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क्या आपके बच्चे को भी नहीं लगता टिकट? जानें प्लेन, ट्रेन और बसों के नियम

यात्रा के दौरान छोटे बच्चों को टिकट की आवश्यकता नहीं होती या कम शुल्क पर यात्रा करने का लाभ मिलता है। हालांकि, यह नियम विभिन्न परिवहन सेवाओं और उनके संबंधित नियमों के आधार पर भिन्न होते हैं।

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Indian Railway: यात्रा के दौरान छोटे बच्चों को टिकट की आवश्यकता नहीं होती या कम शुल्क पर यात्रा करने का लाभ मिलता है। हालांकि, यह नियम विभिन्न परिवहन सेवाओं और उनके संबंधित नियमों के आधार पर भिन्न होते हैं। आइए जानते हैं कि प्लेन, ट्रेन और बसों में कितने साल तक के बच्चों को टिकट की आवश्यकता नहीं होती और इस संबंध में क्या नियम होते हैं

प्लेन में बच्चों के लिए टिकट का नियम

प्लेन यात्रा में बच्चों के लिए टिकट नियम एयरलाइंस के आधार पर बदलते हैं। आमतौर पर, प्लेन में यात्रा करने वाले छोटे बच्चों को 2 साल तक का होने पर मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। हालांकि, यह मुफ्त यात्रा केवल उस स्थिति में होती है जब बच्चा बिना किसी अतिरिक्त सीट के यात्रा करता है।

2 साल से कम उम्र के बच्चे: ऐसे बच्चों को सामान्यतः मुफ्त यात्रा मिलती है, लेकिन उन्हें अपनी माँ या पिता की गोदी में बैठना होता है। कुछ एयरलाइंस अतिरिक्त सुरक्षा सीट का शुल्क भी ले सकती हैं।

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2 से 12 साल के बच्चे: इस उम्र के बच्चों को सामान्यत: एक बच्चा दर (Child Fare) पर टिकट मिलती है, जो वयस्कों की तुलना में कम होती है।

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12 साल से ऊपर के बच्चे: 12 साल से ऊपर के बच्चों को पूर्ण टिकट का भुगतान करना होता है, जो वयस्कों के टिकट के बराबर होता है।

इन नियमों में विभिन्न एयरलाइंस के हिसाब से अंतर हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले एयरलाइंस से संबंधित नियमों की जांच करना हमेशा सही रहता है।

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ट्रेन यात्रा में बच्चों के लिए टिकट का नियम

भारतीय रेलवे में बच्चों के लिए टिकट की व्यवस्था भी अलग-अलग उम्र के हिसाब से होती है। रेलवे के नियमों के अनुसार:

5 साल तक के बच्चे: 5 साल से छोटे बच्चे बिना टिकट के यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी सीट के लिए किसी अन्य व्यक्ति की गोदी में बैठना होगा।

5 से 12 साल तक के बच्चे: 5 से 12 साल के बच्चों के लिए 50% रियायती टिकट प्रदान किया जाता है। यानी इन्हें वयस्क टिकट के आधे मूल्य पर यात्रा करने की अनुमति होती है।

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12 साल से ऊपर के बच्चे: 12 साल से ऊपर के बच्चों को वयस्कों की तरह पूर्ण टिकट का भुगतान करना होता है, और उन्हें अपनी सीट भी अलग से मिलती है।

अगर कोई बच्चा 5 साल से छोटा है और यात्रा कर रहा है, तो वह किसी भी श्रेणी (स्लीपर, एसी, आदि) में बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकता है। हालांकि, सीट की आवश्यकता होने पर अलग से बुकिंग करानी पड़ सकती है।

बसों में बच्चों के लिए टिकट का नियम

बसों में बच्चों के लिए टिकट के नियम राज्य परिवहन और निजी बस कंपनियों पर निर्भर करते हैं। आम तौर पर:

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5 साल तक के बच्चे: अधिकांश बसों में 5 साल तक के बच्चे बिना टिकट के यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी माँ या पिता की गोदी में बैठना होता है।

5 से 12 साल तक के बच्चे: इस आयु वर्ग के बच्चों को 50% रियायती टिकट मिलता है। इन बच्चों को एक सीट के लिए टिकट की आवश्यकता होती है, लेकिन यह वयस्कों के मुकाबले आधी कीमत होती है।

12 साल से ऊपर के बच्चे: 12 साल से ऊपर के बच्चों को पूर्ण टिकट का भुगतान करना होता है, जो वयस्कों के समान होता है।

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राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे परिवहन निगमों और निजी बस ऑपरेटरों के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए सफर करने से पहले संबंधित परिवहन सेवा के नियमों की जांच करना हमेशा अच्छा होता है।

प्लेन, ट्रेन और बसों में यात्रा करते समय बच्चों के लिए टिकट की आवश्यकता अलग-अलग होती है। आमतौर पर 5 साल तक के बच्चों को टिकट की आवश्यकता नहीं होती या उन्हें रियायती दर पर यात्रा का अवसर मिलता है। वहीं, 12 साल से ऊपर के बच्चों को पूर्ण टिकट का भुगतान करना होता है। हालांकि, ये नियम परिवहन सेवाओं और कंपनियों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले संबंधित सेवा के नियमों की जांच करना जरूरी है।

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