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इजरायल में दिखा PM मोदी का भौकाल, PM संग सेल्फी के लिए लग गई इजरायली सांसदों में होड़!
PM मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित कर इतिहास रच दिया. वो पहले भारतीय सांसद हैं, जिन्होंने ऐसा किया है. उन्हें इजरायल की संसद के सर्वोच्च सम्मान से भी सम्मानित किया गया. इस दौरान पीएम मोदी संग सेल्फी के लिए इजरायली सांसदों की लाइन लग गई.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इजरायल के दो दिवसीय दौरे के दौरान यरूशलम में संसद नेसेट को संबोधित किया. इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने इजरायली संसद को संबोधित किया है. उनके इस दौरे की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. इतना ही नहीं प्रधानमंत्री के लिए इजरायली संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था. इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के गहरे संबंध, दोस्ती, प्यार और साझेदारी को रेखांकित किया.
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान भारत और PM मोदी के प्रति सम्मान और लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके भाषण के समाप्त होते ही इजरायली सासंदों और प्रतिनिधियों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई.
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PM संग सेल्फी को सांसदों की लगी लाइन
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आपको बताएं कि क्या महिला, क्या पुरुष, क्या युवा, क्या बुजुर्ग, हर इजरायली सांसद प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस पल को कैद करना चाहता था. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे में इजरायली संसद में जबरदस्त उत्साह का माहौल है. कैसे प्रधानमंत्री के भाषण के वक्त बार-बार स्टैंडिंग ओवेशन दिया जा रहा है, तालियां बज रही हैं. जब प्रधानमंत्री ने अपना भाषण समाप्त किया, उसके बाद उन्हें इजरायल के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित भी किया गया, उन्हें मेडल पहनाया गया. इसके बाद सेल्फी के लिए सांसदों की लाइन लग गई.
इजरायली संसद के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी
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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेसेट (इजरायली संसद) के सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया है. इजरायल की संसद ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके भाषण के दौरान 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' से सम्मानित किया. पीएम नरेंद्र मोदी इजरायल की संसद में मेडल से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिस सम्मान से नवाजा गया है, वह इजरायल की संसद नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है. भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में बेहतरीन योगदान के चलते प्रधानमंत्री को इस सम्मान से सम्मानित किया गया. इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद का आभार जताया.
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पीएम मोदी ने इजरायली सांसदों को किया भारत आमंत्रित!
संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे इस सम्मानित सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय संसद ने इजरायल के लिए एक पार्लियामेंट्री फॉरेन ग्रुप बनाया है. मैं आप सभी को भारत आने के लिए आमंत्रित करता हूं. साथ ही हमारे संसद सदस्यों के बीच और ज्यादा बातचीत होने की उम्मीद करता हूं.
इजरायल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "माननीय सदस्यों, पिछले कुछ वर्षों से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है. जल्द ही हम दुनिया की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे. हम ट्रेड बढ़ाने, इन्वेस्टमेंट फ्लो को मजबूत करने और जॉइंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
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नेसेट के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने किया PM मोदी का स्वागत
इजरायल की संसद नेसेट में अध्यक्ष महामहिम अमीर ओहाना ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया. ओहाना ने पीएम मोदी को औपचारिक सम्मान प्रदान किया. प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, विपक्ष के नेता यायर लापिड और अध्यक्ष ओहाना ने संसद को संबोधित किया. अपने संबोधन में सदस्यों ने भारत-इजरायल संबंधों के प्रति मजबूत द्विदलीय समर्थन व्यक्त किया.
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत स्पीकर को इस खास सम्मान के लिए धन्यवाद देकर की. उन्होंने 'स्पीकर ऑफ द नेसेट' मेडल से सम्मानित होने के लिए आभार व्यक्त किया, जिसे उन्होंने दोनों देशों की हमेशा रहने वाली दोस्ती और साझा लोकतांत्रिक परंपराओं को समर्पित किया.
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इजरायली संसद में क्या बोले PM मोदी
भारत और इजरायल के बीच मजबूत मित्रता संबंधों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक समानताओं पर आधारित समकालीन मजबूत साझेदारी भी है. उन्होंने कहा कि कृषि, ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन, सतत विकास और उद्यमिता में सहयोग पर आधारित सशक्त जन-से-जन संबंधों ने द्विपक्षीय रिश्तों को गतिशील स्वरूप दिया है. ऐतिहासिक संबंधों और दोनों देशों के बीच लोगों के दोतरफा आवागमन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजरायल में भारतीय समुदाय और भारत में यहूदी प्रवासी समुदाय ने दोनों देशों की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति!
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दोनों देशों की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर के आतंकी हमले के लिए संवेदना व्यक्त की और कहा कि ऐसी क्रूरता का कोई औचित्य नहीं हो सकता. उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए किए जाने वाले सभी प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन की पेशकश की. इस संदर्भ में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित गाजा शांति पहल के प्रति भारत के दृढ़ समर्थन का उल्लेख किया. बहुपक्षीय मंचों पर भारत और इजरायल के बीच जारी सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) और आईटूयूटू ढांचे में और गहन सहभागिता का आह्वान किया.
प्रधानमंत्री ने भारत की विकास गाथा को रेखांकित किया और व्यापार, निवेश, अवसंरचना विकास, हरित विकास, स्टार्ट-अप, डिजिटल समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में अधिक द्विपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवाओं की नवाचार क्षमता और रचनात्मकता को आगे बढ़ाया जा सके. द्विपक्षीय निवेश संधि के निष्कर्ष पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने अप्रयुक्त व्यापार क्षमता को साकार करने के लिए एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने का आह्वान किया.
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प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत में इजरायल के लिए गठित संसदीय मैत्री समूह का लाभ उठाते हुए दोनों जीवंत लोकतंत्रों के बीच संसदीय संवाद बढ़ाने का आग्रह किया. दोनों सभ्यताओं की मूल भावना में समानताओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का “वसुधैव कुटुंबकम” (सारी दुनिया एक परिवार है) और इजरायल का “टिक्कुन ओलम” (दुनिया को बेहतर बनाना) का सिद्धांत एक समरस समाज के प्रति साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है. प्रधानमंत्री ने नेसेट के सदस्यों का भारत-इजरायल संबंधों में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और आगामी पुरिम पर्व के लिए शुभकामनाएं दीं.