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भारत में रेलवे के जनरल टिकट सिस्टम में आया बदलाव, करोड़ों यात्री होंगे प्रभावित
Indian Railway: रोजाना करोड़ो की संख्या में यात्री जनरल डिब्बों में सफर करते हैं।लेकिन अब रेलवे की और से जनरल टिकट पर सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए नियम में बदलाव किया जा सकता हैं।
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Indian Railway: भारत में रोजाना ट्रेन के जरिए करोड़ों लोग सफर करते हैं। इनमें से कुछ लोग रिजर्व कोचों में सफर करते हैं, तो वहीं कुछ लोग अनरिजर्व कोचों में सफर करते हैं। रिजर्व कोचों की बात की जाए तो इनके लिए पहले बुकिंग करनी होती है। इनमें थर्ड एसी, सेकंड एसी, फर्स्ट एसी, एसी चेयर कार, स्लीपर और सेकंड सिटिंग जैसे कोच होते हैं। वहीं, अनरिजर्व कोच की बात की जाए तो इसमें जनरल कोच होता है। इसमें आपको बहुत पहले टिकट नहीं लेना होता। आप जैसे ही रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं, कुछ देर बाद का टिकट लेकर किसी भी ट्रेन में सफर कर सकते हैं। रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री जनरल डिब्बों में सफर करते हैं। लेकिन अब रेलवे की ओर से जनरल टिकट पर सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए नियम में बदलाव किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस खबर को विस्तार से…
इन टिकट में होंगे कई बड़े बदलाव
कुछ दिनों पहले ही यात्रियों की बहुत भीड़ होने के चलते नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। इस हादसे में 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। अब इस हादसे की जांच की जा रही है। लेकिन इसी बीच यह भी खबर आ रही है कि अब जनरल टिकट लेकर सफर करने वालों के लिए रेलवे की ओर से नियमों में बदलाव किए जाएंगे। दरअसल, कहा जा रहा है कि रेल मंत्रालय अब जनरल टिकट बुकिंग के क्राइटेरिया को बदलने का विचार कर रहा है। अब जनरल टिकट में ट्रेनों के भी नाम दर्ज किए जा सकते हैं। बता दें, फिलहाल ऐसा नहीं है, अभी जनरल टिकट लेकर कोई भी ट्रेन बदल भी सकता है। लेकिन ट्रेन का नाम टिकट पर दर्ज हो जाने पर यात्री ट्रेन नहीं बदल पाएंगे।
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इतनी है जनरल टिकट की वैलिडिटी
बहुत से लोगों को रेलवे का यह नियम नहीं पता होगा कि रेलवे की ओर से जारी किए जाने वाला जनरल टिकट वैलिडिटी के साथ आता है। जनरल टिकट लेकर अगर 3 घंटे के अंदर सफर शुरू नहीं किया, तो वह टिकट नॉन वैलिड यानी अमान्य माना जाता है। ऐसे में यात्री उस टिकट पर यात्रा नहीं कर सकते।
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बदलावों की मुख्य बातें:
टिकट की वैधता
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अब जनरल टिकट की वैधता केवल तीन घंटे होगी। इसका मतलब है कि यात्रियों को टिकट लेने के तीन घंटे के भीतर ट्रेन में चढ़ना होगा, अन्यथा टिकट अमान्य हो जाएगा। इससे भीड़-भाड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
ट्रेन का नाम और नंबर
जनरल टिकट पर अब ट्रेन का नाम और नंबर दर्ज किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि यात्री केवल उसी ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे, जिसका टिकट उनके पास है। इससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ को रोका जा सकेगा।
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टिकट की संख्या सीमित
रेलवे ने यह फैसला लिया है कि ट्रेनों की क्षमता के अनुसार ही अनारक्षित टिकट जारी किए जाएंगे। इसके तहत ट्रेन के निर्धारित कोचों से अधिक टिकट जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे यात्री क्षमता से अधिक नहीं बढ़ सके।
प्लेटफॉर्म टिकट की संख्या सीमित
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रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकटों की संख्या भी सीमित करने का निर्णय लिया है। इससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।