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टोल बूथ पर आपके साथ होती है मारपीट या बदसलूकी, तो जानिए क्या कहता है कानून

Toll Plaza Misbheave Rules: कुछ स्थानों पर ये कर्मचारी छोटी-छोटी बातों पर उलझ जाते हैं, जिससे कई बार टोल नाकों पर मारपीट की नौबत आ जाती है और वाहनों की कतार भी लग जाती है। इससे वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती है। इस संबंध में ACP आशीष कुमार ने एक्स पर भी और नेशनल क्राइम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने जागरूकता के लिए एडवाइजरी जारी की थी।

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Toll Plaza Misbheave Rules: अक्सर देखा गया है कि टोल से गुजरने वाले वाहन चालकों से वहां के कर्मचारियों द्वारा बदसलूकी की जाती है। कई बार तो बात मारपीट तक पहुंच जाती है। यह विवाद आमतौर पर टोल शुल्क के भुगतान, बदलाव, या किसी अन्य कारण से उत्पन्न होता है। लेकिन टोल कर्मियों से उलझने की बजाय इसकी शिकायत भी की जा सकती है। साथ ही, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने कर्मचारियों के लिए कुछ नियम बनाए हुए हैं। उनकी पालन नहीं होने पर भी शिकायत की जा सकती है। बता दें कि कुछ स्थानों पर ये कर्मचारी छोटी-छोटी बातों पर उलझ जाते हैं, जिससे कई बार टोल नाकों पर मारपीट की नौबत आ जाती है और वाहनों की कतार भी लग जाती है। इससे वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती है। इस संबंध में ACP आशीष कुमार ने एक्स पर भी और नेशनल क्राइम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने जागरूकता के लिए एडवाइजरी जारी की थी। भारत सरकार और राज्य सरकारों ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने और शिकायतों का समाधान करने के लिए कुछ खास हेल्पलाइन नंबर और प्रक्रिया निर्धारित की है।

टोल कर्मी के पास होना चाहिए बॉडी कैमरा

ऐसे मामलों से निपटने के लिए एनएचआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने कुछ महीनों पहले निर्देश दिए थे, जिसके तहत टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों को बॉडी कैमरा पहनना अनिवार्य किया गया है। इस बॉडी कैमरे से टोल पर होने वाली घटनाओं की रिकॉर्डिंग हो सकेगी, जो बाद में किसी विवाद को सुलझाने में सहायक होगी। अगर किसी टोल पर कोई टोल कर्मी बिना बॉडी कैमरा पहने दिखाई देता है, तो इसकी शिकायत एनएचआई में की जा सकती है। साथ ही, यदि संभव हो, तो ऐसे कर्मचारियों की फोटो क्लिक कर लेनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति में यह प्रमाण के रूप में उपयोगी हो सके।

यह कदम टोल कर्मियों के आचरण पर निगरानी रखने और विवादों को प्रभावी तरीके से सुलझाने के लिए उठाया गया है। इससे ना सिर्फ टोल पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, बल्कि वाहन चालकों को भी सुरक्षा का अहसास होता है 

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टोल प्लाजा पर मारपीट की स्थिति में क्या करें?

शिकायत दर्ज करें: यदि टोल कर्मचारियों ने वाहन मालिक से मारपीट की है, तो सबसे पहला कदम है कि आप तुरंत शिकायत दर्ज करें। इसके लिए आपको स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी। पुलिस को घटना का पूरा विवरण दें और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करें।

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हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत: भारत सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए टोल प्लाजा पर किसी भी अप्रिय घटना के बारे में शिकायत करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।आप इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1033 , 02672 - 252 401 , 252402 

क्या है टोल कर्मचारियों के खिलाफ कानून?

टोल कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की हिंसा, मारपीट या अभद्रता करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ IPC (Indian Penal Code) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है, जैसे कि:

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धारा 323 (साधारण चोट पहुँचाना)

धारा 341 (गलत तरीके से रोकना)

धारा 354 (महिला के खिलाफ अभद्र व्यवहार)

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धारा 506 (धमकी देना)

इसके अलावा, यदि वाहन मालिक को शारीरिक या मानसिक चोटें आती हैं, तो आरोपी के खिलाफ और भी गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं।

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