Advertisement

Loading Ad...

आखिर सरकार ने इन चूजों को क्यों दी Z-प्लस सिक्योरिटी... जैसलमेर से 700 KM दूर किए गए शिफ्ट, जानें पूरा मामला

भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के कारण लोगों को ही नहीं बल्कि पक्षियों को भी परेशानी हो गई. परेशानी भी ऐसी कि सरकार को इन्हें Z+ सिक्योरिटी देनी पड़ी!

Loading Ad...
भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के कारण बॉर्डर पर कई गांवों के खाली करवाए गए. इस फ़ैसले से ग्रामीणों की दिनचर्या बदल गई. लोग हलकान हो गए परेशना हो गए. पर इसी बीच इस तनाव का असर पक्षियों पर भी पड़ा. सुनकर थोड़ा अजीब लगेगा पर ये सौ फ़ीसदी सच है. दरअसल जैसलमेर में गंभीर रूप से लुप्तप्राय गोडावण की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इतना ही नहीं जैसलमेर गोडावण ब्रिडिंग सेंटर से नौ चूजों को अजमेर शिफ्ट किया गया है.
 
पक्षियों को यहां रखा गया सुरक्षित

करोड़ों रूपए की लागत से चल रहे गोडावण प्रोजेक्ट के तहत वैज्ञानिक विधि व कृत्रिम रूप से जन्मे चूजों को सरकार ने ब्रिडिंग सेंटर से सुरक्षित स्थान पर ले जाने के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद सेना-प्रशासन के सहयोग से वन विभाग ने जैसलमेर से करीब 700 किलोमीटर दूर अजमेर सेंटर में इन चूजों को शिफ्ट किया है. इस दौरान वैज्ञानिको की मौजूदगी भी रही. 
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राजस्थान (पीसीसीएफ) के निर्देश पर पहले चरण में 9 चूजे शिफ्ट किए गए. वहीं भारत-पाक युद्ध रूक जाने की वजह से दूसरे चरण की शिफ्टिंग प्रक्रिया को लेकर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) ने पत्र लिख सरकार से दिशा-निर्देश मांगे हैं.
 
चूजों पर वैज्ञानिकों की विशेष नजर

भारत-पाक युद्ध का असर राज्य पक्षी गोडावण के सम स्थित ब्रिडिंग सेंटर पर पड़ने लगा. गोडावण सेंटर के निकट पैराशूट बम व मिसाइल आकर गिरने से वन विभाग की नींद उड़ गई. गोडावण को बचाने के लिए राजस्थान का वन विभाग व वाइल्डलाइफ इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के वैज्ञानिकों की टीम चौबीस घंटे कृत्रिम रूप से जन्मे चूजों पर नजर रखे हुए है.
 
जैसलमेर, जोधपुर व पाली डीएफओ ने किया एस्कॉर्ट

सीसीएफ जोधपुर ने बताया कि सेना, जिला प्रशासन की मौजूदगी में सम गोडावण ब्रिडिंग सेंटर से जैसलमेर डीएफओं की टीम ने 9 चूजों वाली स्पेशल एंबुलेंस को एस्कॉर्ट कर फलौदी तक पहुंचाया. फलौदी से जोधपुर डीएफओ मोहित गुप्ता व टीम ने एंबुलेंस को पाली तक एस्कॉर्ट किया.
पाली डीएफओ व टीम ने वहां से एस्कॉर्ट कर 9 चूजों को वैज्ञानिकों की उपस्थिति में 700 किलोमीटर का सफर तय कर सुरक्षित अजमेर के मेंस लेसर फ्लोरिकन सेंटर अरवड में पहुंचाया गया है. सभी चूजे सुरक्षित हैं. 
 
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...