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Delhi Pollution: अब बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जानें कैसे बनता है यह सर्टिफिकेट और क्यों है जरूरी

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. अब बिना वैलिड PUC सर्टिफिकेट न तो फ्यूल मिलेगा और न ही चालान से राहत. नियम लागू होते ही दो दिनों में 61 हजार से ज्यादा PUC बने और 3,700 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई हुई.

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देश की राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की सांस लेना मुश्किल कर दिया है. ठंड के साथ-साथ जहरीली हवा ने हालात और गंभीर बना दिए हैं. एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन की ओर से GRAP-IV की पाबंदियां लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हुआ. इसी के बाद दिल्ली सरकार ने और सख्त कदम उठाते हुए ऐसा नियम लागू किया है, जिसका सीधा असर हर वाहन चालक की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है.

दरअसल, अब राजधानी में बिना PUC सर्टिफिकेट न केवल चालान कटेगा, बल्कि पेट्रोल पंप पर गाड़ी में फ्यूल भी नहीं मिलेगा. इस फैसले ने दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले लाखों वाहन चालकों को सतर्क कर दिया है.

GRAP-IV के बाद भी क्यों बढ़ी सख्ती

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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर कई दिनों से खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है. GRAP-IV के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जेनरेटर पर पाबंदी और ट्रकों की आवाजाही सीमित की गई. लेकिन इन कदमों के बाद भी हवा साफ नहीं हो सकी. जानकारों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का बड़ा कारण बना हुआ है. इसी वजह से दिल्ली सरकार ने 18 दिसंबर से अतिरिक्त सख्त नियम लागू करने का फैसला किया. सरकार का कहना है कि जब तक वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर कड़ा नियंत्रण नहीं होगा, तब तक हालात सुधरना मुश्किल है.

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BS-III और BS-IV बाहरी वाहनों पर रोक

नए नियमों के तहत BS-III और BS-IV श्रेणी के बाहरी वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा दी गई है. इसका मकसद सड़कों पर पुराने और ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों की संख्या कम करना है. पहले से ही दिल्ली में रजिस्टर्ड ऐसे वाहनों पर पाबंदियां लागू हैं. अब बाहरी राज्यों से आने वाले पुराने वाहनों को भी राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा.

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दिल्ली में No PUC No Fuel नियम लागू

दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा और सख्त फैसला No PUC No Fuel नियम को लागू करना है. सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों को साफ निर्देश दिए हैं कि बिना वैलिड PUC सर्टिफिकेट किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल न दिया जाए. पेट्रोल पंप पर पहले पॉल्यूशन सर्टिफिकेट चेक किया जा रहा है, उसके बाद ही फ्यूल दिया जा रहा है. इस नियम का असर पहले ही दिन देखने को मिला. 17 और 18 दिसंबर के बीच दिल्ली में 61 हजार से ज्यादा PUC सर्टिफिकेट बनाए गए. वहीं बिना वैलिड सर्टिफिकेट के 3 हजार 700 से ज्यादा वाहनों के चालान भी काटे गए. इससे साफ है कि सरकार अब नियमों को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहती.

PUC सर्टिफिकेट क्या होता है?

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PUC सर्टिफिकेट का पूरा नाम पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट है. यह एक सरकारी दस्तावेज होता है, जो यह बताता है कि आपकी गाड़ी से निकलने वाला धुआं तय मानकों के भीतर है या नहीं. यह सर्टिफिकेट सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एमिशन टेस्ट सेंटर से जारी किया जाता है. बिना PUC सर्टिफिकेट गाड़ी चलाना कानूनन अपराध है. इसके लिए चालान और जुर्माने का प्रावधान है.

PUC सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

PUC सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आपको अपनी गाड़ी किसी नजदीकी ऑथराइज्ड एमिशन टेस्ट सेंटर या पेट्रोल पंप पर बने PUC सेंटर पर ले जाना होता है. वहां मशीन के जरिए गाड़ी से निकलने वाले धुएं की जांच की जाती है. अगर आपकी गाड़ी तय मानकों पर खरी उतरती है, तो आपको डिजिटल PUC सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है. जानकारी देते चलें कि PUC सर्टिफिकेट बनवाने का खर्च ज्यादा नहीं होता. आमतौर पर इसके लिए 60 से 100 रुपये तक फीस ली जाती है. यह शुल्क गाड़ी के फ्यूल टाइप यानी पेट्रोल या डीजल पर निर्भर करता है.

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क्या PUC ऑनलाइन बन सकता है?

PUC सर्टिफिकेट पूरी तरह ऑनलाइन नहीं बनवाया जा सकता, क्योंकि इसके लिए गाड़ी का फिजिकल टेस्ट जरूरी होता है. हालांकि टेस्ट के बाद जो सर्टिफिकेट जारी होता है, उसे आप ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं.

PUC सर्टिफिकेट ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करें

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PUC सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाना होता है. वहां PUC सेक्शन में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी पांच अंक डालने होते हैं. इसके बाद सर्टिफिकेट स्क्रीन पर आ जाता है, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है. नई गाड़ी के लिए PUC सर्टिफिकेट एक साल तक वैलिड रहता है. एक साल पूरा होने के बाद हर छह महीने में इसे दोबारा बनवाना जरूरी होता है.

PUC सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है?

PUC सर्टिफिकेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि साफ हवा और बेहतर सेहत के लिए भी जरूरी है. सरकार का मानना है कि अगर सभी वाहन तय प्रदूषण मानकों के अनुसार चलें, तो दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है. दिल्ली में लागू No PUC No Fuel नियम अब वाहन चालकों के लिए चेतावनी है. समय रहते PUC बनवाना न सिर्फ जरूरी है, बल्कि आने वाले दिनों में राहत की सांस लेने का एक जरूरी कदम भी है.

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