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पार्लियामेंट में कंगना रनौत का ‘हिमाचली स्वैग’… संसद में पहनकर पहुंची ऐसा कोट, जो बन गया वोकल फॉर लोकल की मिसाल

2 महीने का समय, 6 महिला कारीगर और हिमालयी रंगों से तैयार एक कोट, जिसकी कीमत जानकर आपके होश पाख्ता हो जाएंगे. कंगना रनौत का Parliament Look आखिर इतना क्यों छाया है? जानें इनसाइड स्टोरी

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बॉलीवुड एक्ट्रेस और हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत फिल्मी पर्दे पर ही नहीं बल्कि पार्लियामेंट में भी जलवे बिखेरती हैं. साड़ी से लेकरल ओवरकोट तक… कंगना का सादगी भरा लुक, एलिगेंस और क्लास के साथ फैशन स्टेटमेंट सेट करता है. इस बार कंगना रनौत के ऊनी ओवरकोट ने सबका ध्यान खींचा. जो न केवल क्लासी था बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल बन गया. 

12 फरवरी गुरुवार को कंगना रनौत व्हाइट साड़ी और मल्टीकलर कोट पहनकर पार्लियामेंट पहुंची थी. उनका ये लुक सोशल मीडिया से लेकर अखबारों तक में छाया रहा. कंगना के इस कोट को ‘हिमाचली समकालीन कोट’ कहा जाता है. जिसे 6 महिला कारीगरों ने तैयार किया है. 

क्यों खास है कंगना रनौत का ‘हिमाचली समकालीन कोट’ 

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  • स्थानीय शिल्प कला और महिला कारीगरों के कौशल को सम्मान
  • कुल्लू की 6 महिला बुनकरों ने 2 महीने में किया तैयार 
  • पुष्पा ठाकुर, इंद्रा देवी, मनीषा ठाकुर, वंदना, पूनम सूद और मीना सूद ने किया तैयार 
  • इस कोट को देसी गद्दी ऊन से तैयार किया गया है 
  • यह परिधान पूरी तरह प्राकृतिक हिमालयी रंगों से तैयार किया गया है
  • हाथ से तैयार इस कोट की कीमत 45 हजार रुपए है 

‘हिमाचली समकालीन कोट’ पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक डिजाइन के साथ क्लासी और रिच लुक देता है. कंगना रनौत ने इस परिधान से हिमाचल की संस्कृति और समृद्ध पहचान को राष्ट्रीय मंच पर पेश किया. कुल्लू की महिला बुनकरों ने इस कोट को पारंपरिक तरीके से बनाया है, कलर से लेकर देसी ऊन तक, ये परिधान हिमाचली संस्कृति के साथ-साथ नेचर की भी पहचान बन गया. 

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रंगों में छुपा है बड़ा संदेश 

कंगना रनौत के कोट में इस्तेमाल किए गए रंग हिमालय की वादियों से प्रेरित हैं. कोट का नीला रंग पर्वतों के ऊपर नीले आकाश और पर्वतों के नीचे की शांत अल्पलाइन झीलों का प्रतीक है, साथ ही शांति का संदेश भी देता है. 

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कंगना रनौत का हिमाचली समकालीन कोट

वहीं, हरा रंग हिमाचल प्रदेश की प्रकृति, हरियाली, खेल खलिहान की खिलखिलाहट का प्रतीक है. कोट में इस्तेमाल अखरोट रंग बर्फीली चोटियों और शिखर से जुड़ा है. यानी इस कोट में बनाने से लेकर आकार देने तक… पूरे हिमाचल प्रदेश की झलक है. 

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कंगना रनौत ने संसद में इस कोट को पहनकर न केवल फैशन स्टेटमेंट सेट किया है बल्कि हिमाचल की कला, संस्कृति और कारीगरों को सम्मान भी दिया है. सांसद के तौर पर कंगना का ये कदम हिमाचल के लोकल कारीगरों को उत्साहित करने वाला है. 

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जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय कला, परिधान, संस्कृति को वैश्विक मंच पर पेश करते हैं. उनके ही नक्श ए कदम पर चलते हुए कंगना रनौत भी वोकल फॉर लोकल का संदेश बड़ी मजबूती से देती हैं. कंगना के हिमाचली समकालीन को सार्वजनिक मंच दिया है. जिससे हिमाचली कला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल सकती है. 

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