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कपकपाती ठंड में युवक को बाहर निकाला, फूट-फूटकर रोने लगा तो DM ने मांगी माफी, तुरंत लिया एक्शन

मध्यप्रदेश के दमोह के अस्पताल में अपने परिजन का इलाज कराने आए एक व्यक्ति को कर्मचारियों ने ठंड में रैनबसेरे के बाहर फेंक दिया. इतने में यहां अचानक निरिक्षण करने पहुंचे डीएम को देखकर युवक फूट-फूटकर रोने लगा. इस दौरान युवक ने डीएम को बताया कि साहब, ठंड में रहने नहीं दिया, बाहर निकाल दिया.

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इंसानियत को ताक पर रखने का एक मामला सामने आया है. लोगों में लगता है अब इंसानियत ही नहीं बची है. मध्य प्रदेश के दमोह से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसे पूरे प्रशासन को ही हिला कर रख दिया है. मौके पर वहां के डीएम को माफी तक मांगनी पड़ी है. 

सरकार ने रैन बसेरों का इंतज़ाम किया हुआ है

देश के कई इलाकों में भीषण ठंड का प्रकोप शुरु हो गया है, मध्यप्रदेश के दमोह में ही ठंड ने क़हर बरपाना शुरु कर दिया है, रात के समय में कंपाने वाली ठंड हो रही है. भीषण ठंड को देखते हुए जिला अस्पताल सहित बस स्टैंड पर सरकार ने रैन बसेरों का इंतज़ाम किया हुआ है, ताकि मरीजों के तीमारदार और बाहरी यात्री ठंड से बच सकें. लेकिन इन बसेरों के इंतज़ाम में लगे नगर पालिका का स्टाफ़ और अफ़सर ने सरकार के मंसूबों पर पानी डालने में लगे हैं. 

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डीएम के सामने फूट-फूटकर रोया युवक

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दरअसल मध्यप्रदेश के दमोह के अस्पताल में अपने परिजन का इलाज कराने आए एक व्यक्ति को कर्मचारियों ने ठंड में रैनबसेरे के बाहर फेंक दिया. इतने में यहां अचानक निरिक्षण करने पहुंचे डीएम को देखकर युवक फूट-फूटकर रोने लगा. इस दौरान युवक ने डीएम को बताया कि साहब, ठंड में रहने नहीं दिया, बाहर निकाल दिया. 

 ‘सभी हम लोग जिम्मेदार हैं’

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इस मामले को देख दमोह के डीएम सुधीर कुमार कोचर आग बबूला हो गए, उन्होंने सबसे पहले तो युवक से इसके लिए माफी मांगी और ख़ुद को इसके लिए ज़िम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि “मैं क्या बोलूं हम सब इसके लिए ज़िम्मेदार हैं. नगर पालिका प्रशासन ज़िम्मेदार है. स्वास्थ विभाग ज़िम्मेदार है. सभी हम लोग जिम्मेदार हैं. जिस तरह से वो आदमी रोया है, हमे लगता है कि अगर हम मानव की गरिमा बनाकर नहीं रख सकते तो हमारे होने का कोई अर्थ ही नहीं है. इसीलिए जिस तरह से उसे भगाया गया, उसे सोने नहीं दिया गया, ये परिस्थितियां बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं. तो मैंने इसलिए कहा है इन लोगों को कि ये बिल्कुल नही चलेगा."

‘इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’

दमोह के डीएम ने आगे कहा, “इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मैं फिर कहूंगा की इसके ज़िम्मेदार हम हैं. एक भी नागरिक को कोई भी तकलीफ़ होती है, प्रशासनिक व्यवस्थाओं के कारण तो कलेक्टर और सीएमओ के साथ-साथ नगरपालिका इसके ज़िम्मेदार है. स्वास्थ विभाग ज़िम्मेदार है. ये हमारी जिम्मेदारी है कि सब कुछ ठीक हो.”

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कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए

बता दें कि इस घटना के बाद कर्मचारियों पर भी गाज गिरी. डीएम ने सीएमओ को तलब किया और कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए. साथ ही इनका वेतन भी रोकने का आदेश दिया. 

पहले से डीएम को मिल रही थी शिकायत 

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डीएम को लगातार इसकी शिकायत मिल रही थी, इसीलिए देर रात वो अचानक जिला अस्पताल के रैन बसेरे में पहुंच गए और शिकायत सही थी. यहां ताला लटका हुआ था. जिस तरह से डीएम ने एक्शन लिया है, उसकी खूब चर्चा हो रही है.

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इतना ही नहीं जिस तरह से डीएम ने इस घटना के लिए ख़ुद को ज़िम्मेदार बताया है वो भी चर्चा में आ गया है. डीएम ने साफ़ तौर पर कहा है कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

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