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‘इस्लाम में संगीत ही हराम, फिर ये पाकिस्तानी कैसै हुआ…’, बड़बोले पाकिस्तान की बैंड बजाते जगजीत सिंह का पुराना वीडियो वायरल, गर्व से सीना हो जाएगा चौड़ा
70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले जगजीत सिंह का पाकिस्तान और पाकिस्तानियों की बैंड बजाते वाला उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है. दरअसल उनसे भारतीय और पाकिस्तानी संगीत के बीच अंतर को लेकर सवाल किया गया था, जवाब में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का कोई संगीत नहीं है, वो सिर्फ़ भारत का संगीत है. उन्होंने अपनी दलील में इस्लाम का भी हवाला दिया था.
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22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया. दोनों देश ऐतिहासिक रूप से खराब संबंधों से गुजर रहे हैं. पाक अपने यहां आतंकी गतिविधियों को न सिर्फ बढ़ा रहा है बल्कि खुद को भारत के बराबर दिखाने के चक्कर में बर्बाद हो रहा है. उसकी हर चीज में कंपेयर करने की आदत रही है भले सच्चाई कुछ भी हो. यही कुछ उसका संगीत और कला के क्षेत्र में रहा है जहां वो दावे करता रहा है कि उसके लिखे गीतों और संगीतों को भारत के लेखक और गीतकार चोरी करते हैं. इन्हीं सवालों को जवाब देता मशहूर गजल गायक स्वर्गीय जगजीत सिंह का एक पुराना वीडियो मौजूदा समय में वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कथित पाकिस्तानी संगीत की उत्पत्ति पर बेबाक टिप्पणी की थी. इस वीडियो ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि पाकिस्तान की कथित सांस्कृतिक सर्वोच्चता और खुद को हिंदुस्तान से अलग दिखाने की कोशिश के जवाब के तौर पर देखा गया.
‘इस्लाम में संगीत ही हराम है फिर पाकिस्तान का कै हुआ’
वायरल वीडियो में जगजीत सिंह एक साक्षात्कार के दौरान भारत और पाकिस्तान के संगीत के बीच अंतर के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "भारत और पाकिस्तान की एक ही गायकी है. वो यहीं से गए हैं सारे. उनकी अपनी कोई गायकी नहीं है. पाकिस्तान का कोई संगीत नहीं है. वो सिर्फ भारत का संगीत है. जो संगीत कला है, वो भारत से उत्पन्न हुई है." उन्होंने आगे कहा कि राग और संगीतमय रचनाएँ भारत की देन हैं और इन्हें "देवताओं की रचना" बताया. जगजीत सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि इस्लाम में संगीत को लेकर कुछ संशय होने के बावजूद, पाकिस्तानी संगीत की जड़ें भारतीय परंपराओं में ही हैं.
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यह वीडियो, जो मूल रूप से वर्षों पुराना है, पहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. इसे इंस्टाग्राम, एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लाखों बार देखा गया. कई यूजर्स ने जगजीत सिंह को "सच्चा देशभक्त" करार देते हुए उनकी भारतीय संगीत के प्रति गर्व की भावना की सराहना की. एक यूजर ने लिखा, "जगजीत सिंह सिर्फ महान गायक ही नहीं, बल्कि सच्चे देशभक्त भी थे." वहीं, कुछ ने इसे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया. जगजीत सिंह का यह वीडियो उनकी मृत्यु के 14 साल बाद फिर से चर्चा में आया है. जगजीत सिंह के इस वीडियो ने न सिर्फ वास्तिवकता बयान की है बल्कि पाकिस्तान के बड़बोले और अनपढ़ अवाम सहित अर्ध शिक्षित कलाकारों के मुंह पर तगड़ा तमाचा है, जो जान बूझकर कथित टू नेशन थ्योरी को फ्लोट करते हैं बल्कि अपनी मूल पैदाइश को खारिज कर खुद को अरबी और टर्किश मूल से जोड़कर दिखाने की कोशिश करते हैं. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जगजीत सिंह सिर्फ अच्छे गायक ही नहीं थे बल्कि एक सच्चे देशभक्त भी थे. उनका ये वीडियो देख आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. जी हां, 70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले जगजीत सिंह पाकिस्तान और पाकिस्तानियों की कैसे बैंड बजाते थे, वो आपको ये स्टोरी पढ़कर समझ आ जाएगी.
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पहलगाम में धर्म पूछकर की गई थी हिंदू पर्यटकों की हत्या
पहलगाम हमला, जिसे 2008 के मुंबई हमले के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है, बाइसारन घाटी में हुआ. हमलावरों ने हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया और कथित तौर पर पीड़ितों से उनके नाम और धर्म पूछकर गोलीबारी की. इस हमले की जिम्मेदारी 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली, जिसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है. भारतीय ने इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने का दावा किया, जिसमें मुजफ्फराबाद और पंजाब में आतंकी सुरक्षित ठिकानों की बात सामने आई. इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया, जिसके बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमले किए.
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