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स्कूल में 38 साल सेवा देने वाले दास अंकल की विदाई का दिल छू लेने वाला पल, वीडियो वायरल

38 साल तक स्कूल में सेवाएं देने वाले चपरासी दास अंकल की रिटायरमेंट पर आखिरी घंटी ने पूरे स्कूल को भावुक कर दिया. बच्चों और स्टाफ ने उन्हें तालियों और फूलों के साथ सम्मानित किया. उनका समर्पण और मेहनत सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए लाखों लोगों तक पहुंची, जिसे देखकर हर कोई उनकी निष्ठा की तारीफ कर रहा है.

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एक स्कूल के चपरासी ने 38 साल की नौकरी के बाद आखिरी बार घंटी बजाई, तो पूरा स्कूल भावुक हो गया. बच्चों की आंखों में आंसू आ गए और सबने तालियां बजाकर उन्हें विदाई दी. यह दिल छू लेने वाला पल वीडियो में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लाखों लोगों ने इसे देखा और कमेंट में लिखा कि यह सिर्फ घंटी नहीं, बल्कि यादों की गूंज है.

यह कहानी बेंगलुरु के बिशप कॉटन बॉयज स्कूल की है, जहां दास अंकल ने हर सुबह और शाम को स्कूल की शुरुआत और अंत किया.

दास अंकल की 38 साल की मेहनत

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दास अंकल ने 38 साल तक बिशप कॉटन स्कूल में चपरासी की नौकरी की. हर दिन सुबह की पहली घंटी से लेकर शाम की आखिरी घंटी तक, उन्होंने स्कूल को जीवंत रखा. बच्चे उन्हें प्यार से दास अंकल कहते थे. रिटायरमेंट के दिन उन्होंने आखिरी बार घंटी बजाई. वीडियो में दिखा कि वे घंटी बजाते हुए भावुक हो गए. स्कूल के प्रिंसिपल और स्टाफ ने कहा कि दास अंकल सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि स्कूल का हिस्सा थे. उन्होंने अनगिनत बच्चों की पढ़ाई को सजाया.

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बच्चों की तालियों से गूंजा स्कूल

रिटायरमेंट का आखिरी दिन था. दास अंकल ने घंटी बजाई, तो पूरा स्कूल तालियों से भर गया. बच्चे लाइन में खड़े थे, आंखों में नमी लिए मुस्कुरा रहे थे. वीडियो में साफ दिखा कि घंटी की आवाज के साथ ही भावुक माहौल बन गया. एक बच्चे ने कहा, "दास अंकल हमारी सुबह की शुरुआत थे. " स्टाफ ने उन्हें फूलों का हार पहनाया. यह पल इतना मार्मिक था कि देखने वाले भी रो पड़े. सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि यह वीडियो इंसानियत सिखाता है.

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वीडियो वायरल, इंटरनेट यूजर्स हुए भावुक

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @amikutty_ नाम की यूजर ने शेयर किया. अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोग इसे देख चुके हैं. 26 लाख से ज्यादा लाइक मिले हैं. ट्विटर पर भी #FarewellBell और #EmotionalFarewell जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "ये घंटी नहीं, 38 साल की यादें हैं. " एनडीटीवी और टाइम्स नाउ जैसी वेबसाइट्स ने भी इसे कवर किया. लोग कह रहे हैं कि छोटे-छोटे लोग भी बड़ा असर छोड़ते हैं.

ऐसी विदाई मिलना हर किसी का सपना

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दास अंकल की विदाई ने दिखाया कि सम्मान पद से नहीं, समर्पण से मिलता है. स्कूल ने उन्हें सम्मान पत्र दिया. बच्चे भविष्य में भी उन्हें याद रखेंगे. यह वीडियो स्कूल स्टाफ के योगदान को उजागर करता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे पल समाज को एकजुट करते हैं. दास अंकल अब रिटायर्ड लाइफ जिएंगे, लेकिन उनकी घंटी हमेशा गूंजती रहेगी.

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