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Railway New Rules: ट्रेन यात्रियों को बड़ी राहत! अब आखिरी समय तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन?
Railway Boarding Rules: उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जिनकी यात्रा योजनाएं आखिरी समय में बदल जाती हैं, या जो रास्ते के किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं. यह कदम यात्रियों की सुविधा और लचीलापन दोनों बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है.
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Indian Railway: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को ज्यादा सहूलियत देने की दिशा में एक अहम कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. रेलवे बोर्ड ने एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें बोर्डिंग प्वाइंट (जहां से यात्री ट्रेन में चढ़ते हैं) बदलने की समय-सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. अभी तक यात्री केवल पहले रिजर्वेशन चार्ट बनने तक ही अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं, लेकिन अब इस नियम को और आसान बनाने की योजना है.
क्या है नया प्रस्ताव?
19 फरवरी 2026 को जारी एक पत्र में रेलवे बोर्ड ने CRIS से इस प्रस्ताव की व्यवहार्यता पर राय मांगी है. CRIS वही संस्था है जो रेलवे के टिकटिंग और ऑनलाइन सिस्टम को संभालती है.
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रेलवे बोर्ड का कहना है कि अब पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के निर्धारित समय से लगभग 10 से 20 घंटे पहले तैयार हो जाता है. ऐसे में कई बार यात्रियों को अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता. इसलिए बोर्ड चाहता है कि यात्रियों को यह सुविधा दूसरे चार्ट बनने तक दी जाए. अगर CRIS से सकारात्मक जवाब मिलता है, तो इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
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अभी क्या है नियम?
फिलहाल नियम यह है कि अगर आपने किसी खास स्टेशन से टिकट बुक कराई है, तो आप केवल पहले रिजर्वेशन चार्ट बनने से पहले तक ही अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं. जैसे ही पहला चार्ट तैयार हो जाता है, उसके बाद यह सुविधा बंद हो जाती है. चाहे आपकी यात्रा योजना अचानक बदल जाए, फिर भी आप चार्ट बनने के बाद स्टेशन नहीं बदल सकते.
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पहला रिजर्वेशन चार्ट कब बनता है?
रेलवे की मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार, पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान समय के आधार पर अलग-अलग समय पर तैयार किया जाता है.
- सुबह 05:01 बजे से दोपहर 14:00 बजे के बीच रवाना होने वाली ट्रेनों का पहला चार्ट आमतौर पर एक दिन पहले रात 8 बजे तक तैयार कर लिया जाता है.
- दोपहर 14:01 बजे से रात 11:59 बजे के बीच चलने वाली ट्रेनों का पहला चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले तैयार होता है.
- इसी तरह रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चलने वाली ट्रेनों के लिए भी पहला चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले तैयार कर दिया जाता है.]
- यानी कई मामलों में यात्रियों को आखिरी समय पर बदलाव करने का मौका नहीं मिल पाता.
यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?
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अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए ज्यादा समय मिलेगा. मान लीजिए किसी यात्री की योजना अचानक बदल जाती है और वह पहले तय किए गए स्टेशन की जगह किसी और स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहता है, तो उसे ज्यादा राहत मिलेगी.
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यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जिनकी यात्रा योजनाएं आखिरी समय में बदल जाती हैं, या जो रास्ते के किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं. यह कदम यात्रियों की सुविधा और लचीलापन दोनों बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है.