों की पहचान
1. पैकिंग को ध्यान से जांचें
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2. ब्रांड नाम की स्पेलिंग गलत हो सकती है
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3. कलर या डिजाइन में फर्क हो सकता है
4. पैकेट पर प्रिंट फीका या हल्का दिखाई दे सकता है
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5. MRP, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी देखें
6. अगर कोई जानकारी गायब है या छपी नहीं है तो सतर्क हो जाएं
7. QR कोड मौजूद है तो उसे स्कैन करके जांचें
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8. दवा का रंग, आकार और गंध
9. असली दवा जैसा दिखने वाली नकली दवाइयों में भी हल्का रंग या गंध अलग हो सकती है
10. कैप या सील टूटी हुई हो तो इस्तेमाल न करें
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11. सील टूटी होने पर वह दवा संदिग्ध हो सकती है
फार्मेसी से बिल जरूर लें
नकली दवाइयां अक्सर बिना बिल के बेची जाती हैं, इसलिए दवा खरीदते वक्त पक्का बिल जरूर ले.
कैसे करें नकली दवा की शिकायत?
अगर आपको किसी दवा पर शक हो या आपको लगे कि वह नकली है, तो आप निम्नलिखित तरीकों से शिकायत कर सकते हैं:
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1. CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization)
2. वेबसाइट: https://cdsco.gov.in/opencms/opencms/en/Home/
3. आप ऑनलाइन "Grievance Redressal" सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं
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4. जन औषधि केंद्र या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र
5. वहां शिकायत कर सकते हैं और दवा की जांच करवाई जा सकती है
6. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI)
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आप ईमेल या फोन से संपर्क कर सकते हैं:
1. Email: dci@nic.in
2. हेल्पलाइन: 1800-180-3024
3. State Drug Control Department
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4. अपने राज्य के ड्रग इंस्पेक्टर से संपर्क कर सकते हैं
5. सावधानी ही बचाव है
6. हमेशा भरोसेमंद फार्मेसी से ही दवाइयां खरीदें
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7. ऑनलाइन दवाएं खरीदते समय वेबसाइट की वैधता जांच लें
8. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें
9. दवा खरीदते समय जानकारी पूरी पढ़ें और चेक करें
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नकली दवाइयां न सिर्फ बीमारी ठीक करने में असफल होती हैं बल्कि जान का भी खतरा बढ़ा देती हैं. इसीलिए यह बेहद जरूरी है कि हम दवा खरीदते समय सतर्क रहें, दवा की पैकिंग से लेकर उसकी कीमत और क्वालिटी तक हर चीज़ की जांच करें अगर आपको शक होता है तो बिना देरी किए शिकायत करें ताकि दूसरों की जान भी बचाई जा सके.