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Nation First...ऑपरेशन सिंदूर में शस्त्र और शास्त्र के मेल से भारत ने कैसे मारी बाजी, कर्नल सोफिया ने समझा दिया
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के पराक्रम से पूरी दुनिया को परिचय कराने वाली, पाकिस्तान की सबूतों और अपनी तार्किक क्षमता से धज्जियां उड़ाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने देश के युवाओं से बड़ी अपील की है. उन्होंने संस्कृत के श्लोक का जिक्र कर कहा कि कोई भी युद्ध सिर्फ शस्त्र से नहीं बल्कि शास्त्र से भी जीता जाता है. उन्होंने इसका मतलब भी उदाहरण के साथ समझाया.
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ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की बहादुरी का परिचय पूरी दुनिया के सामने पूरे दम-खम के साथ रखने वालीं कर्नल सोफिया कुरैशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने देश के युवाओं सेे बड़ी अपील की है. दिल्ली में आयोजित यंग लीडर्स फोरम को संबोधित करते हुए सोफिया ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सेनाओं का ही युद्ध नहीं था बल्कि जनभागीदारी का सर्वोच्च प्रदर्शन था. उन्होंने कहा कि इसमें देश के युवाओं, आम नागरिकों ने अपने-अपने तरीके से इस जंग में योगदान दिया.
'शस्त्र और शास्त्र का मेल था ऑपरेशन सिंदूर'
कर्नल कुरैशी ने इस दौरान कहा कि “राष्ट्र की रक्षा ज्ञान और शस्त्र दोनों से होती है.” उन्होंने इसका मतलब समझाते हुए कहा कि प्राचीन काल में हमारे गुरुकुलों में शास्त्र और शस्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी. कर्नल ने आगे बताया कि शास्त्र का अर्थ है ज्ञान, नीति और बुद्धिमत्ता; जबकि शस्त्र का अर्थ है युद्धकला और पराक्रम. भारतीय सेना ने सदैव इस संतुलन को बनाए रखा है, ज्ञान और शक्ति का अद्भुत संगम.
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इसे ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं ने इस दौरान अभूतपूर्व समन्वय दर्शाया. ये सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं थी बल्कि इसमे दुश्मन के वार को रोकने से लेकर जवाबी कार्रवाई तक की रणनीति शामिल थी.
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ऑपरेशन सिंदूर ने कैसे बदल दी युद्ध की अवधारणा?
कर्नल कुरैशी ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने युद्ध की अवधारणा ही बदल दी है. इसने सिद्ध किया कि शांति, स्थिरता और प्रगति युवाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है. यह भारत की मल्टी-डोमेन प्रिसिशन वॉरफेयर क्षमता का प्रमाण है, जिसे हम पाँचवीं पीढ़ी का युद्ध नीति (5th Generation Warfare) कहते हैं.
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उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन में केवल सीमा पर हमले शामिल नहीं थे बल्कि साइबर, ड्रोन, इन्फॉर्मेशन वारफेयर, सोशल मीडिया कैंपेन और नागरिक जागरूकता को भी एक युद्ध-क्षेत्र के रूप में तब्दील कर दिया. इस जंग का हिस्सा वे युवा भी रहे, जिन्होंने वर्दी में भी और एक आम नागरिक के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई.'
'युवा ही भारत की असली शक्ति'
युवाओं से बड़ी अपील करते हुए उन्होंने कहा कि, 'आप सभी युवा शक्ति ही भारत हैं, आप ही फोर्स मल्टिप्लायर हैं. आप केवल फायरपावर में प्रशिक्षित नहीं, बल्कि फायरवॉल्स (साइबर) में भी निपुण हैं. आप आज काइनेटिक (भौतिक) और नॉन-काइनेटिक (साइबर और सूचना युद्ध) दोनों प्रकार के संघर्षों के लिए तैयार हैं. याद रखिए, युद्ध अब केवल बंकरों या गोलियों से नहीं लड़ा जाता, बल्कि बाइट्स और बैंडविड्थ्स (इंटरनेट) से भी लड़ा जाता है.'
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आप वही पीढ़ी हैं जो विकसित भारत 2047 को साकार करेगी, एक ऐसा भारत जो पूरी तरह विकसित, सुरक्षित और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर होगा. वर्तमान में आप 2025 में हैं, और अगले 20 वर्षों में आप ही इस स्वप्न को साकार करेंगे.
'अगले 20 साल के लिए युवाओं के लिए फॉर्मूला'
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से बात करते हुए कर्नल सोफिया ने कहा कि भारत का भविष्य आपके हाथों में है. चाहे आप सैनिक हों, शिक्षक हों, कोडर हों या डिजाइनर, याद रखिए, सफलता केवल इच्छा से नहीं, बल्कि प्रयास से मिलती है. यह वह समय है जब आपको अगले 20 वर्षों के लिए अपनी दृष्टि (Vision) तय करनी होगी. मैं चाहती हूं कि आप 'A-B-C- KIDS' को याद रखें.
A – Agile और Alert रहें, सोच-समझकर कार्य करें.
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B – Bold और Brave बनें, विशेषकर झूठे नैरेटिव्स का सामना करते समय.
C – Courageous, Competent रहें और एक सशक्त Character बनाएं.
K (Kids) – Knowledge की कद्र करें, क्योंकि ज्ञान से ही सफलता मिलती है.
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I – Innovation, Ideas और Inspiration से दूसरों को प्रेरित करें.
D – Discipline और Dynamism अपनाएं, और सपनों को पंख दें.
S – सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें.
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कर्नल सोफिया ने अंत में कहा कि आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हमारी यह पीढ़ी भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाएगी. मैं आप सभी से अनुरोध करता हू कि एकजुट रहें, सतर्क रहें और देश को सदैव सर्वोपरि रखें.
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हमेशा ध्यान रखें, आप जो भी करें, उसमें राष्ट्र प्रथम की भावना हो, हर वक्त, हर पल, जय हिंद!