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15 अगस्त पर झंडा फहराने जा रहे हैं? पहले जान लें ये नियम, नहीं तो लग सकता है जुर्माना

"हर घर तिरंगा" अभियान हम सभी को देश से जुड़ने और देशभक्ति दिखाने का अनोखा मौका देता है. लेकिन इस मौके पर हमें सिर्फ तिरंगा फहराना ही नहीं, बल्कि उसका सही सम्मान और देखभाल करना भी सीखना चाहिए. तिरंगे को सिर्फ झंडा नहीं, हमारी आज़ादी, बलिदान और गर्व का प्रतीक मानकर उसका उपयोग करें.

Image Credit: Flag
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Independence Day: 15 अगस्त 2025 को देश अपनी आजादी की 79वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है. इस मौके पर पूरे देश में एक खास जोश और गर्व की भावना देखने को मिलती है. स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में तिरंगा फहराया जाता है. हर साल की तरह इस बार भी "हर घर तिरंगा" अभियान ने देशभर में जोर पकड़ा है. अब सिर्फ सरकारी या सार्वजनिक जगहों तक सीमित न रहकर, लोग अपने घरों पर भी पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहरा रहे हैं. यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का प्रतीक बन गया है, जिसे हर नागरिक बिना जात-पात, धर्म या क्षेत्रीय भेदभाव के गर्व से मनाता है. लेकिन इस गर्व के प्रतीक “तिरंगे” को फहराने के कुछ खास नियम हैं, जिनका सभी को पालन करना चाहिए.

तिरंगा फहराने के जरूरी नियम

तिरंगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज है और इसे फहराते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है ताकि इसका सम्मान बना रहे। नीचे कुछ महत्वपूर्ण नियम दिए गए हैं:

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  • झंडा कभी भी गंदा या फटा हुआ नहीं होना चाहिए. अगर झंडा खराब हो गया हो तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए.
  • तिरंगा जमीन को नहीं छूना चाहिए. इसे हमेशा एक साफ और ऊँचे स्थान पर फहराना चाहिए ताकि वह सभी को साफ-साफ दिखाई दे.
  • अगर तिरंगे के साथ कोई अन्य झंडा लगाया जा रहा हो, तो वह तिरंगे से ऊँचाई में नीचे होना चाहिए. तिरंगा हमेशा सबसे ऊपर और सम्मानजनक स्थान पर हो.
  • तिरंगे में जो अशोक चक्र बना होता है, वह झंडे के बीच में और सफेद पट्टी पर होना चाहिए. इसमें कुल 24 तीलियाँ होनी चाहिए.
  • जब तिरंगा फहराया जा रहा हो तो उस समय सभी को सम्मानपूर्वक खड़ा होना चाहिए। राष्ट्रगान बजने पर सावधान की मुद्रा में खड़े रहना चाहिए.
  • अगर तिरंगा मंच पर फहराया जा रहा हो, तो फहराने वाले व्यक्ति का चेहरा श्रोताओं की ओर होना चाहिए और झंडा उनके दाहिने हाथ की ओर होना चाहिए.
  • झंडे को इस तरह फहराना चाहिए कि वह सभी को साफ नजर आए और हवा में स्वतंत्र रूप से लहराए.

तिरंगा उतारने के नियम

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तिरंगा फहराने जितना जरूरी है, उसे सही तरीके से उतारना और संभालना भी उतना ही जरूरी होता है.जानिए इसके कुछ जरूरी नियम:

  • जब तिरंगा नीचे उतारा जाए, तो उसे क्षैतिज रूप में (horizontal) रखना चाहिए.
  • झंडा तह करते समय, पहले हरे और केसरिया रंग की पट्टियों को अंदर की ओर मोड़ें ताकि सफेद पट्टी और अशोक चक्र ही बाहर दिखाई दें.
  • तह किए गए झंडे को एक सुरक्षित और साफ स्थान पर रखना चाहिए.
  • अगर झंडा फट गया हो या खराब हो गया हो तो उसे अकेले में सम्मानपूर्वक नष्ट करना चाहिए, उसे कभी भी सार्वजनिक रूप से फेंका नहीं जाना चाहिए.

क्या कहती है भारत की ध्वज संहिता?

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भारत सरकार ने 2002 में “भारतीय ध्वज संहिता” (Flag Code of India) लागू की थी, जिसमें बताया गया है कि तिरंगे को कैसे फहराना है, कैसे उतारना है और उसका सही इस्तेमाल क्या है. इस संहिता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग हर स्थिति में सम्मान के साथ किया जाए.

कुछ जरूरी बातें:

  • तिरंगा आयताकार होना चाहिए, और इसका अनुपात 3:2 (लंबाई: चौड़ाई) होना चाहिए.
  • झंडे पर कोई लेख, तस्वीर या चिह्न नहीं होना चाहिए.
  • झंडा फहराते या उतारते समय यह कभी जमीन पर नहीं गिरना चाहिए.
  • अगर झंडा फट जाए या खराब हो जाए, तो उसे नियमित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाना चाहिए. इसे कभी भी अपमानजनक तरीके से न फेंकें.
  • अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई और जुर्माना भी हो सकता है.

तिरंगे का सम्मान ही सच्ची देशभक्ति है

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"हर घर तिरंगा" अभियान हम सभी को देश से जुड़ने और देशभक्ति दिखाने का अनोखा मौका देता है. लेकिन इस मौके पर हमें सिर्फ तिरंगा फहराना ही नहीं, बल्कि उसका सही सम्मान और देखभाल करना भी सीखना चाहिए. तिरंगे को सिर्फ झंडा नहीं, हमारी आज़ादी, बलिदान और गर्व का प्रतीक मानकर उसका उपयोग करें.

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