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कन्याकुमारी समुद्री तट पर बहकर आया विशालकाय व्हेल शार्क का शव, जहाज से टक्कर के बाद मौत की आशंका, VIDEO वायरल

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में समुद्री तट पर एक विशालकाय व्हेल शार्क का शव कहीं से बहकर आया. कहा जा रहा है कि संभवता इसकी मौत जहाज से टक्कर होने की वजह से हुई होगी. इसे देखने पहुंचे लोग भी इसकी लंबाई देखने के बाद भौंचक्के रह गए.

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तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के मिडालम समुद्र तट पर बहकर आए विशालकाय व्हेल शार्क का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि शार्क ऐसा होता है. इसे देखने बीच के पास पहुंचे स्कूली बच्चों की उत्सुकता भी देखते ही बनती है. दरअसल मंगलवार को मिडालम तट पर इस व्हेल शार्क का शव बहकर कहीं से आ गया. जब व्हेल शार्क का विशाल शव किनारे पर बहकर आया, तो मिडालम के स्थानीय लोगों ने इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी. इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा फौरन इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई.

मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने शार्क के शव का निरीक्षण करने के बाद बताया कि संभवतः किसी जहाज़ से टकराने के कारण इस विशालकाय जीव की मृत्यु हुई है. आपको बता दें कि मौके पर पोस्टमार्टम के बाद शव को बीच में दफना दिया गया.

केरल के परवूर में दिखा था शार्क!

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इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक और वीडियो में दिखा कि इसी तरह का एक व्हेल शार्क केरल के परवूर दक्षिण भागम पल्लि के पश्चिम तट पर किनारे पर आ गई. यहां सर्फिंग कर रहे पर्यटकों ने स्थानीय लोगों की मदद से शार्क को वापस समुद्र में छोड़ दिया, लेकिन वह दोबारा किनारे लौट आई, जिसके बाद नाव की मदद से उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. घटना मंगलवार सुबह लगभग आठ बजे हुई. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि क्या दोनों शार्क एक ही हैं या नहीं. स्थानीय लोगों की जानकारी के बाद रेस्क्यूअर शंखुमुखम अजीत भी मौके पर पहुंचे थे.

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गुजरात से होता है शार्क का माइग्रेशन

कोल्लम फातिमा माता कॉलेज के जूलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. पी.जे. सरलीन के मुताबिक नवंबर महीने से गुजरात तट से व्हेल शार्क का प्रवास (माइग्रेशन) शुरू होता है. कई बार ये जालों में फंसकर तट पर आ पहुंचती हैं.

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क्या है व्हेल शार्क की खासियत?

आपको बता दें कि व्हेल शार्क दुनिया की सबसे बड़ी मछली है. इसकी लंबाई करीब 15 मीटर तक हो सकती है. यह अपने मुंह से पानी खींचकर, उसमें मौजूद छोटे केकड़ों जैसे जीवों और मछलियों को गिल रैकर्स की मदद से छानकर खाती है. इसके शरीर का रंग धूसर, नीला या हरेपन लिए भूरे रंग का होता है, जिस पर हल्के पीले या सफेद रंग के धब्बे दिखाई देते हैं.

लंबी दूरी तय करने में सक्षम व्हेल शार्क!

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इसका छोटा सा मुंह और बड़ा ऊपरी होंठ इसकी खास विशेषता है. इसका सिर चौड़ा और चपटा होता है. यह आमतौर पर गहरे समुद्र और प्रवाल भित्तियों (कोरल रीफ) के आसपास दिखाई देती है. यह बहुत लंबी दूरी तय करने वाली प्रजाति है. कोल्लम में जो शार्क किनारे आई थी, वह भी काफी बड़े आकार की थी. कुछ महीने पहले मुक्काड पल्लि के पास भी एक व्हेल शार्क मृत अवस्था में किनारे पर मिली थी.

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