Advertisement

Loading Ad...

Census Fraud Alert: जनगणना की आड़ में हो सकती है ठगी, ऐसे करें फर्जी अधिकारियों की पहचान

जनगणना न केवल सरकार के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है, जो सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की नींव रखती है. ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम इस कार्य में ईमानदारी से सहयोग करें, लेकिन साथ ही फर्जीवाड़े से सावधान रहें.

Loading Ad...

Census Fraud Alert: भारत में हर दस साल में एक बार जनगणना (Census) होती है, जो देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या से जुड़ी तस्वीर को सामने लाती है. यह प्रक्रिया सरकार के लिए बेहद अहम होती है क्योंकि इसी के जरिए देश में रहने वाले नागरिकों की संख्या, उनकी सामाजिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, आवास आदि से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा की जाती है, जिसका इस्तेमाल सरकार जनहित योजनाएं बनाने और नीति-निर्धारण के लिए करती है.

2026 में होगी अगली जनगणना – जानें कब और कहां से होगी शुरुआत

आगामी जनगणना अब साल 2026 में शुरू होने जा रही है. यह प्रक्रिया दो हिस्सों में होगी. सबसे पहले उन राज्यों में जनगणना की शुरुआत होगी जहां ठंड के कारण समय पर डेटा कलेक्शन मुश्किल हो सकता है। इसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य शामिल हैं, जहां 1 अक्टूबर 2026 से जनगणना का कार्य शुरू किया जाएगा.

Loading Ad...

वहीं बाकी देश में यह प्रक्रिया 1 मार्च 2027 से प्रारंभ की जाएगी. इस कार्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी प्रत्येक घर जाकर जरूरी विवरण इकट्ठा करेंगे.

Loading Ad...

फर्जी जनगणना अधिकारियों से सतर्क रहें – बढ़ रहे हैं धोखाधड़ी के मामले

जनगणना जितनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, उतना ही इसे लेकर लोगों के बीच फर्जीवाड़े के मामले भी सामने आने लगे हैं. कई ठग इस मौके का फायदा उठाकर खुद को जनगणना अधिकारी बताकर घरों में घुसते हैं, और लोगों की पर्सनल जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल्स, ओटीपी आदि मांगते हैं. इसके बाद वे इस डाटा का दुरुपयोग करके ठगी को अंजाम देते हैं.

Loading Ad...

यह जानना बहुत जरूरी है कि सरकारी जनगणना अधिकारी कभी भी आपसे बैंक से जुड़ी कोई जानकारी, ओटीपी या पैसे की मांग नहीं करेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो समझ लें कि वह व्यक्ति फर्जी है.

कैसे पहचानें असली जनगणना अधिकारी को?

पहचान पत्र जरूर मांगे: हर आधिकारिक जनगणना अधिकारी के पास सरकार द्वारा जारी किया गया ID कार्ड होता है, जिसे वह दिखाने के लिए बाध्य होता है.

Loading Ad...

सवालों की प्रकृति पर ध्यान दें: असली अधिकारी केवल जनसांख्यिकी, शिक्षा, रोजगार, घर की स्थिति जैसे सवाल पूछेगा.

बैंक या OTP संबंधी सवालों से सावधान रहें: कोई भी वैध अधिकारी आपसे बैंक खाता नंबर, OTP, पिन या पासवर्ड नहीं पूछेगा.

संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें: अगर किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगे या वह ID ना दिखाए, तो तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें.

Loading Ad...

सावधानी ही सुरक्षा है – सतर्क नागरिक बनें

जनगणना जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है, लेकिन उसी के साथ सतर्कता भी बेहद जरूरी है. फर्जी लोग जनगणना की आड़ में आपके घर आकर निजी जानकारी चुराने का प्रयास कर सकते हैं.  इसलिए ऐसे किसी भी व्यक्ति को बिना पुष्टि के जानकारी ना दें.

जनगणना के दौरान सरकारी प्रक्रिया का पालन करें, अधिकारिक दस्तावेज़ की जांच करें, और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों या पुलिस को सूचित करें.

Loading Ad...

 जानकारी और सतर्कता से बचें ठगी से

जनगणना न केवल सरकार के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है, जो सामाजिक और आर्थिक योजनाओं की नींव रखती है. ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम इस कार्य में ईमानदारी से सहयोग करें, लेकिन साथ ही फर्जीवाड़े से सावधान रहें. सही जानकारी, सतर्कता और जागरूकता से हम खुद को और अपने परिवार को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से सुरक्षित रख सकते है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...