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1.5 घंटे का सफर अब सिर्फ 10 मिनट में! महाराष्ट्र सरकार की नई मढ़-वर्सोवा ब्रिज परियोजना को मिली मंजूरी
मढ़-वर्सोवा खाड़ी ब्रिज प्रोजेक्ट मुंबई के विकास का एक बड़ा प्रतीक बनने जा रहा है. यह न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि शहर के पश्चिमी हिस्सों को और बेहतर तरीके से जोड़ देगा.
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Madha Versova Bridge: मुंबई के लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है. शहर के दो इलाकों मालाड के मढ़ और अंधेरी के वर्सोवा को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित खाड़ी पुल (Madh-Versova Bridge) प्रोजेक्ट अब जल्द शुरू होने जा रहा है. लंबे समय से यह प्रोजेक्ट पर्यावरण विभाग की मंजूरी के इंतज़ार में था, लेकिन अब मंजूरी मिल गई है और काम अगले दो महीनों में शुरू होने की संभावना है. यह पुल तैयार हो जाने के बाद पश्चिमी उपनगरों के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
अब 90 मिनट का सफर सिर्फ 10 मिनट में
फिलहाल मढ़ से वर्सोवा पहुंचने के लिए लोगों को 21 से 22 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. यह दूरी जेपी रोड, लिंक रोड और मिठ चौकी से होकर जाती है, जिससे डेढ़ घंटे या उससे ज्यादा समय लग जाता है, खासकर ट्रैफिक जाम के दौरान. पुल बनने के बाद यह सफर बेहद आसान हो जाएगा, अब मढ़ से वर्सोवा की दूरी सिर्फ 10 मिनट में तय की जा सकेगी. यह ब्रिज मुंबई के ट्रैफिक को कम करने और यात्रियों का काफी समय बचाने में मदद करेगा.
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केबल-स्टेड ब्रिज होगा मढ़-वर्सोवा प्रोजेक्ट
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यह पुल एक आधुनिक केबल-स्टेड ब्रिज होगा. इसमें पुल के डेक को मजबूत केबलों से सहारा दिया जाएगा जो सीधे ऊंचे टावरों से जुड़ी होंगी. पुल की लंबाई लगभग 2.06 किलोमीटर होगी और यह वर्सोवा खाड़ी के ऊपर बनाया जाएगा. इस परियोजना की जिम्मेदारी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने संभाली है.
फिलहाल सिर्फ बोट से है संपर्क, बारिश में रुक जाती है सेवा
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इस समय मढ़ से वर्सोवा जाने का सबसे तेज़ तरीका बोट सेवा है. बोट से यह दूरी 5 मिनट से भी कम में तय हो जाती है और किराया 10 से 15 रुपये तक होता है. लेकिन यह सेवा सिर्फ दोपहिया या पैदल यात्रियों के लिए है, चार पहिया वाहनों के लिए कोई विकल्प नहीं है. इसके अलावा, मानसून के मौसम में यह सेवा बंद कर दी जाती है. इस वजह से पुल बनने के बाद लोगों को एक स्थायी और सुरक्षित सफर का विकल्प मिलेगा.
सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं, दो महीने में शुरू होगा काम
BMC को इस परियोजना के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी. फरवरी 2023 में महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) और तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) से अनुमति दी जा चुकी थी. अब ठेकेदार की नियुक्ति भी पूरी हो चुकी है और काम अगले दो महीनों में शुरू हो जाएगा. हालांकि परियोजना क्षेत्र में कुछ मैंग्रोव (Mangroves) के पेड़ों को हटाने की आवश्यकता है. इसके लिए पर्यावरण और वन मंत्रालय से अंतिम मंजूरी ली जा रही है. मंजूरी मिलने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट से स्वीकृति लेकर शुरुआती निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
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अधिकारियों और केंद्रीय मंत्री की बैठक में बनी सहमति
मुंबई महानगरपालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसे ही जरूरी मंजूरियां मिल जाएंगी, निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा.वहीं, हाल ही में केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने मुंबई महापालिका के साथ बैठक में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की और जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए.
3,900 करोड़ रुपये की लागत, मछुआरों की भी मिली सहमति
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इस पुल के निर्माण पर लगभग 3,900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. शुरू में स्थानीय मछुआरा समुदाय ने अपने कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से परियोजना का महत्व समझाए जाने के बाद उन्होंने इसे समर्थन दे दिया.
ट्रैफिक कम होगा, मुंबई को मिलेगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर
मढ़-वर्सोवा ब्रिज बनने से न केवल पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि मुंबई की सड़क प्रणाली और बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा. रोजाना हजारों लोग इस रूट से सफर करते हैं, और यह पुल बनने के बाद उनका समय, ईंधन और खर्च, तीनों की बचत होगी. यह परियोजना मुंबई के भविष्य के ट्रैफिक समाधान की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी.
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मुंबई को मिलेगा नया कनेक्शन और राहत
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मढ़-वर्सोवा खाड़ी ब्रिज प्रोजेक्ट मुंबई के विकास का एक बड़ा प्रतीक बनने जा रहा है. यह न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि शहर के पश्चिमी हिस्सों को और बेहतर तरीके से जोड़ देगा. आने वाले तीन सालों में जब यह ब्रिज तैयार हो जाएगा, तब मुंबई के लाखों लोगों को हर दिन ट्रैफिक से राहत और तेज़ सफर का नया अनुभव मिलेगा.