Advertisement
यूपी में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग मॉडल का कमाल, PCS, NEET, JEE और NDA के लिए भारी संख्या में छात्रों के हुए रजिस्ट्रेशन
यूपी में गरीब, आर्थिक और सामाजिक रुप से कमजोर प्रतिभाशाली युवाओं के लिए योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही नि:शुल्क आवासीय और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग मॉडल ने कमाल कर दिया है. इसके जरिए ना सिर्फ प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल रहा है बल्कि प्रदेश और केंद्र की सभी परीक्षाओं और प्रतियोगिताओं के लिए ट्रेन किया जा रहा है.
Advertisement
योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में युवा सशक्तिकरण के लिए 8 नि:शुल्क आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग चला रही है. इसके माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार मिलने में मदद मिल रही है. सीएम योगी का मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर विशेष फोकस है. उनकी कोशिस है कि प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े.
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों की ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग प्रतियोगी छात्रों के लिए दो तरह की कोचिंग चलाता है. रेजिडेंशियल कोचिंग में पढ़ाई के साथ साथ रहने की भी सुविधा होती है और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग में केवल क्लास चलती है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का दायरा काफी विस्तृत है. यहां से मिलने वाली कोचिंग सिर्फ यूपीपीसीएस तक सीमित नहीं है, बल्कि यूपीएससी, अधीनस्थ सेवाएं, विभिन्न भर्ती बोर्ड, बैंकिंग, एसएससी, अर्धसैनिक बल, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस, बीएड, टीईटी जैसी लगभग हर प्रमुख परीक्षा इसमें शामिल है.
Advertisement
150 सेंटर में 23000 से ज्यादा छात्रों का रजिस्ट्रेशन
Advertisement
उत्तर प्रदेश के 150 अभ्युदय कोचिंग सेंटर में इस साल अब तक 23801 अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. सिविल सर्विसेस के लिए 8663, NEET के लिए 5574, JEE के लिए 2018, एनडीए/सीडीएस के लिए 801 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 6745 छात्र अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. इसमें छात्रों को पाठ्यक्रम और क्वेश्चन बैंक भी दिए जाते हैं, ताकि उनकी तैयारी पूरी तरह परीक्षा-केन्द्रित और व्यवस्थित हो.
पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए नि:शुल्क कोचिंग
Advertisement
समाज कल्याण विभाग ने लखनऊ के गोमतीनगर में छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान में पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु मुफ्त आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की है. अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष उम्मीदवार, जिनकी पारिवारिक आय छह लाख रुपये तक है वो आज 12 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं. अब तक अनुसूचित जाति के 19, अनुसूचित जनजाति के 2 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 25 प्रतियोगी छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन और लाइब्रेरी की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. इसके साथ ही हर विषय के विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेंगे. मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास कराया जाएगा, मॉडल टेस्ट कराए जाएंगे और परीक्षा पैटर्न के मुताबिक खास सत्र भी चलेंगे.
अभ्युदय कोचिंग से प्रदेश के युवाओं का बदला जीवन
यह भी पढ़ें
अभ्युदय कोचिंग करियर को दिशा देने वाला मजबूत मंच बनकर उभर रहा है. इसमें कोचिंग, अध्ययन सामग्री और गाइडेंस सब कुछ नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है ताकि प्रतिभाएं सिर्फ संसाधनों की कमी के कारण पीछे न छूट जाए. यूपीएससी सीएसई 2023 में 882वीं रैंक हासिल करने वाली श्रुति श्रवण ने बताया कि इस योजना से उनको परीक्षा में सफल होने, खुद को अच्छी तरह से तैयार करने और अपने प्रदर्शन का आकलन करने में काफी मदद मिली.