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कर्तव्य पथ पर दिखा अद्भुत नजारा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM मोदी को विदेशी जवानों ने भी ठोकी सलामी, वायरल हो गया वीडियो

यूरोपीय संघ (EU) के Contingent ने भी भारत की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सलामी दी.

EU Contingent Salute on Kartavya Path
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भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस बार वंदे मातरम की 150 साल पुरानी विरासत थीम के आधार पर एक असाधारण मिश्रण देखने को मिल रहा है. इस अवसर पर रिपब्लिक डे परेड में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भी समारोह में भाग लिया, जो संस्थागत एकता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के समर्थन में यूरोपीय संघ की परिचालन उपस्थिति का प्रतीक है.

EU के कंटिंजेंट ने भारतीय सेना के जवानों के साथ कदमताल किया और इस अवसर पर अपनी मौजूदगी से पूरी दुनिया को एक संदेश दिया. तीन जिप्सी गाड़ियों पर यूरोपीय संघ (ईयू) के झंडे वाले Contingent ने भी भारत की राष्ट्रपति और तीन सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी दी.

EU के सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने भी दी सलामी

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यूरोपीय संघ (ईयू) के इस सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल फ्रेडरिक साइमन स्प्रुइज्ट ने किया, जो यूरोपीय संघ सैन्य स्टाफ (ईयूएमएस) के महानिदेशक की ओर से एक औपचारिक जिप्सी गाड़ी पर सवार थे. जैसे ही ईयू के जवानों ने सैल्यूट किया तो लोगों का जोश हाई हो गया.

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दूसरी औपचारिक जीप के साथ खड़ी दाईं ओर की गाड़ी पर यूरोपीय संघ का झंडा लगा था, जो 27 यूरोपीय संघ सदस्य देशों की संस्थागत एकता का प्रतीक है. इसके साथ ही यूरोपीय संघ सैन्य स्टाफ (ईयूएमएस) का झंडा भी लगा था, जो सुरक्षा और रक्षा के लिए यूरोपीय संघ के संस्थागत ढांचे के अंतर्गत स्थायी सैन्य निकाय है.

पहली गाड़ी के साथ खड़ी बाईं ओर की गाड़ी पर यूरोपीय संघ नौसेना बल अटलांटा और यूरोपीय संघ नौसेना बल एस्पाइड्स के झंडे लगे थे. ये दोनों यूरोपीय संघ के नौसैनिक अभियान हैं जो हिंद महासागर और लाल सागर क्षेत्रों में यूरोपीय संघ की साझा सुरक्षा और रक्षा नीति (सीएसडीपी) के तहत संचालित किए जाते हैं. ये झंडे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के समर्थन में यूरोपीय संघ की ऑपरेशनल मौजूदगी का प्रतीक हैं.

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आपको बता दें कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन से लेकर नेशनल वॉर मेमोरियल तक फैला कर्तव्य पथ भारत की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाने के लिए भव्य रूप से सजाया गया है. इस वर्ष के समारोहों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की विरासत, देश की अभूतपूर्व विकास यात्रा, मजबूत सैन्य शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और समाज के हर वर्ग की भागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला.

गणतंत्र दिवस पर गेस्ट रहे EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और EU परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा

गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. ये दोनों यूरोपीय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 27 जनवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं.

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भारत-EU में होगा मुक्त व्यापार समझौता

दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए यूरोपीय संघ (EU) और भारत आगामी शिखर सम्मेलन के दौरान ‘सिक्योरिटी एंड डिफेंस स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का अनावरण करने जा रहे हैं. इसके साथ ही दोनों पक्ष एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच गए हैं, इसकी पुष्टि एक ईयू अधिकारी ने की है.

इस शिखर सम्मेलन की सबसे अहम उपलब्धियों में यूरोपीय संघ की हाई रिप्रेजेंटेटिव फॉर फॉरेन एंड सिक्योरिटी पॉलिसी (HRVP) काजा कालास और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर शामिल होंगे. यह एशिया में यूरोपीय संघ द्वारा किया गया तीसरा ऐसा व्यापक समझौता होगा, इससे पहले ऐसे समझौते जापान और दक्षिण कोरिया के साथ किए जा चुके हैं.

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ली परेड की सलामी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया. जैसे ही तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान की मधुर धुन गूंजी और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया. 

गणतंत्र दिवस परेड में शानदार झांकी

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गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल हुईं, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा 13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां थीं. परेड की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई. झांकियों में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों की विरासत के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के बल पर देश की तेज़ विकास यात्रा और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली.

इस अवसर पर राष्ट्रपति के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अतिथियों का सलामी मंच पर स्वागत किया. परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति और मुख्य अतिथियों को भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट ने कर्तव्य पथ तक पहुंचाया. पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का भी स्वागत किया.

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यह परेड पिछले वर्ष हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है, जिसमें अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट विशेष आकर्षण होगी. फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, और एमआई-17 जैसे विमान अलग-अलग संरचनाओं में आसमान में करतब दिखाए.

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